3 अगस्त 2026
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ईरान ने ट्रंप के 'अप्रत्यक्ष वार्ता' दावे को नकारा, विदेश मंत्रालय बोला — 'अमेरिका से कोई बातचीत नहीं'

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ईरान ने ट्रंप के 'अप्रत्यक्ष वार्ता' दावे को नकारा, विदेश मंत्रालय बोला — 'अमेरिका से कोई बातचीत नहीं'

सारांश

ट्रंप ने दावा किया कि सोमवार से मध्यस्थों के ज़रिए अप्रत्यक्ष वार्ता शुरू होगी — ईरान ने उसी दिन इसे सिरे से नकार दिया। तेहरान का कहना है कि न कोई प्रतिनिधि आ रहा है, न जा रहा है। यह सार्वजनिक विरोधाभास होर्मुज़ स्ट्रेट और परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी कूटनीतिक सफलता को और दूर कर देता है।

मुख्य बातें

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 3 अगस्त को अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता से साफ इनकार किया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन में दावा किया था कि सोमवार से मध्यस्थों के ज़रिए अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू होगी।
बाघेई ने किसी मध्यस्थ से भी संपर्क होने से इनकार किया; ओमान के साथ होर्मुज़ स्ट्रेट पर संवाद को 'सकारात्मक' बताया।
ईरान ने अमेरिका-इज़रायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई को पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के खिलाफ करार दिया।
ट्रंप ने प्रस्तावित वार्ता में होर्मुज़ स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को मुख्य मुद्दा बताया था।

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने 3 अगस्त को साफ कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा निराधार है कि दोनों देशों के बीच मध्यस्थों के जरिए अप्रत्यक्ष वार्ता शुरू होने वाली है। बाघेई ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में पत्रकारों से कहा कि तेहरान की न तो किसी प्रतिनिधि को बुलाने की और न ही किसी को भेजने की कोई योजना है।

बाघेई का स्पष्ट इनकार

बाघेई ने अपने बयान में कहा, 'किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या फिर किसी को बातचीत के लिए भेजने की हमारी कोई योजना नहीं है। फिलहाल हमारी अमेरिका से कोई बातचीत नहीं चल रही है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी मध्यस्थ के साथ भी कोई संवाद नहीं हो रहा। तस्नीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार यह बयान सोमवार की प्रेस ब्रीफिंग में दिया गया।

ट्रंप ने क्या कहा था

इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान दावा किया था कि सोमवार से अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थों के ज़रिए अप्रत्यक्ष वार्ता शुरू होगी। उन्होंने कहा, 'हम जब चाहें कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन मैं लोगों को मारना नहीं चाहता। अगर समझौता हो जाता है तो बहुत-सी जानें बच जाएंगी।' हालाँकि, ट्रंप ने वार्ता स्थल और प्रतिभागियों का कोई ब्यौरा नहीं दिया।

होर्मुज़ स्ट्रेट और परमाणु कार्यक्रम पर तनाव

ट्रंप ने बताया कि प्रस्तावित वार्ता में होर्मुज़ स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होनी थी। इस पर बाघेई ने पलटवार करते हुए कहा कि होर्मुज़ स्ट्रेट के हालात के लिए ईरान-ओमान का कोई मतभेद नहीं, बल्कि अमेरिका-इज़रायल का सैन्य हमला ज़िम्मेदार है। उन्होंने कहा, 'ईरान और ओमान के बीच संवाद सकारात्मक है।'

क्षेत्रीय सुरक्षा पर ईरान का रुख

बाघेई ने अमेरिका-इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई को किसी एक देश नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा, 'यह पूरे इलाके और इलाके के सभी देशों की सुरक्षा के खिलाफ जंग है।' बाघेई के अनुसार पिछले पाँच महीनों में क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी ने अस्थिरता बढ़ाई है और फ़ारस की खाड़ी के दक्षिणी किनारे पर स्थित देश भी इससे प्रभावित हैं क्योंकि उनकी ज़मीन अमेरिकी सैन्य ठिकानों के रूप में इस्तेमाल हो रही है।

आगे क्या

तेहरान और वाशिंगटन के बीच इस सार्वजनिक विरोधाभास ने किसी भी संभावित कूटनीतिक प्रगति पर सवालिया निशान लगा दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज़ स्ट्रेट पर तनाव और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएँ गहरी हैं। आने वाले दिनों में मध्यस्थ देशों की भूमिका और ट्रंप प्रशासन की अगली कूटनीतिक चाल पर सबकी नज़रें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि ट्रंप के लिए 'डील' की छवि घरेलू राजनीति की ज़रूरत है। होर्मुज़ स्ट्रेट पर तनाव और परमाणु कार्यक्रम — दोनों मुद्दे इतने जटिल हैं कि बिना विश्वसनीय मध्यस्थता के किसी भी 'अप्रत्यक्ष वार्ता' का ठोस नतीजा निकलना मुश्किल लगता है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के साथ अप्रत्यक्ष वार्ता का दावा क्यों किया?
राष्ट्रपति ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा कि सोमवार से मध्यस्थों के ज़रिए अमेरिका-ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत शुरू होगी, जिसमें होर्मुज़ स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा होनी थी। उन्होंने यह भी कहा कि समझौते से कई जानें बच सकती हैं।
ईरान ने ट्रंप के दावे को क्यों खारिज किया?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि तेहरान की न किसी प्रतिनिधि को बुलाने और न भेजने की कोई योजना है, और किसी मध्यस्थ से भी कोई संपर्क नहीं है। ईरान का रुख है कि अमेरिका-इज़रायल की सैन्य कार्रवाई के बीच बातचीत संभव नहीं।
होर्मुज़ स्ट्रेट विवाद में ओमान की क्या भूमिका है?
बाघेई ने कहा कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज़ स्ट्रेट को लेकर संवाद सकारात्मक है और दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं है। उनके अनुसार स्ट्रेट की मौजूदा स्थिति के लिए अमेरिका-इज़रायल का सैन्य हमला ज़िम्मेदार है।
ईरान ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या कहा?
बाघेई ने अमेरिका-इज़रायल की संयुक्त कार्रवाई को पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि पिछले पाँच महीनों में अमेरिकी सेना की मौजूदगी से क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ी है और फ़ारस की खाड़ी के दक्षिणी किनारे के देश भी प्रभावित हैं।
अमेरिका-ईरान वार्ता में कौन-से मुद्दे केंद्र में हैं?
ट्रंप के अनुसार प्रस्तावित वार्ता में होर्मुज़ स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम मुख्य मुद्दे होते। हालाँकि ईरान ने किसी भी वार्ता से इनकार किया है, इसलिए इन मुद्दों पर कूटनीतिक प्रगति फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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