ट्रंप ने ISS पर भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन को सराहा, ओवल ऑफिस का दिया न्योता
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर तैनात भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और उनके साथियों जेसिका मीर तथा जैक हैथवे की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। ह्यूस्टन स्थित नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर से हुई इस विशेष बातचीत में ट्रंप ने तीनों अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी पर लौटने के बाद ओवल ऑफिस आने का निमंत्रण भी दिया।
राष्ट्रपति ट्रंप ने क्या कहा
जॉनसन स्पेस सेंटर से ISS के साथ हुई लाइव बातचीत में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'आपके साथ होना बहुत सम्मान की बात है और मैं जेसिका, अनिल और जैक का शुक्रिया अदा करना चाहता हूँ। ये महान अमेरिकी, महान देशभक्त और बहादुर लोग हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि इस मिशन के लिए चुना जाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।
ट्रंप ने तीनों के साहस की सराहना करते हुए स्पष्ट किया कि अंतरिक्ष अन्वेषण में अमेरिका की अगुवाई उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी।
अनिल मेनन की प्रतिक्रिया और स्पेस वॉक का ब्यौरा
अमेरिकी अंतरिक्ष बल में कर्नल के पद पर कार्यरत अनिल मेनन ने राष्ट्रपति से कहा, 'धन्यवाद, सर। मैं अंतरिक्ष बल में एक कर्नल के तौर पर यह कहना चाहूँगा कि कल्पना से परे सबसे बड़े क्षेत्र में सेवा करने पर मुझे बहुत गर्व है।' मेनन ने बताया कि पिछले हफ्ते उन्हें स्पेस वॉक करने का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने रोबोटिक आर्म से स्पेस स्टेशन को बाहर से देखा।
उन्होंने आगे कहा, 'हम चंद्रमा, चंद्र बेस और मंगल ग्रह की अपनी अगली यात्रा का मार्ग प्रशस्त करने जा रहे हैं।' मेनन ने लो-अर्थ ऑर्बिट से आगे के मिशन की तैयारियों पर उत्साह जताया और इस दिशा में नेतृत्व के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया।
अमेरिकी अंतरिक्ष अकादमी की घोषणा की पृष्ठभूमि
यह बातचीत राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा एक अमेरिकी अंतरिक्ष अकादमी की स्थापना की घोषणा के तुरंत बाद हुई। ट्रंप ने अंतरिक्ष यात्रियों को बताया कि प्रस्तावित संस्थान को वेस्ट पॉइंट, नौसेना अकादमी, तटरक्षक अकादमी और वायुसेना अकादमी के समकक्ष दर्जा दिया जाएगा। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में अंतरिक्ष बल की स्थापना को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि अंतरिक्ष-आधारित खुफिया जानकारी अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए अब अपरिहार्य हो गई है।
अनिल मेनन: परिचय और मिशन का विवरण
अनिल मेनन का जन्म और पालन-पोषण मिनियापोलिस में हुआ। उनके माता-पिता भारत और यूक्रेन से आकर अमेरिका में बसे थे। नासा ने उन्हें 2021 के अंतरिक्ष यात्री उम्मीदवारों के वर्ग में चुना था। इससे पहले वे स्पेसएक्स के पहले फ्लाइट सर्जन और ISS मिशन में सहायता करने वाले नासा क्रू फ्लाइट सर्जन के रूप में कार्य कर चुके हैं।
मेनन ने 14 जुलाई को रूसी कॉस्मोनॉट प्योत्र डुब्रोव और एना किकिना के साथ सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान से उड़ान भरी। नासा के अनुसार, यह तीन सदस्यीय दल कक्षीय प्रयोगशाला में लगभग आठ महीने बिताएगा और अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने से पहले अनुसंधान व प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्य करेगा।
कार्यक्रम में मेनन की पत्नी एना मेनन भी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ उपस्थित रहीं। उन्होंने ISS दल को संबोधित करते हुए कहा, 'आप लोगों को वहाँ ऊपर देखकर बहुत अच्छा लगा। हम आप लोगों से बहुत प्यार करते हैं। आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं।'
आगे क्या
दल के अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने के बाद ट्रंप के निमंत्रण पर ओवल ऑफिस में मुलाकात संभावित है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत चंद्रमा और आगे मंगल मिशन की तैयारियों को गति दे रहा है — और अंतरिक्ष को एक नई भू-राजनीतिक प्राथमिकता के रूप में स्थापित किया जा रहा है।