ट्रंप का ऐतिहासिक दावा: दवाओं की कीमतों में अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी कटौती
सारांश
Key Takeaways
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 अप्रैल 2025 को अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी दवा मूल्य कटौती की घोषणा की।
- 17 प्रमुख फार्मा कंपनियाँ 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' नीति पर सहमत हुईं, जो ब्रांडेड दवा बाजार के 86%25 को कवर करती हैं।
- कोलेस्ट्रॉल दवा 537 डॉलर से 225 डॉलर और वजन घटाने की दवा 1,350 डॉलर से 199 डॉलर प्रति माह होगी।
- स्वास्थ्य सचिव RFK जूनियर ने बताया कि अमेरिका वैश्विक फार्मा उद्योग के 75%25 मुनाफे का स्रोत रहा है, जबकि उसकी आबादी सिर्फ 4.2%25 है।
- रीजेनेरॉन ने दुर्लभ बहरेपन के लिए जीन थेरेपी की घोषणा की, जो पात्र बच्चों को निःशुल्क दी जाएगी।
- इस नीति से 448 अरब डॉलर का दवा उत्पादन अमेरिका में आने की उम्मीद है।
वॉशिंगटन, 24 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 अप्रैल 2025 को व्हाइट हाउस से एक बड़ी घोषणा करते हुए दावा किया कि उनके प्रशासन ने पर्चे वाली दवाओं की कीमतों में "अमेरिकी इतिहास की सबसे बड़ी कटौती" सुनिश्चित की है। उन्होंने बताया कि दुनिया की 17 सबसे बड़ी फार्मास्युटिकल कंपनियों के साथ व्यापक समझौते किए गए हैं, जो ब्रांडेड दवा बाजार के लगभग 86 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हैं।
क्या है 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' नीति?
ट्रंप ने बताया कि प्रमुख फार्मा कंपनी रीजेनेरॉन सहित अन्य कंपनियाँ "मोस्ट फेवर्ड नेशन" मूल्य नीति के तहत दवाएं देने पर सहमत हो गई हैं। इस नीति का अर्थ है कि अमेरिकी मरीजों को दुनिया में कहीं भी उपलब्ध सबसे कम कीमतों पर दवाएं मिलेंगी। ट्रंप ने कहा, "कीमतें ऐसे स्तर तक गिरेंगी, जैसा पहले कभी नहीं देखा गया।"
उन्होंने यह भी कहा कि दशकों से अमेरिकी नागरिकों को पर्चे वाली दवाओं के लिए दुनिया में सर्वाधिक कीमतें चुकाने पर मजबूर किया जाता रहा है, जो अब बदलेगा।
कितनी घटेंगी दवाओं की कीमतें?
प्रशासन ने कुछ ठोस उदाहरण भी सामने रखे। एक कोलेस्ट्रॉल की दवा की कीमत 537 डॉलर से घटकर 225 डॉलर होगी, जबकि एक वजन घटाने की दवा की कीमत 1,350 डॉलर प्रति माह से घटकर 199 डॉलर प्रति माह तक आएगी। ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कुछ मामलों में कटौती 85 प्रतिशत तक हो सकती है।
सेंटर्स फॉर मेडिकेयर एंड मेडिकेड सर्विसेज के प्रशासक मेहमत ओज़ ने कहा कि हर तीन में से एक अमेरिकी नागरिक दवाएं खरीदने में असमर्थ होने के कारण बिना दवा लिए लौट जाता है। यह नीति उन्हीं लोगों के लिए राहत लेकर आई है।
स्वास्थ्य सचिव और अन्य अधिकारियों का समर्थन
स्वास्थ्य और मानव सेवा सचिव रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने इस कदम को दशकों से जारी "लूट" के खिलाफ एक ऐतिहासिक कार्रवाई बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि अमेरिका, जो दुनिया की आबादी का मात्र 4.2 प्रतिशत है, वैश्विक फार्मास्युटिकल उद्योग के 75 प्रतिशत मुनाफे का स्रोत रहा है — यह असंतुलन अब सुधारा जाएगा।
वाणिज्य सचिव हावर्ड लटनिक ने बताया कि यह नीति घरेलू दवा निर्माण को भी बढ़ावा देगी। उनके अनुसार, इस समझौते के परिणामस्वरूप 448 अरब डॉलर का दवा उत्पादन अमेरिका में आएगा, जिससे रोजगार और आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ेंगे।
रीजेनेरॉन की जीन थेरेपी: एक मानवीय पहल
रीजेनेरॉन के सीईओ लियोनार्ड श्लाइफ़र ने कहा कि कंपनी वैश्विक मूल्य संतुलन के प्रयासों का स्वेच्छा से समर्थन करती है। उन्होंने स्पष्ट किया, "हमें यहां आने के लिए मजबूर नहीं किया गया — हम खुशी से यहां हैं।"
कंपनी ने एक दुर्लभ प्रकार के बहरेपन के लिए जीन थेरेपी की भी घोषणा की, जो पात्र बच्चों को कुछ समय के लिए निःशुल्क दी जाएगी। जॉर्ज यानकोपोलोस ने इसे "अपनी तरह की पहली जीन थेरेपी" बताया। सिएरा स्मिथ, जिनके दो वर्षीय पुत्र को यह थेरेपी मिली, ने कहा, "अब वह सुन सकता है — यह जीवन बदल देने वाला है।"
गहन विश्लेषण: क्या यह वाकई ऐतिहासिक है?
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन टैरिफ विवादों और वैश्विक व्यापार तनाव के बीच घरेलू मोर्चे पर बड़ी जीत दिखाने की कोशिश में है। गौरतलब है कि 2003 में मेडिकेयर मॉडर्नाइजेशन एक्ट के तहत अमेरिकी सरकार को दवाओं की कीमतों पर सीधे बातचीत करने से रोका गया था, जिसे 2022 में इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट के जरिए आंशिक रूप से बदला गया। ट्रंप का यह कदम उसी दिशा में एक और बड़ी छलांग मानी जा रही है।
आलोचकों का कहना है कि इन समझौतों की कानूनी बाध्यता और दीर्घकालिक स्थिरता पर अभी स्पष्टता नहीं है। फार्मा उद्योग पहले भी ऐसे वादों से पलट चुका है। दूसरी ओर, 86 प्रतिशत बाजार को कवर करने वाले समझौते यदि लागू हुए, तो यह अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा की संरचना को मौलिक रूप से बदल सकते हैं।
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि शेष कंपनियों के साथ बातचीत अभी जारी है और आने वाले हफ्तों में और समझौतों की उम्मीद है।