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दक्षिण कोरिया में हीटवेव का कहर: 10 साल में गर्मी से बीमार पड़ने वाले 3 गुना बढ़े

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दक्षिण कोरिया में हीटवेव का कहर: 10 साल में गर्मी से बीमार पड़ने वाले 3 गुना बढ़े

सारांश

दक्षिण कोरिया में 'इपचू' यानी परंपरागत शरद ऋतु की शुरुआत के बाद भी हीटवेव का कहर थमा नहीं है। KDCA के आँकड़े बताते हैं कि एक दशक में गर्मी से बीमार पड़ने वाले तीन गुना हो गए हैं और 2024 में 1,299 मामलों के साथ 12 मौतें हुईं — जलवायु परिवर्तन का सबसे ठोस सबूत।

मुख्य बातें

दक्षिण कोरिया में 'इपचू' से अगस्त के अंत तक गर्मी से बीमार पड़ने वाले 2011-2015 के औसत 215 से बढ़कर 2016-2020 में 658 प्रति वर्ष हो गए।
2024 में सबसे गंभीर स्थिति रही — 1,299 मामले और 12 मौतें इसी अवधि में दर्ज।
गर्मी से होने वाली मौतें 2012-2015 के सालाना औसत 3.3 से बढ़कर 2016-2025 में 4 से अधिक हो गईं।
इस वर्ष 7 अगस्त को 'इपचू' पड़ा, फिर भी तापमान 31-35 डिग्री सेल्सियस बना रहने का अनुमान।
स्वास्थ्य विभाग ने सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर न निकलने और बुजुर्गों-बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी।

दक्षिण कोरिया में गर्मी से जुड़ी बीमारियाँ अब केवल जुलाई तक सीमित नहीं रहीं — अगस्त 2025 के दूसरे पखवाड़े में भी हीटवेव का असर जारी है। सरकारी आँकड़ों के अनुसार, पारंपरिक रूप से शरद ऋतु की शुरुआत माने जाने वाले 'इपचू' काल से लेकर अगस्त के अंत तक गर्मी से बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या पिछले एक दशक में लगभग तीन गुना हो चुकी है।

मुख्य आँकड़े और रुझान

गृह मंत्रालय के अधीन एक शोध संस्थान ने कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी (KDCA) के डेटा का विश्लेषण किया। इसके अनुसार, 2011-2015 के बीच 'इपचू' से अगस्त के अंत तक हर साल औसतन 215 मामले सामने आते थे। यह संख्या 2016-2020 में बढ़कर सालाना औसत 658 हो गई, और 2021-2025 में 638 पर बनी रही — यानी नई ऊँचाई पर स्थिर।

गौरतलब है कि 'इपचू' पारंपरिक कोरियाई कैलेंडर में शरद ऋतु की शुरुआत का संकेत है। इस वर्ष यह 7 अगस्त को पड़ा। इसके बावजूद तापमान में कोई उल्लेखनीय राहत नहीं देखी गई, जो जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभाव को रेखांकित करता है।

मौतों में भी बढ़ोतरी

गर्मी से जुड़ी मौतों का आँकड़ा भी चिंताजनक दिशा में बढ़ा है। 2012-2015 के दौरान इस अवधि में सालाना औसतन 3.3 मौतें होती थीं, जो 2016-2025 के दशक में बढ़कर 4 से अधिक हो गई हैं। 2024 का साल विशेष रूप से गंभीर रहा — 'इपचू' से अगस्त के अंत तक 1,299 लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आए और 12 लोगों की मौत हुई।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष भी अगस्त के अंत तक हीटवेव का प्रभाव जारी रहने की आशंका है। देश भर में दिन का अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने का अनुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण कोरिया पहले से ही लंबे समय से चली आ रही गर्मी की लहरों से जूझ रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की सलाह

बढ़ते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। नागरिकों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने और ढीले-सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। आँकड़े स्पष्ट संकेत देते हैं कि पारंपरिक रूप से ठंडक की शुरुआत माने जाने वाले इस मौसम में भी अत्यधिक गर्मी अब दक्षिण कोरिया के लिए एक गंभीर और स्थायी स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एशिया में जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य प्रभावों का दर्पण हैं। 'इपचू' जैसे पारंपरिक मौसमी पड़ावों का अब कोई व्यावहारिक अर्थ नहीं रहा — यह तथ्य खुद बताता है कि मौसमी चक्र कितनी तेज़ी से बदल रहा है। भारत समेत दक्षिण एशिया के देशों को इस डेटा से सबक लेना चाहिए, क्योंकि हमारे यहाँ गर्मी से होने वाली मौतों की सटीक राष्ट्रीय ट्रैकिंग अभी भी अधूरी है। जब तक सरकारें हीट-हेल्थ डेटा को नीति से नहीं जोड़तीं, संख्याएँ बढ़ती रहेंगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दक्षिण कोरिया में हीटवेव से बीमारियाँ कितनी बढ़ी हैं?
KDCA के आँकड़ों के अनुसार, 'इपचू' से अगस्त के अंत तक गर्मी से बीमार पड़ने वालों का सालाना औसत 2011-2015 के 215 से बढ़कर 2016-2020 में 658 हो गया — यानी लगभग तीन गुना। 2024 में तो 1,299 मामले दर्ज हुए, जो अब तक की सबसे ऊँची संख्याओं में से एक है।
'इपचू' क्या है और इसका हीटवेव से क्या संबंध है?
'इपचू' पारंपरिक कोरियाई कैलेंडर में शरद ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है, जो इस वर्ष 7 अगस्त को पड़ा। परंपरागत रूप से इसके बाद गर्मी कम होने लगती थी, लेकिन अब आँकड़े दिखाते हैं कि इस काल में भी हीटवेव से बीमारियाँ और मौतें हो रही हैं।
2024 में दक्षिण कोरिया में गर्मी से कितनी मौतें हुईं?
2024 में 'इपचू' से अगस्त के अंत तक 12 लोगों की मौत गर्मी से जुड़ी बीमारियों के कारण हुई। इसी अवधि में 1,299 लोग बीमार पड़े, जो हालिया वर्षों में सर्वाधिक है।
इस साल अगस्त में दक्षिण कोरिया में मौसम कैसा रहने का अनुमान है?
मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के अंत तक हीटवेव जारी रहने की आशंका है और देश भर में अधिकतम तापमान 31 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। राहत की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।
गर्मी से बचाव के लिए दक्षिण कोरिया के स्वास्थ्य विभाग ने क्या सलाह दी है?
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और ढीले-सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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