वित्त मंत्री सीतारमण की बैंकॉक में यूके के जॉन हीली से मुलाकात, दिसंबर में 14वीं EFD बैठक तय
सारांश
मुख्य बातें
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और ब्रिटेन के चांसलर ऑफ द एक्सचेकर जॉन हीली ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को बैंकॉक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों के दौरान द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत-यूके आर्थिक संबंधों को नई गहराई देने और 14वें आर्थिक एवं वित्तीय संवाद (EFD) को दिसंबर 2026 में आयोजित करने की पुष्टि की।
बैठक में क्या हुआ
वित्त मंत्रालय के आधिकारिक बयान के अनुसार, सीतारमण ने हीली को बताया कि भारत 14वें EFD को लेकर उत्साहित है, जिसमें महत्वपूर्ण खनिजों, ग्रीन टेक्नोलॉजी और शहर-क्षेत्र साझेदारियों में सहयोग को केंद्र में रखा जाएगा। दोनों पक्षों ने चौथे भारत-यूके वित्तीय बाज़ार संवाद, फिनटेक बैठकों और संबद्ध IUKFP बैठकों के सफल समापन पर भी संतोष व्यक्त किया।
बयान में स्पष्ट किया गया कि यह वार्ता पिछली EFD बैठक के नतीजों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से की गई थी।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र
पिछली EFD बैठक में यूके पक्ष ने अपनी आगामी औद्योगिक रणनीति से अवगत कराया था। उसमें बताया गया कि एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और लाइफ साइंसेज जैसे क्षेत्रों में यूके की विशेषज्ञता एवं शोध क्षमता, एक उभरते वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत की भूमिका को और मज़बूत कर सकती है। इसके अतिरिक्त, क्लीन एनर्जी, वित्तीय सेवाएँ, क्रिएटिव इंडस्ट्रीज, रक्षा क्षेत्र और प्रोफेशनल एवं बिज़नेस सेवाओं में साझेदारी से रोज़गार और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई गई।
रक्षा औद्योगिक रोडमैप पर नज़र
वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्ष 'भारत-यूके रक्षा औद्योगिक रोडमैप' पर हस्ताक्षर करने के लिए उत्सुक हैं। इस रोडमैप से औद्योगिक क्षेत्रों के बीच संपर्क मज़बूत होगा और आपूर्ति श्रृंखला को समर्थन मिलेगा। यह पहल ऐसे समय में आई है जब भारत अपने रक्षा निर्यात लक्ष्यों को आक्रामक ढंग से आगे बढ़ा रहा है।
सीतारमण ने इस अवसर पर साझा प्राथमिकताओं और एक रचनात्मक, समावेशी G20 प्रक्रिया की दिशा में यूके के साथ मिलकर काम करने के भारत के संकल्प को दोहराया।
बैंकॉक यात्रा का एजेंडा
सीतारमण 14 से 18 अक्टूबर 2026 तक बैंकॉक की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस दौरान वे IMF और विश्व बैंक समूह की वार्षिक बैठकों के साथ-साथ G20 और G7 देशों के वित्त मंत्रियों तथा केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठकों में भी भाग लेंगी।
इन बहुपक्षीय मंचों पर वैश्विक आर्थिक दृष्टिकोण, विकास की प्राथमिकताओं, मौजूदा वित्तीय क्षेत्र की चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहयोग पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
आगे की राह
गौरतलब है कि भारत और यूके के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता लंबे समय से जारी है। इस पृष्ठभूमि में EFD और रक्षा रोडमैप जैसी पहलें द्विपक्षीय संबंधों को नया आधार देने की कोशिश दर्शाती हैं। दिसंबर 2026 में होने वाली 14वीं EFD बैठक यह तय करेगी कि दोनों देश इन क्षेत्रों में कितनी ठोस प्रगति कर पाते हैं।