ट्रंप का नया टैरिफ आदेश: कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर शुल्क 25% से घटाकर 15%
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत कई कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर लागू टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है, साथ ही अमेरिकी निर्मित इस्पात, एल्युमीनियम और तांबे का उपयोग करने वाले निर्माताओं के लिए प्रोत्साहन शर्तों को कड़ा किया गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, यह बदलाव पहले से लागू सेक्शन 232 टैरिफ ढाँचे में किया गया है, जिसे प्रशासन राष्ट्रीय सुरक्षा और घरेलू धातु उद्योग को मज़बूत करने के लिए आवश्यक मानता है।
मुख्य घटनाक्रम
नए आदेश के तहत हार्वेस्टर और कंबाइन जैसी कृषि मशीनों पर लगने वाला टैरिफ घटाकर 15 प्रतिशत किया गया है, और यह राहत 31 दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी। बुलडोज़र और फ़ोर्कलिफ़्ट जैसे मोबाइल औद्योगिक उपकरण भी इसी कम दर के दायरे में आएँगे — बशर्ते वे उन देशों से आयातित हों जिनके साथ अमेरिका का व्यापार समझौता है।
व्हाइट हाउस का कहना है कि इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों को राहत देना है जो इन मशीनों पर भारी निर्भर हैं, और साथ ही अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग में निवेश को प्रोत्साहित करना है।
घरेलू धातु शर्तों में बदलाव
आदेश ने उस सीमा को भी संशोधित किया है जो यह तय करती है कि किसी उत्पाद में कितना अमेरिकी स्टील, एल्युमिनियम या कॉपर होना चाहिए ताकि उसे कर छूट मिल सके। पहले यह सीमा 95 प्रतिशत थी, जिसे अब घटाकर 85 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका अर्थ है कि अपेक्षाकृत कम अमेरिकी धातु सामग्री वाले उत्पादों को भी अब छूट का लाभ मिल सकेगा।
साथ ही, एल्युमिनियम लिथोग्राफिक प्लेट्स और स्टील रैक्स जैसी कुछ नई वस्तुओं को टैरिफ सूची में जोड़ा गया है। प्रशासन का तर्क है कि इससे कंपनियाँ नियमों में रास्ता निकालकर बच नहीं पाएँगी और मौजूदा टैरिफ ढाँचा अधिक मज़बूत बनेगा।
उद्योगों पर असर
व्हाइट हाउस ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिमों से बेहतर ढंग से निपटने और अमेरिका के कृषि, हाउसिंग तथा मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। प्रशासन के अनुसार, किसानों को खेती के लिए मशीनरी आवश्यक है, निर्माण क्षेत्र देश के विकास का आधार है, और कारख़ानों के लिए मटेरियल-हैंडलिंग उपकरण अहम हैं।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ट्रंप प्रशासन एक ओर व्यापक टैरिफ नीति को मज़बूत कर रहा है, और दूसरी ओर घरेलू उद्योगों की लागत-शिकायतों को संतुलित करने का प्रयास कर रहा है।
स्टील और एल्युमिनियम क्षेत्र में निवेश
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, अमेरिका 2025 में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टील उत्पादक बन गया है, और अगले दो वर्षों में नई स्टील-उत्पादन क्षमता और बढ़ने की उम्मीद है। वेस्ट वर्जीनिया, अरकंसास और साउथ कैरोलिना जैसे राज्यों में नई फ़ैक्टरियाँ और निवेश आ रहे हैं।
एल्युमिनियम और कॉपर क्षेत्र में भी विस्तार जारी है। सेंचुरी एल्युमिनियम और एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम मिलकर ओक्लाहोमा में एक नया एल्युमिनियम संयंत्र स्थापित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त हाईलैंड कॉपर, इवानहो इलेक्ट्रिक, रियो टिंटो और वीलैंड जैसी कंपनियाँ भी अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रही हैं।
क्या होगा आगे
कम टैरिफ दरें 31 दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेंगी, जिसके बाद इनकी समीक्षा की जा सकती है। आलोचकों का कहना है कि घरेलू-सामग्री सीमा को 95% से 85% पर लाने से छूट का दायरा बढ़ेगा, लेकिन इससे ‘मेड इन अमेरिका’ लक्ष्य कितनी मज़बूती से पूरा होगा, यह आने वाले महीनों में स्पष्ट होगा।