ट्रंप का दावा: सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के लिए ईरान को दी एक हफ्ते की मोहलत
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 जुलाई को माउंट रशमोर, दक्षिण डकोटा में अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में दिए संबोधन में दावा किया कि उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार की रस्में पूरी करने के लिए ईरान को एक हफ्ते की अस्थायी राहत दी है। ट्रंप ने कहा कि यह राहत 'मानवीय कारणों' से दी गई, लेकिन इसके तुरंत बाद ईरान को अमेरिकी शर्तें माननी होंगी।
माउंट रशमोर से क्या बोले ट्रंप
शुक्रवार रात स्थानीय समयानुसार दिए गए अपने संबोधन में ट्रंप ने कहा, 'हमने ईरान को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। कुछ समय पहले तक वे मध्य पूर्व में तबाही मचा रहे थे, लेकिन हमने उन्हें घुटनों पर ला दिया। अब वे किसी भी कीमत पर हमसे समझौता करना चाहते हैं।' उन्होंने आगे कहा कि ईरान को 'वीक ऑफ' इसलिए दिया गया 'क्योंकि हम अच्छे लोग हैं', लेकिन इस अवधि के समाप्त होते ही ईरान को अमेरिकी शर्तों के सामने झुकना होगा।
पश्चिम एशिया तनाव और ईरानी नेतृत्व पर दावे
ट्रंप ने दावा किया कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी कार्रवाइयों के कारण ईरानी नेतृत्व 'कमजोर' हुआ है और वे 'समझौता करने को मजबूर' हैं। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु और क्षेत्रीय मुद्दों पर कूटनीतिक तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि ट्रंप के इस तरह के बयान पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद का कारण बनते रहे हैं।
वेनेजुएला और अमेरिकी सैन्य शक्ति पर दावे
अपने संबोधन में ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने वेनेजुएला जैसे देशों में भी त्वरित कार्रवाई करते हुए 'विजय' हासिल की है और अमेरिकी सैन्य शक्ति को और मजबूत किया गया है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी निशाना साधा और उन्हें प्रशासनिक अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया।
अर्थव्यवस्था पर बड़े दावे
ट्रंप ने अपने कार्यकाल में रिकॉर्ड निवेश और औद्योगिक विकास का दावा करते हुए कहा, 'नई नीतियों और टैरिफ के कारण देश में कारखानों और निवेश में अभूतपूर्व वृद्धि हो रही है, और अमेरिका अब दुनिया का सबसे मजबूत और आकर्षक देश बन गया है।' हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
आगे क्या
ट्रंप के इस बयान के बाद कूटनीतिक विशेषज्ञों की नज़रें इस पर टिकी हैं कि ईरान इस 'एक हफ्ते की मोहलत' के बाद किस तरह की प्रतिक्रिया देता है। अमेरिका-ईरान संबंधों में यह नया मोड़ पश्चिम एशिया की भू-राजनीति पर दूरगामी असर डाल सकता है।