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क्या तुर्की में अब्दुल्ला ओकलान की जेल में हुई चर्चा से शांति प्रक्रिया में बदलाव आएगा?

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क्या तुर्की में अब्दुल्ला ओकलान की जेल में हुई चर्चा से शांति प्रक्रिया में बदलाव आएगा?

सारांश

तुर्की में हालिया घटनाओं ने शांति प्रक्रिया को लेकर नई उम्मीदें जगाई हैं। अब्दुल्ला ओकलान की जेल में हुई चर्चा को एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। क्या यह दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त कर पाएगा? जानिए इस मुद्दे पर अधिक जानकारी।

मुख्य बातें

अब्दुल्ला ओकलान की जेल में हुई चर्चा तुर्की की शांति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है।
यह बातचीत दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक कदम है।
पीकेके को आतंकवादी संगठन माना जाता है।
यह वार्ता तुर्की और कुर्दिश समुदाय के बीच समझौते की संभावना को बढ़ा सकती है।
यह घटनाक्रम तुर्की में शांति लाने के प्रयासों को नया मोड़ दे सकता है।

अंकारा, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। तुर्की में इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हाल ही में एक महत्वपूर्ण घटना घटित हुई है, जिसकी तैयारी लंबे समय से चल रही थी। तुर्की के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जेल में बंद कुर्दिश आतंकवादी संगठन के नेता अब्दुल्ला ओकलान से बातचीत की। विशेषज्ञ इसे दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही शांति पहल का हिस्सा मानते हैं।

कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के नेता ओकलान के साथ यह अनोखी बैठक इस वर्ष की शुरुआत में मिलिटेंट ग्रुप के हथियार डालने के निर्णय पर आधारित थी। तुर्की ग्रैंड नेशनल असेंबली के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस बैठक में एक समझौते को लागू करने पर भी चर्चा की गई, जिसमें कुर्दिश सेनाओं को एक नई सीरियाई सेना में शामिल करने का प्रस्ताव था।

हुर्रियत डेली न्यूज ने रक्षा मंत्री यासर गुलर के एक बयान का उल्लेख किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे तुर्की को आतंक मुक्त बनाना चाहते हैं और इस अशांति से आजादी दिलाना चाहते हैं, जो पिछले 40 वर्षों से देश की शांति को खतरे में डाल रही है।

पीकेके, जिसे तुर्की, संयुक्त राज्य अमेरिका और यूरोपीय संघ ने एक आतंकवादी संगठन घोषित किया है, ने 1984 से तुर्की सरकार के खिलाफ हथियारबंद विद्रोह किया है। शुरू में एक स्वतंत्र कुर्दिश देश की मांग की गई, लेकिन बाद में तुर्की के भीतर स्वायत्तता और अधिक अधिकारों की मांग की गई। यह संघर्ष पड़ोसी इराक और सीरिया तक फैल गया, जिसमें लगभग 40,000 लोगों की जान गई।

सीरिया की सरकार और कुर्दिश नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एसडीएफ) के बीच 10 मार्च 2025 को हुए समझौते को लागू करने का कार्य अब काफी हद तक ठप हो गया है।

तुर्की, एसडीएफ को पीकेके के निकट मानता है और इस डील को लागू करने के लिए दबाव बना रहा है, क्योंकि उसे चिंता है कि सीरियाई कुर्दिश लड़ाके सीरिया में स्वायत्तता बनाए रख सकते हैं और उसकी सीमा पर सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।

सोमवार को एक बयान में कहा गया, "बैठक सकारात्मक रही, जिसका उद्देश्य सामाजिक मेलजोल और भाईचारे को सुदृढ़ करना और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था," और यह भी कहा गया कि बातचीत के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ओकलान से विस्तार में चर्चा की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्तांबुल के पास इमराली जेल आइलैंड पर ओकलान और तीन निर्वाचित नेताओं के बीच बैठक पांच घंटे तक चली।

ओकलान, जो 1999 से जेल में हैं, कुर्दों के बीच एक प्रभावशाली व्यक्ति माने जाते हैं, इसलिए उन्हें विद्रोह समाप्त करने के उद्देश्य से शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीकेके ने मई में घोषणा की थी कि वह ओकलान की बात मानकर चार दशकों से चल रही दुश्मनी को समाप्त करते हुए हथियार डाल देगा।

बाद में ग्रुप ने उत्तरी इराक में एक प्रतीकात्मक निरस्त्रीकरण समारोह का आयोजन किया, जहां लड़ाकों ने अपने हथियार डालना शुरू कर दिया, और पिछले महीने घोषणा की कि वह तुर्की से अपनी बचे हुए बलों को इराक वापस बुला रहा है।

तुर्की इन दिनों कई शांति समझौतों में अपनी भूमिका निभाने को तत्पर दिख रहा है। अफगानिस्तान-पाकिस्तान के अलावा, वह गाजा शांति योजना को लेकर भी सक्रिय रहा है। राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन शांति के लिए इच्छुक हैं, लेकिन वे पर्दे के पीछे रहकर कार्य को पूर्ण होते देखना चाहते हैं। उनके लिए पीकेके के हथियार रखना राजनीतिक और व्यक्तिगत रूप से बड़ी उपलब्धि होगी।

71 वर्षीय एर्दोगन पीकेके के साथ शांति प्रयासों में इसलिए भी सामने नहीं आ रहे क्योंकि पीकेके एक आतंकवादी संगठन है और वे अपने विदेशी मित्रों के सामने छवि को नुकसान नहीं पहुँचाना चाहते।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि तुर्की की शांति प्रक्रिया में यह बातचीत एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कुर्दिश मुद्दे को सुलझाने के लिए एक नई दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अब्दुल्ला ओकलान कौन हैं?
अब्दुल्ला ओकलान कुर्दिस्तान वर्कर्स पार्टी (पीकेके) के नेता हैं, जो 1999 से जेल में बंद हैं।
तुर्की में ओकलान से बातचीत का उद्देश्य क्या है?
यह बातचीत दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने के लिए चल रही शांति पहल का हिस्सा है।
पीकेके को किन देशों ने आतंकवादी संगठन माना है?
पीकेके को तुर्की, अमेरिका और यूरोपीय संघ ने आतंकवादी संगठन माना है।
क्या इस बातचीत से तुर्की में शांति आएगी?
यह देखना बाकी है, लेकिन यह बातचीत एक महत्वपूर्ण कदम है।
ओकलान की बैठक में कौन शामिल थे?
बैठक में ओकलान और तीन निर्वाचित नेताओं के बीच चर्चा हुई।
राष्ट्र प्रेस
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