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क्या इजरायल ने तेहरान में परमाणु अनुसंधान केंद्रों पर 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया?

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क्या इजरायल ने तेहरान में परमाणु अनुसंधान केंद्रों पर 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया?

सारांश

इजरायली वायुसेना ने तेहरान में 80 से अधिक ठिकानों पर हमला किया। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। क्या यह संघर्ष और बढ़ेगा?

मुख्य बातें

तेहरान में 80 से अधिक ठिकानों पर इजरायल का हमला।
परमाणु अनुसंधान केंद्रों को निशाना बनाया गया।
इजरायल का कहना है कि यह सुरक्षा के लिए आवश्यक था।
ईरान ने भी जवाबी हमले किए हैं।
संघर्ष के बढ़ने की संभावना।

यरूशलम, 15 जून (राष्ट्र प्रेस)। इजरायली वायुसेना के विमानों ने शनिवार-रविवार की रात ईरान की राजधानी तेहरान में 80 से अधिक ठिकानों पर हमले किए। इजरायली सेना के प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने रविवार को यह जानकारी दी। इस बीच, इजरायल ने लगातार तीसरे दिन भी इस्लामी गणराज्य पर हवाई हमले जारी रखे हैं।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, हमलों का सिलसिला शनिवार रात 10:45 बजे शुरू हुआ और रविवार सुबह तक जारी रहा। पत्रकारों को दिए गए एक ब्रीफिंग में डेफ्रिन ने कहा, "विमान ईरान के केंद्र तक हमारे द्वारा बनाए गए हवाई गलियारे से संचालित हुए।" उन्होंने कहा कि इजरायली बलों ने यमन में हूती स्थलों पर भी हमले किए।

उन्होंने कहा, "हम एक पल के लिए भी अपने हमले बंद नहीं कर रहे हैं।"

लक्ष्यों में एसपीएनडी (रक्षात्मक नवाचार और अनुसंधान का संगठन) शामिल था, जो तेहरान में एक संयंत्र है, जिसके बारे में इजरायली और पश्चिमी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि यह परमाणु हथियारों से संबंधित अनुसंधान में शामिल है।

वायु सेना ने यूरेनियम संवर्धन में उपयोग किए जाने वाले सेंट्रीफ्यूज उत्पादन के संयंत्रों को भी निशाना बनाया। रासायनिक पदार्थों के लिए एक अनुसंधान और विकास केंद्र, जिसके बारे में इजरायल का दावा है कि इसका उपयोग परमाणु हथियारों के लिए कच्चे माल का उत्पादन करने के लिए किया जाता था। साथ ही अन्य प्रयोगशालाएं, जिनमें, सेना के अनुसार, "परमाणु हथियारों के विकास में योगदान देने वाले अद्वितीय घटक और परियोजनाएं थीं।"

शिन्हुआ ने कहा, डिफ्रिन ने पुष्टि की कि वायु सेना ने तेहरान के पास ईंधन डिपो पर भी हमला किया।

शुक्रवार की सुबह हुए शुरुआती हमले के बाद से 250 से ज्यादा जगहों पर हमला किया गया है। डेफ्रिन ने कहा, "इस समय भी हम तेहरान में दर्जनों और ठिकानों पर हमला कर रहे हैं।"

"हम इजरायल के घरेलू मोर्चे पर खतरे को कम करने और उसे बाधित करने के लिए परमाणु कार्यक्रम और सैन्य क्षमताओं को होने वाले नुकसान को और बढ़ा रहे हैं।"

डेफ्रिन ने कहा कि शनिवार रात से ईरान ने लगभग 60 जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें और दर्जनों मानवरहित फाइटर प्लेन दागे। उन्होंने कहा कि हमलों में 10 नागरिक मारे गए। यमन में हूती बलों द्वारा दागी गई एक मिसाइल को इजरायली एयर डिफेंस सिस्टम्स ने रोक दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम इस संघर्ष के पीछे के कारणों को समझें। इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति से क्षेत्र में सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। हमें उम्मीद है कि सभी पक्ष बातचीत के माध्यम से समाधान खोजेंगे।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इजरायल ने क्यों हमला किया?
इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया है ताकि अपने घरेलू सुरक्षा को बढ़ा सके।
इस हमले में कितने लोग प्रभावित हुए?
हमलों में 10 नागरिक मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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