13 जुलाई 2026
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ट्रंप की ओमान को 'तबाह करने' की धमकी पर ईरान बोला — 'हम आपके साथ हैं'

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ट्रंप की ओमान को 'तबाह करने' की धमकी पर ईरान बोला — 'हम आपके साथ हैं'

सारांश

ट्रंप ने कैबिनेट बैठक में ओमान को 'तबाह' करने की धमकी दी — वह भी एक ऐसे देश को जो दशकों से अमेरिका-ईरान के बीच मध्यस्थ रहा है। ईरान ने तुरंत ओमान के साथ एकजुटता जताई। होर्मुज जलडमरूमध्य पर टोल विवाद ने पश्चिम एशिया की कूटनीतिक नाज़ुक बुनावट को एक बार फिर उजागर कर दिया है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 28 मई को व्हाइट हाउस कैबिनेट बैठक में ओमान को 'तबाह' करने की कथित धमकी दी।
धमकी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल/सेवा शुल्क लगाने की कथित बातचीत की रिपोर्टों के संदर्भ में आई।
ब्लूमबर्ग ने 21 मई को इस विवाद की पहली रिपोर्ट दी; द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बाद में बातचीत की प्रकृति स्पष्ट की।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा की और ओमान के साथ एकजुटता जताई।
ओमान को अमेरिका का दीर्घकालिक खाड़ी साझेदार और अमेरिका-ईरान के बीच अनौपचारिक मध्यस्थ माना जाता रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 28 मई को व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान पत्रकारों से कहा कि यदि ओमान ने 'बाकी देशों की तरह व्यवहार' नहीं किया तो अमेरिका उसे 'तबाह' कर देगा। इस बयान के तुरंत बाद ईरान ने ओमान के प्रति एकजुटता जताते हुए ट्रंप की टिप्पणी को क्षेत्रीय शांति के लिए खतरनाक करार दिया।

ट्रंप ने क्या कहा

व्हाइट हाउस में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, 'ओमान को बाकी देशों की तरह व्यवहार करना होगा, नहीं तो हमें उन्हें तबाह करना होगा। अगर वे यह समझते हैं तो यह उनके लिए ठीक रहेगा।' यह बयान उस पृष्ठभूमि में आया जब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल या सेवा शुल्क लगाने को लेकर बातचीत चल रही है।

ब्लूमबर्ग ने 21 मई को पहली बार इस तरह की खबर दी थी। बाद में द न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से स्पष्ट किया कि बातचीत सीधे टोल टैक्स लगाने की नहीं, बल्कि जहाजों को सेवाएँ देने के बदले शुल्क लेने के एक अलग प्रस्ताव पर केंद्रित थी। ट्रंप ने इस कथित प्रस्ताव को सख्ती से खारिज कर दिया।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान, अमेरिकी अधिकारियों की धमकियों के खिलाफ ओमान के साथ खड़ा है। उन्होंने ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस तरह की धमकियाँ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा हैं।

बाघेई ने कहा कि किसी ऐसे देश को सैन्य धमकी देना जो 'वर्षों से क्षेत्रीय शांति प्रक्रियाओं में मध्यस्थ की भूमिका निभाता आया है', न केवल बल प्रयोग पर प्रतिबंध के सिद्धांत का उल्लंघन है, बल्कि वैश्विक कूटनीति के मूल ढाँचे को भी कमज़ोर करता है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में 'धौंस जमाने और अव्यवस्था के सामान्यीकरण' की प्रवृत्ति बताया।

होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार की सबसे संवेदनशील कड़ियों में से एक है — दुनिया का लगभग 20% तेल इसी रास्ते से गुजरता है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु वार्ता की प्रक्रिया जारी है, और खाड़ी क्षेत्र में कूटनीतिक संतुलन पहले से ही नाज़ुक बना हुआ है।

गौरतलब है कि ओमान को लंबे समय से अमेरिका का एक भरोसेमंद खाड़ी साझेदार माना जाता रहा है और वह अतीत में अमेरिका-ईरान के बीच अनौपचारिक मध्यस्थ की भूमिका भी निभा चुका है। ऐसे में ट्रंप की तीखी टिप्पणी ने क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों को चौंका दिया है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

ईरान का कहना है कि बाहरी दबाव और सैन्य कार्रवाई की भाषा से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और बढ़ रहा है, जिससे पूरी क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विश्लेषकों के अनुसार, यह विवाद आने वाले हफ्तों में अमेरिका-खाड़ी संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ओमान को किस संदर्भ में धमकी दी?
ट्रंप ने 28 मई को व्हाइट हाउस कैबिनेट बैठक में कहा कि ओमान को 'बाकी देशों की तरह व्यवहार' करना होगा, नहीं तो अमेरिका उसे 'तबाह' कर देगा। यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों की पृष्ठभूमि में आया जिनमें ईरान-ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की कथित बातचीत का उल्लेख था।
होर्मुज जलडमरूमध्य टोल विवाद क्या है?
ब्लूमबर्ग ने 21 मई को रिपोर्ट किया था कि ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर टोल या सेवा शुल्क लगाने को लेकर बातचीत हो रही है। बाद में द न्यूयॉर्क टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से स्पष्ट किया कि यह सीधे टोल टैक्स की नहीं, बल्कि सेवा शुल्क के एक अलग प्रस्ताव पर चर्चा थी।
ईरान ने ट्रंप के बयान पर क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने ट्रंप के बयान की कड़ी निंदा की और कहा कि ईरान ओमान के साथ खड़ा है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में 'धौंस जमाने और अव्यवस्था के सामान्यीकरण' की खतरनाक प्रवृत्ति बताया।
ओमान की अमेरिका के साथ क्या भूमिका रही है?
ओमान को लंबे समय से अमेरिका का एक भरोसेमंद खाड़ी साझेदार और क्षेत्रीय मध्यस्थ माना जाता रहा है। वह अतीत में अमेरिका-ईरान के बीच अनौपचारिक कूटनीतिक चैनल की भूमिका निभा चुका है, जिससे ट्रंप की यह धमकी क्षेत्रीय पर्यवेक्षकों के लिए चौंकाने वाली रही।
इस विवाद का पश्चिम एशिया पर क्या असर हो सकता है?
ईरान का कहना है कि बाहरी दबाव और सैन्य कार्रवाई की भाषा से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों को भी प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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