ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष के कारण अपनी बीजिंग यात्रा को टाला
सारांश
Key Takeaways
- ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष के कारण चीन की यात्रा टाली।
- वर्तमान युद्ध की स्थिति में वॉशिंगटन में रहना आवश्यक।
- ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर हुई है।
- युद्ध जल्द समाप्त होने की संभावना।
- बाजार पर असर पड़ेगा, लेकिन यह बड़ी कीमत नहीं है।
वॉशिंगटन, १७ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान से जुड़ा युद्ध जल्द ही समाप्त हो सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस संघर्ष के कारण उन्होंने चीन की अपनी निर्धारित यात्रा को फिलहाल टालने का निर्णय लिया है, क्योंकि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें वॉशिंगटन में रहना आवश्यक महसूस हो रहा है।
जब ओवल ऑफिस में पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप से पूछा गया कि क्या यह युद्ध इसी सप्ताह समाप्त हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है, लेकिन यह ज्यादा लंबा नहीं चलेगा। उनके अनुसार, जब यह युद्ध समाप्त होगा, तो दुनिया पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगी।
ट्रंप ने बताया कि उन्होंने चीन से अपनी यात्रा को लगभग एक महीने के लिए टालने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि वे चीन के साथ संवाद कर रहे हैं और वहाँ जाना चाहते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए उन्हें अमेरिका में रहना आवश्यक लग रहा है। इसलिए उन्होंने यात्रा को करीब एक महीने के लिए आगे बढ़ाने की बात कही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा २८ मार्च से १ अप्रैल के बीच निर्धारित थी, लेकिन अब नई तारीखों की घोषणा नहीं की गई है।
ट्रंप ने कहा कि वे चीन जाने के लिए उत्सुक हैं और दोनों देशों के बीच संबंध भी अच्छे हैं। लेकिन वर्तमान युद्ध की स्थिति में उनका अमेरिका में रहना अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई खास रणनीति या चाल नहीं है, बात सीधी है कि युद्ध चल रहा है और ऐसे समय में उनका वॉशिंगटन में मौजूद रहना आवश्यक है।
ट्रंप ने ये बातें उस समय कहीं जब उन्होंने ओवल ऑफिस में घरेलू धोखाधड़ी से जुड़ा एक ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद पत्रकारों के साथ हुई लंबी बातचीत में ज्यादातर सवाल ईरान और चल रहे सैन्य अभियान पर केंद्रित रहे।
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम उठाना आवश्यक था, भले ही वे खुद युद्ध से बचना चाहते थे। उन्होंने कहा कि उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा और वे खुद भी ऐसा रास्ता नहीं अपनाना चाहते थे।
उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के हित में की गई है। उनके अनुसार, यह काम दुनिया की सुरक्षा के लिए किया गया है।
उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई को व्यापक संदर्भ में रखते हुए कहा: "लेकिन हमने दुनिया के लिए काम किया, अपने लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए। अगर कार्रवाई न की जाती तो इसके कहीं ज़्यादा गंभीर परिणाम होते। अगर मैंने वह न किया होता जो मैंने किया तो हम पर हमला हो चुका होता।"
राष्ट्रपति ने दावा किया कि इस संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि अब ईरान के पास प्रभावी नौसेना नहीं है, वायुसेना नहीं है, हवाई हमलों से बचाव के हथियार नहीं हैं और नेतृत्व भी कमजोर पड़ गया है।
ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस स्थिति का असर शेयर बाजार पर ज्यादा पड़ेगा। लेकिन उनके अनुसार, अगर बाजार पर थोड़े समय के लिए असर पड़ता भी है तो यह बहुत बड़ी कीमत नहीं है।
उन्होंने कहा कि सच कहें तो उन्हें लगा था कि शेयर बाजार इससे कहीं ज्यादा नीचे जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार, अगर कुछ नुकसान भी होता है तो यह बहुत छोटी कीमत है।
जब उनसे पूछा गया कि आगे सेना की क्या योजना हो सकती है और क्या जमीन पर सेना भेजने की जरूरत पड़ सकती है, तो ट्रंप ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।