स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ट्रंप की दो टूक: 'किसी का कंट्रोल नहीं', ओमान को दी कड़ी चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 मई 2026 को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान स्पष्ट कर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने ओमान को सीधी चेतावनी दी कि वह ईरान के साथ चल रही नाजुक अमेरिका-ईरान वार्ता में दखल न दे, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
ट्रंप का स्पष्ट रुख
पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वे ऐसे किसी अल्पकालिक समझौते को मान्यता देंगे जिसमें ईरान और ओमान मिलकर इस अहम समुद्री मार्ग को नियंत्रित करें। इस पर ट्रंप ने दो टूक जवाब दिया, "नहीं, यह समुद्री रास्ता सबके लिए खुला रहेगा।" उन्होंने आगे कहा, "यह अंतरराष्ट्रीय पानी है — इस पर किसी का कंट्रोल नहीं होगा। हम इस पर नजर रखेंगे, लेकिन इसे कोई कंट्रोल नहीं करेगा। यह हमारी बातचीत का हिस्सा है।"
ट्रंप ने ओमान को लेकर सख्त लहजे में कहा कि उसे बाकी देशों की तरह ही व्यवहार करना होगा, नहीं तो अमेरिका को कार्रवाई करनी पड़ेगी।
ईरानी दावे और अमेरिकी खंडन
ट्रंप की यह कड़ी प्रतिक्रिया उस खबर के तुरंत बाद आई, जिसमें ईरानी सरकारी टीवी ने दावा किया था कि उसे ईरान-अमेरिका समझौते का एक अनौपचारिक मसौदा प्राप्त हुआ है। इस कथित मसौदे के अनुसार, एक महीने के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बहाल की जाएगी और ईरान व ओमान मिलकर वहाँ का संचालन संभालेंगे। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख था कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी रोक हटाएगा और ईरान के आसपास से अपनी सैन्य उपस्थिति कम करेगा।
हालाँकि, अमेरिकी पक्ष ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से असत्य करार दिया है।
ओमान-ईरान के बीच सक्रिय कूटनीति
इस बीच, ओमान लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में बना हुआ है। 24 मई 2026 को ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसेदी के नेतृत्व में ओमानी प्रतिनिधिमंडल ने ईरान के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी के नेतृत्व वाले दल से मुलाकात की।
ओमान के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता से जुड़े सिद्धांतों पर चर्चा की। हाल की घटनाओं के संदर्भ में समुद्री सुरक्षा, व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूत करने के उपायों पर भी बातचीत हुई।
बैठक के दौरान अल बुसेदी को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का एक मौखिक संदेश भी सौंपा गया, जो ईरान-अमेरिका वार्ता से जुड़ा था। इस संदेश में कहा गया कि दोनों देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित और स्थायी तरीके से जहाजों की आवाजाही बहाल करने के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का वैश्विक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है। दुनिया का लगभग 20% तेल इसी मार्ग से गुजरता है, और किसी भी व्यवधान का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है। गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के दौरान यह जलडमरूमध्य पहले भी कई बार विवाद का केंद्र रहा है।
आगे की स्थिति
अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले दौर की तारीख अभी तय नहीं हुई है। ट्रंप की इस चेतावनी के बाद यह देखना अहम होगा कि ओमान अपनी मध्यस्थ भूमिका को किस दिशा में आगे ले जाता है। विश्लेषकों के अनुसार, ओमान की भूमिका इस पूरी वार्ता में निर्णायक मानी जा रही है, और ट्रंप का यह बयान उस भूमिका को सीमित करने का प्रयास हो सकता है।