25 जुलाई 2026
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ट्रंप का परमाणु ऊर्जा में बड़ा दांव: 4 एडवांस्ड रिएक्टर चालू, चार दशक बाद अमेरिका में नया युग

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ट्रंप का परमाणु ऊर्जा में बड़ा दांव: 4 एडवांस्ड रिएक्टर चालू, चार दशक बाद अमेरिका में नया युग

सारांश

चार दशकों की गिरावट के बाद अमेरिका ने परमाणु ऊर्जा में वापसी का ऐलान किया है — राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में चार निजी वित्तपोषित एडवांस्ड रिएक्टर चालू हुए, 1974 के बाद पहली बार। यह केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि अमेरिका की ऊर्जा और भू-राजनीतिक रणनीति में बड़ा बदलाव है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 जुलाई को घोषणा की कि चार प्राइवेट फंडेड एडवांस्ड परमाणु रिएक्टर सरकारी पायलट कार्यक्रम के तहत आवश्यक तकनीकी पड़ाव पर पहुँच गए हैं।
यह चार दशकों में अमेरिका में चालू होने वाले पहले नए निजी वित्तपोषित एडवांस्ड रिएक्टर हैं; आखिरी बार ऐसी उपलब्धि 1974 में मिली थी।
एक रिएक्टर ने 4 जुलाई की रात 12:20 बजे पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया की अवस्था प्राप्त की।
एंटारेस न्यूक्लियर ने 2028 से पहले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रिएक्टर तैनात करने की योजना बताई; 'गोल्डन डोम' परियोजना को ऊर्जा देने का लक्ष्य।
एक कंपनी ने इस वर्ष 1 अरब डॉलर जुटाने और 10 लाख वर्ग फुट की विनिर्माण सुविधा स्थापित करने की योजना घोषित की।
ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और आंतरिक मामलों के सचिव डग बर्गम ने परमाणु ऊर्जा को सरकार के 'ऊर्जा डॉमिनेंस' एजेंडा का केंद्र बताया।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 जुलाई को वाशिंगटन में घोषणा की कि चार निजी वित्तपोषित (प्राइवेट फंडेड) एडवांस्ड परमाणु रिएक्टर सरकार समर्थित पायलट कार्यक्रम के तहत आवश्यक तकनीकी पड़ाव पर पहुँच गए हैं — जो चार दशकों से अधिक समय में अमेरिका की सबसे बड़ी परमाणु उपलब्धि मानी जा रही है। व्हाइट हाउस में वरिष्ठ अधिकारियों और चार परमाणु प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई बैठक में ट्रंप ने इसे दशकों की गिरावट के बाद अमेरिकी परमाणु उद्योग के पुनर्जन्म की शुरुआत बताया।

क्या हासिल हुआ और कैसे

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ऊर्जा सचिव क्रिस राइट को एडवांस्ड रिएक्टरों के लिए एक पायलट प्रोग्राम शुरू करने और 4 जुलाई तक कम से कम तीन अत्याधुनिक रिएक्टरों को सुरक्षित रूप से चालू करने का निर्देश दिया था। सरकार ने न केवल इस लक्ष्य को पूरा किया, बल्कि चार रिएक्टरों तक पहुँचकर अपना मूल लक्ष्य पार कर लिया।

ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका फिर से बन रहा है। अमेरिका फिर से सपने देख रहा है और हम अगली पीढ़ी की न्यूक्लियर पावर में दुनिया को लीड कर रहे हैं और कोई भी इसके आसपास भी नहीं है।' उन्होंने इस उपलब्धि को 'चमत्कार जैसा' करार दिया।

ऐतिहासिक संदर्भ और महत्व

ऑफिस ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी के निदेशक माइकल क्रैट्सियोस ने बताया कि इससे पहले निजी वित्तपोषण से विकसित कोई नया रिएक्टर डिज़ाइन 1974 में पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया की अवस्था तक पहुँचा था। उन्होंने कहा, 'यह उपलब्धि 50 वर्ष से भी अधिक समय बाद हासिल हुई है और हमने इसे पार करते हुए एक नहीं, बल्कि चार परियोजनाओं के साथ नया रिकॉर्ड बनाया है।'

गौरतलब है कि 1950 के दशक में अमेरिका वाणिज्यिक परमाणु प्रौद्योगिकी में अग्रणी था और कई दशकों तक दुनिया में परमाणु रिएक्टरों का सबसे बड़ा बेड़ा बनाए रखा। बाद में अत्यधिक निर्माण लागत, लंबी लाइसेंसिंग प्रक्रिया और जन-विरोध के कारण नए रिएक्टरों का निर्माण ठप पड़ गया, जबकि रूस और चीन ने इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मज़बूत की।

कंपनियों की भूमिका और भविष्य की योजनाएँ

एंटारेस न्यूक्लियर के एक प्रतिनिधि ने बताया कि उनके रिएक्टर भविष्य में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और अंतरिक्ष अभियानों को ऊर्जा उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने कहा, 'हम 'गोल्डन डोम' परियोजना के लिए एक भरोसेमंद ऊर्जा स्रोत बनने की उम्मीद रखते हैं।' कंपनी की योजना 2028 से पहले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अपने रिएक्टर तैनात करने की है।

