22 सितंबर 2026
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ट्रंप का बड़ा ऐलान: ग्रीनलैंड में बनेंगे दो अमेरिकी सैन्य अड्डे, आर्कटिक सुरक्षा पर स्थायी नियंत्रण

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ट्रंप का बड़ा ऐलान: ग्रीनलैंड में बनेंगे दो अमेरिकी सैन्य अड्डे, आर्कटिक सुरक्षा पर स्थायी नियंत्रण

सारांश

ट्रंप ने UNGA मंच से ग्रीनलैंड में दो बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डों के निर्माण का ऐलान किया — डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ हुए इस 'अभूतपूर्व' समझौते से वाशिंगटन को आर्कटिक की सुरक्षा पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा और अमेरिकी विरोधियों की वहाँ पहुँच पर रोक लगेगी।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 सितंबर 2026 को UNGA में ग्रीनलैंड में दो बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे बनाने की घोषणा की।
डेनमार्क साम्राज्य और ग्रीनलैंड के साथ हुए समझौते के तहत अमेरिका को आर्कटिक द्वीप की सुरक्षा पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा।
अमेरिकी विरोधी देशों को ग्रीनलैंड में सैन्य उपस्थिति और संवेदनशील निवेश से रोका जाएगा — अमेरिकी लिखित स्वीकृति अनिवार्य होगी।
ट्रंप ने समझौते को नाटो के व्यापक सैन्य सुदृढ़ीकरण और महासचिव मार्क रुट्टे के नेतृत्व से जोड़ा।
समझौते पर 22 सितंबर 2026 को ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी; सैन्य अड्डों की विस्तृत समय-सीमा अभी घोषित नहीं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अमेरिका ग्रीनलैंड में दो बड़े सैन्य अड्डे स्थापित करेगा। डेनमार्क साम्राज्य और ग्रीनलैंड की सरकार के साथ हुए इस समझौते के तहत वाशिंगटन को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण आर्कटिक द्वीप की सुरक्षा पर स्थायी नियंत्रण प्राप्त होगा। ट्रंप ने इस समझौते को 'अभूतपूर्व' करार दिया और कहा कि इस पर उसी दिन बाद में हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी।

घोषणा का विवरण

ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में स्पष्ट किया कि वाशिंगटन ग्रीनलैंड में उपयुक्त स्थानों पर अपनी सैन्य उपस्थिति को 'काफी हद तक बढ़ाना' शुरू करेगा। उन्होंने कहा, 'हम उपयुक्त स्थानों पर बड़ी सैन्य उपस्थिति स्थापित करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू करेंगे — हम दो बहुत बड़े सैन्य अड्डे बनाएंगे।' इस समझौते के अंतर्गत अमेरिका को उत्तरी अमेरिका और यूरोप की रक्षा के लिए 'आवश्यक सभी कदम उठाने की पूरी क्षमता' मिलेगी।

प्रतिबंध और शर्तें

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन देशों को वाशिंगटन अपना शत्रु मानता है, उन्हें ग्रीनलैंड में सैन्य उपस्थिति स्थापित करने से रोका जाएगा। उन्होंने कहा कि 'अमेरिका की स्पष्ट लिखित स्वीकृति के बिना किसी भी अमेरिकी विरोधी को ग्रीनलैंड में संवेदनशील निवेश करने की अनुमति नहीं होगी।' हालाँकि, उन्होंने उन देशों के नाम नहीं बताए जिन पर ये प्रतिबंध लागू होंगे।

आर्कटिक में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा

यह ऐसे समय में आया है जब आर्कटिक क्षेत्र में महाशक्तियों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। अमेरिका पहले भी इस क्षेत्र में अपनी बढ़ती चिंता सार्वजनिक रूप से व्यक्त कर चुका है। गौरतलब है कि ट्रंप अपने पहले कार्यकाल से ही ग्रीनलैंड को लेकर असाधारण रुचि दिखाते रहे हैं — इस समझौते को उसी दीर्घकालिक भू-राजनीतिक दृष्टिकोण की परिणति के रूप में देखा जा रहा है।

नाटो से जुड़ाव

ट्रंप ने इस समझौते को नाटो के व्यापक सैन्य सुदृढ़ीकरण से भी जोड़ा। उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रुट्टे की प्रशंसा की और गठबंधन द्वारा रक्षा खर्च के लक्ष्यों को बढ़ाने की दिशा में उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, ग्रीनलैंड में अमेरिकी उपस्थिति का विस्तार यूरोप और अमेरिका — दोनों की सामूहिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।

आगे क्या होगा

समझौते पर 22 सितंबर 2026 को ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी। ट्रंप ने कहा कि वे डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों और सरकारों के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। सैन्य अड्डों के निर्माण की समय-सीमा और विस्तृत शर्तें अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं, लेकिन विशेषज्ञों की नज़रें इस बात पर टिकी हैं कि यह समझौता आर्कटिक शासन और उत्तर अटलांटिक सुरक्षा ढाँचे को किस दिशा में ले जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो चीन और रूस की उत्तरी उपस्थिति को सीधे चुनौती देता है। हालाँकि ट्रंप ने 'शत्रु देशों' का नाम नहीं लिया, संदर्भ स्पष्ट है। असली सवाल यह है कि क्या ग्रीनलैंड की स्वायत्त जनता — जो दशकों से अधिक स्वतंत्रता की माँग करती रही है — इस समझौते को अपनी सहमति मानती है या बाहरी दबाव। समझौते की शर्तें सार्वजनिक न होने से पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं जिन्हें मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ग्रीनलैंड में कितने सैन्य अड्डे बनाने का ऐलान किया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रीनलैंड में दो बड़े अमेरिकी सैन्य अड्डे बनाने की घोषणा की। यह ऐलान 22 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से किया गया।
ग्रीनलैंड-अमेरिका सैन्य समझौते में क्या शामिल है?
इस समझौते के तहत अमेरिका को ग्रीनलैंड की सुरक्षा और संबंधित ज़रूरतों पर स्थायी नियंत्रण मिलेगा। साथ ही, अमेरिकी विरोधी देशों को वहाँ सैन्य उपस्थिति या संवेदनशील निवेश के लिए वाशिंगटन की लिखित अनुमति लेनी होगी।
यह समझौता आर्कटिक सुरक्षा के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
आर्कटिक क्षेत्र में महाशक्तियों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज़ी से बढ़ रही है। ग्रीनलैंड उत्तरी अमेरिका और यूरोप के बीच भू-रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, और अमेरिकी सैन्य उपस्थिति इस क्षेत्र में शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
इस समझौते का नाटो से क्या संबंध है?
ट्रंप ने ग्रीनलैंड समझौते को नाटो के व्यापक सैन्य सुदृढ़ीकरण से जोड़ा। उन्होंने नाटो महासचिव मार्क रुट्टे की प्रशंसा की और कहा कि यह विस्तार यूरोप और अमेरिका की सामूहिक सुरक्षा को मज़बूत करेगा।
सैन्य अड्डों का निर्माण कब शुरू होगा?
ट्रंप ने कहा कि सैन्य उपस्थिति बढ़ाने की प्रक्रिया 'तुरंत' शुरू होगी। समझौते पर 22 सितंबर 2026 को ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद थी, हालाँकि अड्डों की विस्तृत समय-सीमा अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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