यूएसएमसीए पर ट्रंप का बड़ा बयान: 'नहीं जानता रिन्यू करूंगा या नहीं', कनाडा-मेक्सिको डील पर संशय
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 जून 2026 को व्हाइट हाउस में एक बार फिर अमेरिका-मेक्सिको-कनाडा समझौते (यूएसएमसीए) के भविष्य पर अनिश्चितता की छाया डाल दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह तय नहीं है कि वे अपने मौजूदा कार्यकाल में समीक्षा के समय इस उत्तरी अमेरिकी व्यापार समझौते को रिन्यू करेंगे या नहीं। ट्रंप के इस बयान ने तीनों देशों के बीच जुड़ी सप्लाई चेन पर निर्भर कंपनियों और निवेशकों की चिंताएँ बढ़ा दी हैं।
क्या बोले ट्रंप
'सिक्योर अमेरिका एक्ट' पर हस्ताक्षर के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मुझे नहीं पता कि मैं इसे रिन्यू करूंगा या नहीं।' उन्होंने यह भी कहा कि यूएसएमसीए की सबसे बड़ी खूबी उसके व्यापार नियम नहीं, बल्कि उसमें मौजूद समीक्षा और समाप्ति का प्रावधान है। उनके अनुसार, 'यूएसएमसीए में मुझे जो चीज सबसे अच्छी लगी, वह यह थी कि छह साल बाद यह फिर से रिन्यूअल के लिए आ जाता है।'
एनएएफटीए पर तीखा हमला
ट्रंप ने एक बार फिर पुराने नॉर्थ अमेरिकन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एनएएफटीए) की कड़ी आलोचना की, जिसे उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में यूएसएमसीए से बदला था। उन्होंने कहा, 'एनएएफटीए हमारे देश के लिए एक आपदा था और यह अब तक का सबसे खराब व्यापार समझौता था।' साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि यूएसएमसीए ने एनएएफटीए की कई कमियों को दूर किया है।
कनाडा और मेक्सिको पर अमेरिकी दबाव
ट्रंप ने अपने पड़ोसी देशों के साथ व्यापार संतुलन को लेकर आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा, 'हमें कनाडा से कुछ भी खास जरूरत नहीं है, हमें मेक्सिको से भी कुछ खास जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें हमारी बहुत जरूरत है।' राष्ट्रपति ने दोनों देशों के साथ लगातार बने व्यापार घाटे पर भी चिंता जताई और कहा कि अमेरिका को इन देशों के साथ व्यापार मुनाफे की स्थिति में होना चाहिए।
सप्लाई चेन पर असर की आशंका
यूएसएमसीए 2020 में लागू हुआ था और यह उत्तरी अमेरिका में सामान, सेवाओं, डिजिटल व्यापार, श्रम मानकों और बौद्धिक संपदा से जुड़े नियमों को आधुनिक बनाने के लिए तैयार किया गया था। हालाँकि ट्रंप ने अभी किसी औपचारिक समीक्षा या समझौते से बाहर निकलने की प्रक्रिया की घोषणा नहीं की है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि उनके बयान से अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको के बीच जुड़ी सप्लाई चेन पर निर्भर कंपनियों, निर्यातकों और निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ सकती है।
आगे क्या होगा
यूएसएमसीए में तय समय पर समीक्षा का प्रावधान इसे पुराने एनएएफटीए से अलग बनाता है और सदस्य देशों को समझौते के कामकाज और भविष्य पर दोबारा विचार करने का मौका देता है। यह ऐसे समय में आया है जब तीनों देशों के बीच व्यापार तनाव पहले से ही ऊँचे स्तर पर है। ट्रंप के इस रुख से आने वाले महीनों में तीनों देशों के बीच व्यापार वार्ता और जटिल होने की संभावना है।