ट्रंप ने एयरपोर्ट सुरक्षा के लिए आईसीई एजेंट तैनात करने की दी चेतावनी, फंडिंग विवाद के बीच

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ट्रंप ने एयरपोर्ट सुरक्षा के लिए आईसीई एजेंट तैनात करने की दी चेतावनी, फंडिंग विवाद के बीच

सारांश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयरपोर्ट पर सुरक्षा के लिए आईसीई एजेंट्स को तैनात करने की धमकी दी है, क्योंकि डीएचएस फंडिंग विवाद के चलते आंशिक रूप से बंद है। सुरक्षा कर्मचारी बिना सैलरी काम कर रहे हैं, जिससे एयरपोर्ट पर लंबी लाइनें लग गई हैं।

Key Takeaways

  • डोनाल्ड ट्रंप ने एयरपोर्ट पर आईसीई एजेंट्स की तैनाती की धमकी दी।
  • डीएचएस का आंशिक बंद होना फंडिंग विवाद के कारण।
  • सुरक्षा कर्मचारियों को बिना सैलरी काम करना पड़ रहा है।
  • एयरपोर्ट पर लंबी लाइनों की समस्या।
  • राजनीतिक असहमति का असर सुरक्षा पर।

वाशिंगटन, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के आंशिक बंद होने के बीच एयरपोर्ट पर सुरक्षा के लिए आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) एजेंटों को तैनात करने की धमकी दी है। डीएचएस पिछले एक महीने से अधिक समय से आंशिक रूप से बंद है, जिसके कारण रोजाना सुरक्षा कर्मचारी बिना सैलरी के काम कर रहे हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर लिखा कि यदि डेमोक्रेट्स ने "तुरंत समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए, तो मैं अपने उत्कृष्ट और देशभक्त आईसीई एजेंट्स को एयरपोर्ट्स पर भेजूंगा, जहाँ वे ऐसी सुरक्षा प्रदान करेंगे जैसी पहले कभी नहीं देखी गई।"

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिकी सीनेट ने इमिग्रेशन एनफोर्समेंट पर दोनों पार्टियों के बीच असहमति के कारण डीएचएस को फंड देने के लिए हाउस द्वारा पास किए गए बिल को आगे नहीं बढ़ाया।

लगभग 50,000 ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए) अधिकारी 14 फरवरी से बिना सैलरी के काम कर रहे हैं। अमेरिकी कांग्रेस ने इमिग्रेशन एनफोर्समेंट पर असहमति के कारण डीएचएस के लिए फंडिंग खत्म कर दी थी। ध्यान दें, डीएचएस टीएसए की देखरेख करता है। अमेरिका के बड़े एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा चेकपॉइंट्स पर लंबी लाइनें लग गई हैं, कुछ मामलों में सुरक्षा में इंतजार का समय तीन घंटे से अधिक हो गया है। सबसे अधिक असर ह्यूस्टन, अटलांटा और न्यू ऑरलियन्स के एयरपोर्ट्स पर पड़ा है।

पिछले पांच हफ्तों में, इमिग्रेशन लागू करने पर दोनों पार्टियों के बीच बातचीत में बहुत कम प्रगति हुई है। रिपब्लिकन ने डीएचएस को फंड देने पर जोर दिया है, जबकि डेमोक्रेट्स ने टीएसए जैसी एजेंसियों के लिए स्टैंडअलोन फंडिंग की मांग की है, जिसमें इमिग्रेशन ऑपरेशन शामिल नहीं होंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सितंबर 2025 में एच-1बी वीजा धारकों को काम पर रखने वालों के लिए प्रति आवेदन लगभग 88 लाख रुपए का अतिरिक्त शुल्क अनिवार्य कर दिया था, जो 21 सितंबर 2025 से लागू होगा। ट्रंप के इस फैसले को रद्द करने के लिए मार्च की शुरुआत में, एक डेमोक्रेटिक सीनेटर ने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक कानून पेश किया।

कांग्रेसवुमन बोनी वॉटसन कोलमैन ने वेलकमिंग इंटरनेशनल सक्सेस एक्ट नाम के इस कदम की घोषणा की, जिसका उद्देश्य सितंबर 2025 के उस ऐलान को रद्द करना है।

Point of View

बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी गंभीर है।
NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

डीएचएस के बंद होने का कारण क्या है?
डीएचएस का बंद होना फंडिंग विवाद के कारण है, जिससे सुरक्षा कर्मचारी बिना सैलरी काम कर रहे हैं।
आईसीई एजेंट्स को एयरपोर्ट पर क्यों तैनात किया जा रहा है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एयरपोर्ट सुरक्षा में सुधार लाने के लिए आईसीई एजेंट्स को तैनात करने की घोषणा की है।
क्या एयरपोर्ट पर सुरक्षा की स्थिति गंभीर है?
हाँ, एयरपोर्ट पर सुरक्षा चेकपॉइंट्स पर लंबी लाइनें लग रही हैं, और कुछ मामलों में इंतजार का समय तीन घंटे से अधिक हो गया है।
फंडिंग विवाद का क्या असर है?
फंडिंग विवाद के कारण डीएचएस में काम कर रहे सुरक्षा कर्मचारियों को बिना सैलरी काम करना पड़ रहा है।
क्या ट्रंप का यह बयान राजनीतिक है?
हाँ, यह बयान डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच इमिग्रेशन एनफोर्समेंट पर असहमति का परिणाम है।
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