ट्रंप का दावा: अमेरिका ईरान से बातचीत जारी, साथ ही कनाडा की 8 कंपनियों पर प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 नवंबर 2026 को पत्रकारों से बातचीत में पुष्टि की कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक संवाद सक्रिय है और यह पहले से जारी है। इसी दिन अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान से कथित तौर पर जुड़े वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाते हुए कनाडा की 8 मनी सर्विस कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
ट्रंप के बयान का सार
व्हाइट हाउस से रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा, 'हम ईरान से बातचीत कर रहे हैं। हम पहले से ऐसा करते रहे हैं।' उन्होंने सैन्य स्थिति को अमेरिका के पक्ष में बताते हुए यह भी दावा किया कि 'अमेरिका ने ईरान को हरा दिया है और हालात उसके नियंत्रण में हैं।' ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के खुलने का भी उल्लेख किया।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर वैश्विक कूटनीतिक दबाव बना हुआ है। गौरतलब है कि बातचीत और प्रतिबंध एक साथ चलाने की यह रणनीति अमेरिका की 'अधिकतम दबाव' नीति का हिस्सा रही है।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट: क्या हुई कार्रवाई
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' के तहत कनाडा में सक्रिय 8 मनी सर्विस कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए। अधिकारियों का आरोप है कि ये कंपनियाँ क्रिप्टोकरेंसी नेटवर्क के ज़रिए ईरान से जुड़े वित्तीय लेनदेन में सहायता कर रही थीं, जिसमें ईरानी मुद्रा रियाल को अन्य मुद्राओं और डिजिटल संपत्तियों में बदलने का काम भी शामिल था।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, इनमें से कई कंपनियों का संबंध उन क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंजों और डिजिटल वॉलेट पतों से रहा है, जिनका कथित तौर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ाव बताया गया है।
प्रतिबंधित कंपनियाँ कौन-सी हैं
प्रतिबंधित कंपनियों में मिलियन एक्सचेंज, अमीन एक्सचेंज नाम से काम करने वाली दो इकाइयाँ, एनआईए नेशंस करेंसी, फराह एक्सचेंज, सीसीसी इंक, बी गैलेक्सी इंक और दरविश एक्सचेंज शामिल हैं। वित्त मंत्रालय ने इनमें से कुछ कंपनियों पर कनाडा के पूर्व ओलंपिक स्नोबोर्डर रयान वेडिंग से जुड़े कथित मादक पदार्थों के कारोबार की कमाई को संभालने का आरोप भी लगाया है। संबंधित कंपनियों की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।
बहुपक्षीय समन्वय और कानूनी दायरा
यह कार्रवाई कनाडा की वित्तीय खुफिया इकाई फिनट्रैक (FINTRAC), अमेरिकी वित्तीय अपराध प्रवर्तन नेटवर्क (FinCEN) और ड्रग एन्फोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) के संयुक्त समन्वय से की गई। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि वाशिंगटन ईरान के हथियार कार्यक्रमों और क्षेत्रीय संगठनों को कथित तौर पर आर्थिक सहायता देने वाले माध्यमों पर कार्रवाई जारी रखेगा।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी स्पष्ट किया कि उनका विभाग ईरान के वित्तीय नेटवर्क की निगरानी करता रहेगा और जहाँ भी ऐसे माध्यम सक्रिय पाए जाएँगे, उनके विरुद्ध कदम उठाए जाएँगे। उल्लेखनीय है कि ये प्रतिबंध स्वयं किसी आपराधिक मामले में दोषसिद्धि नहीं हैं — इनके तहत अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आने वाली संपत्तियाँ फ्रीज़ की जा सकती हैं और अमेरिकी नागरिकों व संस्थाओं के लिए इन कंपनियों के साथ कारोबार पर रोक लगाई जा सकती है।
आगे की दिशा
बातचीत और दबाव का यह दोहरा रवैया अमेरिका-ईरान संबंधों की जटिलता को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक परमाणु और क्षेत्रीय मुद्दों पर कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ने की संभावना है।