ट्रंप का दावा: ईरान का संवर्धित यूरेनियम अमेरिका को सौंपकर नष्ट होगा, आईएईए रहेगी गवाह
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान का संवर्धित यूरेनियम या तो अमेरिका को सौंपकर नष्ट किया जाएगा, या ईरान की सहमति से मौके पर ही समाप्त किया जाएगा — और इस पूरी प्रक्रिया में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) गवाह के रूप में मौजूद रहेगी। ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर 26 मई 2026 को पोस्ट किया।
ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'एनरिच्ड यूरेनियम (न्यूक्लियर डस्ट) को या तो तुरंत अमेरिका को सौंप दिया जाएगा, ताकि उसे देश में लाकर नष्ट किया जा सके, या बेहतर यह होगा कि ईरान के इस्लामिक गणराज्य के साथ मिलकर और उनकी सहमति से उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया जाए, या किसी अन्य स्वीकार्य स्थान पर। इस प्रक्रिया में एटॉमिक एनर्जी कमीशन या उसके बराबर की कोई संस्था मौजूद रहेगी, गवाह के रूप में।' उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने यह नहीं बताया कि यह संवर्धित यूरेनियम कितनी मात्रा में है।
ईरान का रुख
सोमवार को ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने स्पष्ट किया कि तेहरान ने अपने देश से एनरिच्ड यूरेनियम बाहर भेजने पर कोई सहमति नहीं दी है। तस्नीम ने सऊदी अरब के अल हदथ चैनल की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि ईरान अपना उच्च-संवर्धित यूरेनियम देश से बाहर भेजने को तैयार है।
तस्नीम के अनुसार, 'अब तक मौजूद एमओयू के मसौदे में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि ईरान परमाणु सामग्री को बाहर भेजने के लिए तैयार है, और ईरान ने इस तरह की किसी भी परमाणु कार्रवाई के लिए कोई प्रतिबद्धता नहीं दी है।'
संभावित समझौते की रूपरेखा
वॉशिंगटन पोस्ट ने एक ईरानी अधिकारी के हवाले से सोमवार को रिपोर्ट किया कि संभावित समझौते के पहले चरण में अमेरिका 12 अरब डॉलर की जब्त ईरानी संपत्ति जारी करेगा, होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा, और अमेरिकी पाबंदियाँ हटाई जाएंगी। हालाँकि उसी ईरानी अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस समझौते में कोई परमाणु समझौता शामिल नहीं है।
आईएईए की भूमिका
आईएईए पहले भी ईरान की परमाणु गतिविधियों पर अलग-अलग निरीक्षण व्यवस्थाओं के तहत नज़र रखती रही है। ट्रंप के बयान में 'एटॉमिक एनर्जी कमीशन या उसके बराबर की संस्था' का उल्लेख आईएईए की ओर इशारा माना जा रहा है, हालाँकि उन्होंने सीधे नाम नहीं लिया। यह ऐसे समय में आया है जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच परमाणु वार्ता को लेकर कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हैं।
आगे की स्थिति
दोनों पक्षों के बीच एमओयू के मसौदे पर बातचीत जारी है, लेकिन संवर्धित यूरेनियम के भविष्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बयानों में स्पष्ट अंतर्विरोध बना हुआ है। गौरतलब है कि ट्रंप के दावे और तेहरान के आधिकारिक रुख के बीच की यह खाई किसी भी संभावित परमाणु समझौते की राह में बड़ी बाधा बन सकती है।