ट्रंप-मेलोनी विवाद: साल्विनी बोले — 'पीएम पर हमला पूरे इटली पर हमला', विदेश मंत्री ने अमेरिका यात्रा रद्द की
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बारे में की गई अपमानजनक टिप्पणियों के बाद वाशिंगटन और रोम के बीच कूटनीतिक तनाव गहरा गया है। इटली के उपप्रधानमंत्री एवं बुनियादी ढाँचा मंत्री मातियो साल्विनी ने शनिवार, 20 जून को मेलोनी के पक्ष में मज़बूती से खड़े होते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पर हमला पूरे देश पर हमला है। इसी बीच विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने 21 और 22 जून को प्रस्तावित अपनी अमेरिका यात्रा रद्द कर दी — जो इस कूटनीतिक संकट की गहराई को रेखांकित करती है।
साल्विनी का बयान: एकजुट इटली का संदेश
मिलान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान साल्विनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मैं सिर्फ इतना दोहरा सकता हूँ कि जो प्रधानमंत्री पर हमला करता है, वह पूरी सरकार और पूरे इटली पर हमला करता है। हालाँकि इससे दोनों मित्र देशों और उनकी जनता के बीच संबंध प्रभावित नहीं होंगे।' यह बयान इटली की गठबंधन सरकार की आंतरिक एकजुटता का प्रदर्शन है, जो अक्सर साल्विनी और मेलोनी के बीच नीतिगत मतभेदों के लिए जानी जाती है।
विवाद की जड़: ट्रंप के आरोप और मेलोनी का खंडन
यह विवाद तब सुर्खियों में आया जब ट्रंप ने इटली के टीवी कार्यक्रम 'एल'आरिया चे तिरा' को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में दावा किया कि मेलोनी ने जी-7 शिखर सम्मेलन में उनके साथ तस्वीर खिंचवाने के लिए 'मिन्नतें की थीं'। ट्रंप ने कहा, 'जॉर्जिया मेलोनी ने मेरे साथ फोटो खिंचवाने की भीख माँगी थी। वह मेरे साथ तस्वीर चाहती थीं। मैं शायद ऐसा नहीं करता, लेकिन मुझे उन पर तरस आ गया।' इसके अलावा ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि मेलोनी होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दे पर 'अनुपस्थित' रहीं और उन्होंने कहा, 'वह मेरी समर्थक थीं, लेकिन अब मैं उन्हें पसंद नहीं करता।'
मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पलटवार करते हुए तस्वीर से जुड़े दावों को 'पूरी तरह मनगढ़ंत' बताया और सहयोगी देशों के प्रति अमेरिकी राष्ट्रपति के इस रवैये पर आश्चर्य जताया। गौरतलब है कि मेलोनी यूरोप में ट्रंप की सबसे करीबी सहयोगी मानी जाती रही हैं — यह टकराव इसलिए भी अप्रत्याशित है।
इटली की संस्थागत प्रतिक्रिया
विवाद के तूल पकड़ने के बाद इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला ने मेलोनी के प्रति एकजुटता व्यक्त की। विदेश मंत्री ताजानी ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप के प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के प्रति गंभीर और अपमानजनक शब्द पूरे इटली का अपमान हैं। इसी कारण मैंने 21 और 22 जून को प्रस्तावित अपनी अमेरिका यात्रा रद्द करने का फैसला किया है।' यह कदम कूटनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि ताजानी की यात्रा द्विपक्षीय व्यापार और नाटो समन्वय के एजेंडे पर केंद्रित थी।
यूरोप पर ट्रंप का व्यापक हमला
इंटरव्यू में ट्रंप ने यूरोप की ऊर्जा और आव्रजन नीतियों पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा, 'यूरोपियों ने ऊर्जा नीति पर सब कुछ गलत किया और आव्रजन पर भी सब कुछ गलत किया। अगर वे इन समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं, तो यूरोप कभी पहले जैसा नहीं रहेगा।' विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान ट्रंप की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वे यूरोपीय सहयोगियों पर दबाव बनाकर अपनी शर्तें मनवाने की कोशिश करते हैं।
आगे क्या
यह देखना होगा कि क्या ताजानी की यात्रा रद्द होने के बाद दोनों देश वैकल्पिक कूटनीतिक चैनलों के ज़रिये संबंध सामान्य करने की कोशिश करते हैं। इटली नाटो का सदस्य और अमेरिका का प्रमुख यूरोपीय साझेदार है — इसलिए यह तनाव लंबे समय तक बने रहने की संभावना कम है, लेकिन अल्पकाल में यह दोनों देशों के राजनयिक एजेंडे को प्रभावित कर सकता है।