दीपावली पर देशभर में ₹5 लाख करोड़ के कारोबार का अनुमान, दिल्ली में ₹80,000 करोड़ की खरीदारी की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
व्यापार और उद्योग मंडल (CTI) के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने 7 नवंबर 2026 को बताया कि इस दीपावली पर खरीदारी और सेवाओं के माध्यम से देशभर में लगभग ₹5 लाख करोड़ का कारोबार होने का अनुमान है। नई दिल्ली के व्यापारियों को अकेले दीपावली की बिक्री से ₹80,000 करोड़ का कारोबार मिलने की उम्मीद है, जो पिछले एक महीने के धरने-प्रदर्शनों से हुए नुकसान की भरपाई में सहायक हो सकता है।
कारोबारी आकलन का आधार
CTI ने यह अनुमान होटल एवं बैंक्वेट एसोसिएशन, रेस्टोरेंट एवं मॉल एसोसिएशन, सिनेमा एसोसिएशन, कार डीलर्स एसोसिएशन, मेकअप एवं सैलून एसोसिएशन, टूर एवं ट्रेवल एसोसिएशन और विभिन्न मार्केट एवं इंडस्ट्री एसोसिएशनों से विचार-विमर्श के बाद तैयार किया है।
संगठन के अनुसार, दीपावली उत्सव के दौरान छोटी से लेकर उच्च श्रेणी तक लगभग 5 करोड़ उपहारों का आदान-प्रदान होता है, जो समग्र बिक्री में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र में बड़ी उछाल
ऑटोमोबाइल क्षेत्र के शीर्ष संगठन द्वारा हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, कुल खुदरा वाहन बिक्री में 55 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। श्रेणीवार आँकड़ों के अनुसार टू-व्हीलर में 52%, थ्री-व्हीलर में 110%, वाणिज्यिक वाहनों में 48%, निजी वाहनों में 70% और ट्रैक्टरों में 58% की वृद्धि हुई है।
यह ऐसे समय में आया है जब उपभोक्ता खर्च में त्योहारी उत्साह स्पष्ट रूप से दिख रहा है और वाहन निर्माता कंपनियों के शोरूम में भीड़ उमड़ रही है।
भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता
CTI ने बयान में कहा कि इस वर्ष दीपावली में भारत में निर्मित वस्तुओं की खरीद और बिक्री पर विशेष जोर है। मिट्टी के दीये, देव प्रतिमाएँ, दीवार पर लटकने वाले हस्तशिल्प, पारंपरिक सौभाग्य प्रतीक, देवी लक्ष्मी और श्री गणेश की पूजा सामग्री — इन सभी वस्तुओं के ज़रिये स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और कुशल कलाकारों को बड़ा बाज़ार मिल रहा है।
इसके साथ ही एफएमसीजी सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, कपड़ा, रेडीमेड वस्त्र, मिष्ठान्न-नमकीन, होम फर्निशिंग, फर्नीचर, सौंदर्य प्रसाधन, डेयरी उत्पाद, खाद्यान्न, साइकिल और गोटा-जरी जैसे विविध क्षेत्रों में भी बड़े कारोबार की संभावना जताई जा रही है।
दिल्ली के बाज़ारों में दीपावली का उत्साह
बृजेश गोयल ने बताया कि दिल्ली के चांदनी चौक, दरीबा कलां, सदर बाज़ार, कमला नगर, राजौरी गार्डन, साउथ एक्सटेंशन, लाजपत नगर, शाहदरा और लक्ष्मी नगर सहित विभिन्न बाज़ारों में खरीदारी के लिए अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है।
गौरतलब है कि 1 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक दिल्ली में धरने-प्रदर्शनों और रैलियों के कारण व्यापार को लगभग ₹14,000 करोड़ का नुकसान हुआ था। व्यापारी वर्ग अब दीपावली की बंपर बिक्री से उस नुकसान की भरपाई की उम्मीद लगाए बैठा है।
आगे क्या
दीपावली का त्योहार इस वर्ष उपभोक्ता माँग की एक बड़ी परीक्षा है। यदि ₹5 लाख करोड़ का अनुमान साकार होता है, तो यह देश की खुदरा और विनिर्माण अर्थव्यवस्था के लिए मज़बूत संकेत होगा। व्यापारी संगठनों की नज़र अब उत्सव के बाद के बिक्री आँकड़ों पर टिकी है, जो वास्तविक आर्थिक हलचल की सही तस्वीर पेश करेंगे।