क्या तेहरान की सरकार गिरने के बाद इजरायल और ईरान मिलकर काम करेंगे?

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क्या तेहरान की सरकार गिरने के बाद इजरायल और ईरान मिलकर काम करेंगे?

सारांश

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि अगर तेहरान में नई सरकार बनती है, तो इजरायल और ईरान के रिश्ते सुधर सकते हैं। यह बयान ईरान के संसद अध्यक्ष की धमकी के बाद आया है।

Key Takeaways

  • नेतन्याहू का मानना है कि नई ईरानी सरकार से संबंधों में सुधार होगा।
  • ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन ने राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया है।
  • ईरानी संसद अध्यक्ष की धमकी ने तनाव को बढ़ाया है।

तेल अवीव, ११ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में चल रहे जबरदस्त विरोध प्रदर्शनों के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के मद्देनजर, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक सकारात्मक उम्मीद व्यक्त की है। उनका मानना है कि 'नई सरकार' के गठन से इजरायल और ईरान के बीच के संबंध बेहतर होंगे। यह उन्होंने अपनी कैबिनेट बैठक में कहा।

द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि तेहरान में सरकार गिरने के बाद, इजरायल और ईरान फिर से साझेदारी में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा, "हम ईरान के हिम्मती नागरिकों के साथ खड़े हैं और उन्हें आश्वासन देते हैं कि जब भी सरकार गिरती है, हम लोगों के भले के लिए मिलकर कार्य करेंगे।"

ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और बढ़ती मौतों के बीच नेतन्याहू ने कहा, "हमें उम्मीद है कि ईरान जल्द ही ज़ुल्म के बंधनों से मुक्त होगा, और जब ऐसा होगा, तो इजरायल और ईरान फिर से शांति और खुशहाली के लिए साझेदार बन जाएंगे।"

इस बीच, ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कालीबाफ की धमकी भी चर्चित रही। उन्होंने ट्रंप की चेतावनी का जवाब देते हुए कहा कि अगर अमेरिका इस्लामी गणराज्य पर हमला करता है, तो अमेरिकी सेना और इजरायल को निशाना बनाया जाएगा। कालीबाफ ने यह धमकी तब दी जब ईरानी संसद में सांसदों ने अमेरिका विरोधी नारे लगाए। ईरानी राज्य टेलीविजन ने इस सत्र का लाइव प्रसारण किया।

कालीबाफ एक कट्टरपंथी नेता हैं और पहले राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ चुके हैं। उन्होंने प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और ईरान की पैरामिलिट्री रिवॉल्यूशनरी गार्ड को दृढ़ रहने के लिए सराहा।

कालीबाफ ने कहा, "ईरान के लोगों को जानना चाहिए कि हम सख्ती से निपटेंगे और गिरफ्तार लोगों को सजा देंगे।" उन्होंने इजरायल को कब्जे वाला क्षेत्र बताते हुए कहा, "ईरान पर हमले की स्थिति में, सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध निशाने होंगे।"

Point of View

यह स्पष्ट है कि वर्तमान राजनीतिक स्थिति में ईरान और इजरायल के बीच बातचीत की संभावनाएं बढ़ रही हैं। जबकि नेतन्याहू के बयान में आशा है, ईरानी नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आक्रामकता से स्थिति की गंभीरता बढ़ सकती है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

क्या नेतन्याहू का बयान ईरान की स्थिति को प्रभावित करेगा?
नेतन्याहू का बयान सकारात्मक संकेत हो सकता है, लेकिन ईरान की आंतरिक राजनीति और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों की स्थिति को देखते हुए यह प्रभाव सीमित हो सकता है।
क्या ईरान और इजरायल के बीच संबंध सुधर सकते हैं?
यदि ईरान में सरकार बदलती है, तो संभवतः दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से ईरानी सरकार की नीतियों पर निर्भर करेगा।
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