ट्रंप का यूएस स्पेस एकेडमी का ऐलान, नासा प्रमुख करेंगे आयोग की अध्यक्षता
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 अगस्त को नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर, ह्यूस्टन में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए देश की पहली यूएस स्पेस एकेडमी की स्थापना के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। इस आदेश के तहत एक राष्ट्रपति आयोग गठित किया गया है, जो एकेडमी की संरचना, पाठ्यक्रम और स्थान तय करेगा। यह कदम चंद्रमा और उससे आगे के मिशनों के लिए कुशल अंतरिक्ष पेशेवरों की पूरी पीढ़ी तैयार करने की दिशा में उठाया गया है।
क्यों की गई यह घोषणा
ट्रंप ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यूएस स्पेस फोर्स और वाणिज्यिक अंतरिक्ष उद्योग के तेज़ी से विस्तार को देखते हुए यह कदम अनिवार्य हो गया था। उन्होंने कहा, 'यूएस स्पेस फोर्स और कमर्शियल स्पेस इंडस्ट्री के तेज़ी से विकास और चांद और चांद से भी आगे हमारी महत्वाकांक्षाओं के विस्तार को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि हमें कुशल सर्विस मेंबर्स, इंजीनियर्स और सिविल ऑपरेटर्स की पूरी पीढ़ी को शिक्षित और प्रशिक्षित करने की आवश्यकता होगी।' गौरतलब है कि ट्रंप ने ही दिसंबर 2019 में यूएस स्पेस फोर्स को सशस्त्र सेवाओं की छठी शाखा के रूप में स्थापित किया था।
आयोग की संरचना और समयसीमा
नासा प्रशासक जेरेड आइजैकमैन इस राष्ट्रपति आयोग की अध्यक्षता करेंगे, जबकि नासा उप प्रशासक मैट एंडरसन इसके कार्यकारी निदेशक होंगे। पैनल के पास गवर्नेंस स्ट्रक्चर, पाठ्यक्रम, प्रवेश आवश्यकताएँ, ग्रेजुएट सेवा दायित्व और स्थायी स्थान की सिफारिश करने के लिए 120 दिन हैं। आयोग पायलट प्रोग्राम, साझेदारी, आवश्यक कानून और कार्यान्वयन योजना पर भी विचार करेगा।
वेस्ट पॉइंट जैसा दर्जा देने का संकल्प
ट्रंप ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तैनात अंतरिक्ष यात्रियों से सीधी बातचीत के दौरान कहा कि प्रस्तावित एकेडमी का स्तर वेस्ट पॉइंट, एनापोलिस, कोस्ट गार्ड एकेडमी और एयर फोर्स एकेडमी के बराबर होगा। उन्होंने जोड़ा, 'अगर हम इसे करने जा रहे हैं, तो यह बहुत ही उच्च स्तर पर होना चाहिए। ये पूरे देश में सबसे कठिन स्कूलों में से हैं।' प्रस्तावित संस्थान तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ नेतृत्व प्रशिक्षण, अनुशासन और सार्वजनिक सेवा को भी एकीकृत करेगा।
आर्टेमिस-2 क्रू को सम्मान और भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री की सराहना
इसी समारोह में ट्रंप ने आर्टेमिस-2 मिशन के चार सदस्यों — नासा के रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन — को कांग्रेशनल स्पेस मेडल ऑफ ऑनर से नवाज़ा। नासा के अनुसार, इस क्रू ने पृथ्वी से 2,52,756 मील की दूरी तय की — मानव इतिहास में अब तक का सर्वाधिक — और कुल 6,95,081 मील की यात्रा पूरी की। मिशन 1 अप्रैल को लॉन्च हुआ और 10 अप्रैल को चंद्र फ्लाईबाई के बाद स्प्लैशडाउन हुआ। ट्रंप ने भारतीय और यूक्रेनी प्रवासियों के पुत्र, यूएस स्पेस फोर्स के कर्नल अनिल मेनन का विशेष उल्लेख करते हुए उन्हें 'महान अमेरिकी, महान देशभक्त, बहादुर लोग' बताया। मेनन ने इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि वे उत्साहित हैं कि अमेरिका चंद्रमा, मून बेस और मंगल की अगली यात्रा का मार्ग प्रशस्त करेगा।
आगे क्या होगा
आयोग की सिफारिशें आने के बाद कांग्रेस में विधायी प्रक्रिया शुरू होगी। नई एकेडमी को सैन्य, नागरिक और वाणिज्यिक अंतरिक्ष क्षेत्र तीनों की ज़रूरतें पूरी करने वाले नासा-नेतृत्व वाले संघीय संस्थान के रूप में परिकल्पित किया गया है। ट्रंप ने अंतरिक्ष स्टेशन पर तैनात क्रू को पृथ्वी पर लौटने के बाद ओवल ऑफिस आने का निमंत्रण भी दिया।