एक अन्य कंपनी के अधिकारी ने बताया कि उनके रिएक्टर ने 4 जुलाई की रात 12:20 बजे पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया की अवस्था प्राप्त की। उस कंपनी ने इस वर्ष 1 अरब डॉलर जुटाने और 10 लाख वर्ग फुट की विनिर्माण सुविधा स्थापित करने की योजना भी घोषित की। उनका प्राथमिक लक्ष्य बाज़ार डेटा सेंटरों को परमाणु ऊर्जा से संचालित करना है।

सरकार की ऊर्जा नीति और नियामक सुधार

ट्रंप ने उस नियामक प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की जिसने पहले परमाणु विकास को बाधित किया था। उन्होंने कहा, 'पहले, किसी रिएक्टर डिज़ाइन को मंजूरी मिलने में अक्सर छह साल या उससे ज़्यादा समय लगता था।' ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा कि सरकार की व्यापक ऊर्जा रणनीति ने देश की ऊर्जा स्थिति को पहले ही बदल दिया है।

आंतरिक मामलों के सचिव डग बर्गम ने परमाणु ऊर्जा को सरकार के 'ऊर्जा डॉमिनेंस' एजेंडा का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि सरकारी सब्सिडी के बजाय निजी निवेश इस उद्योग को पुनः गति दे रहा है। यह कार्यक्रम पिछले वर्ष हस्ताक्षरित चार कार्यकारी आदेशों (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर्स) के तहत तय लक्ष्यों से आगे निकल गया है।

आगे क्या होगा

कंपनी अधिकारियों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के कार्यकारी आदेशों ने परमाणु परियोजनाओं के विकास की गति को उल्लेखनीय रूप से तेज़ किया है। एक शीर्ष अधिकारी ने इस क्षण को ऐतिहासिक बताते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि लोग पीछे मुड़कर देखेंगे और यकीन करेंगे कि यही वह समय था जब परमाणु में बदलाव आया और हमने सस्ती व भरपूर ऊर्जा को अनलॉक किया।' अब सभी की नज़रें इस बात पर हैं कि ये रिएक्टर वाणिज्यिक पैमाने पर कब और कितनी तेज़ी से तैनात हो पाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह भी देखना होगा कि तेज़ मंज़ूरी प्रक्रिया सुरक्षा मानकों से समझौता तो नहीं करती। डेटा सेंटरों को परमाणु ऊर्जा देने का लक्ष्य व्यावसायिक रूप से आकर्षक है, किंतु सैन्य और अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के दावे अभी महत्वाकांक्षा के स्तर पर हैं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने किन चार एडवांस्ड परमाणु रिएक्टरों की घोषणा की?
राष्ट्रपति ट्रंप ने चार निजी वित्तपोषित एडवांस्ड रिएक्टरों की उपलब्धि की घोषणा की जो सरकार समर्थित पायलट कार्यक्रम के तहत आवश्यक तकनीकी पड़ाव पर पहुँचे हैं। इनमें एंटारेस न्यूक्लियर सहित अन्य कंपनियाँ शामिल हैं, हालाँकि सभी चारों कंपनियों के नाम सार्वजनिक रूप से विस्तार से नहीं बताए गए।
यह उपलब्धि ऐतिहासिक क्यों मानी जा रही है?
1974 के बाद पहली बार किसी निजी वित्तपोषित रिएक्टर डिज़ाइन ने नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया की अवस्था प्राप्त की है — यानी 50 से अधिक वर्षों का अंतराल। अमेरिका में चार दशकों से कोई नया प्राइवेट फंडेड एडवांस्ड रिएक्टर चालू नहीं हुआ था।
एंटारेस न्यूक्लियर के रिएक्टर का उपयोग कहाँ होगा?
एंटारेस न्यूक्लियर के प्रतिनिधि के अनुसार, कंपनी की योजना 2028 से पहले अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अपने रिएक्टर तैनात करने की है। इसके अलावा, कंपनी 'गोल्डन डोम' परियोजना के लिए ऊर्जा स्रोत बनने और भविष्य में अंतरिक्ष व समुद्री स्वायत्त प्रणालियों को ऊर्जा देने की उम्मीद रखती है।
अमेरिका में परमाणु विकास पहले क्यों धीमा हो गया था?
अत्यधिक निर्माण लागत, लंबी लाइसेंसिंग प्रक्रिया — जिसमें कभी-कभी छह साल या उससे अधिक समय लगता था — और जन-विरोध के कारण नए रिएक्टरों का निर्माण ठप पड़ गया था। इस दौरान रूस और चीन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने परमाणु उद्योग का विस्तार किया।
इन रिएक्टरों का व्यावसायिक उपयोग क्या होगा?
एक कंपनी के अधिकारी के अनुसार, उनका प्राथमिक लक्ष्य बाज़ार डेटा सेंटर हैं — यानी परमाणु ऊर्जा से डेटा सेंटरों को संचालित करना। उस कंपनी ने इस वर्ष 1 अरब डॉलर जुटाने और 10 लाख वर्ग फुट की विनिर्माण सुविधा स्थापित करने की योजना भी घोषित की है।
राष्ट्र प्रेस
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