एनएसए डोभाल से मिले ब्रिटेन के NSA जोनाथन पॉवेल, रक्षा-सुरक्षा सहयोग पर अहम बातचीत

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एनएसए डोभाल से मिले ब्रिटेन के NSA जोनाथन पॉवेल, रक्षा-सुरक्षा सहयोग पर अहम बातचीत

सारांश

ब्रिटेन के NSA जोनाथन पॉवेल ने 23 अप्रैल को नई दिल्ली में एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात की। भारत-ब्रिटेन रणनीतिक डायलॉग में रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और विजन 2035 पर अहम चर्चा हुई।

Key Takeaways

  • 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक डायलॉग आयोजित हुआ।
  • एनएसए अजीत डोभाल और ब्रिटेन के NSA जोनाथन पॉवेल के बीच द्विपक्षीय बैठक में रक्षा व सुरक्षा सहयोग पर चर्चा हुई।
  • विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी जोनाथन पॉवेल से मुलाकात कर क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों पर विचार साझा किए।
  • भारत-ब्रिटेन विजन 2035 को 24 जुलाई 2025 को लंदन में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने मंजूरी दी थी।
  • इससे पहले एनएसए डोभाल ने सऊदी अरब का दौरा कर रियाद में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी।
  • यह बैठक भारत की सक्रिय मल्टी-अलाइनमेंट विदेश नीति और वैश्विक सुरक्षा में बढ़ती भूमिका को दर्शाती है।

नई दिल्ली, 23 अप्रैल। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और ब्रिटेन के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जोनाथन पॉवेल के बीच 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हुई। यह मुलाकात वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक डायलॉग के तहत आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा और व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने पर गहन विचार-विमर्श हुआ। इसके बाद जोनाथन पॉवेल ने भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से भी भेंट की।

रणनीतिक डायलॉग में क्या हुई बातचीत

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए बताया कि एनएसए डोभाल ने वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक डायलॉग के अवसर पर जोनाथन पॉवेल का नई दिल्ली में स्वागत किया।

मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा हुई। इसमें विशेष रूप से रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर जोर दिया गया। साथ ही दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर भी अपने-अपने विचार साझा किए।

जयशंकर से मुलाकात — वैश्विक सुरक्षा पर केंद्रित रही चर्चा

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "आज दोपहर नई दिल्ली में ब्रिटेन के एनएसए जोनाथन पॉवेल से मिलकर प्रसन्नता हुई। हमारी चर्चा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा मुद्दों के साथ-साथ बढ़ते भारत-ब्रिटेन सहयोग पर केंद्रित रही।"

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत और ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक और रक्षा संबंध तेजी से प्रगाढ़ हो रहे हैं। दोनों देश न केवल द्विपक्षीय स्तर पर बल्कि बहुपक्षीय मंचों पर भी समन्वय बढ़ा रहे हैं।

भारत-ब्रिटेन विजन 2035 — साझेदारी का नया रोडमैप

उल्लेखनीय है कि भारत और ब्रिटेन के प्रधानमंत्रियों ने 24 जुलाई 2025 को लंदन में अपनी बैठक के दौरान "भारत-ब्रिटेन विजन 2035" को औपचारिक रूप से मंजूरी दी थी। यह दस्तावेज दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है, जिसका लक्ष्य 2035 तक द्विपक्षीय संबंधों को पूरी तरह नए सिरे से परिभाषित करना है।

विजन 2035 में स्पष्ट रणनीतिक लक्ष्य और माइलस्टोन निर्धारित किए गए हैं। यह दोनों देशों के आपसी विकास, समृद्धि और एक सुरक्षित, टिकाऊ वैश्विक व्यवस्था के निर्माण की दिशा में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस समझौते से दोनों देशों को रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में ठोस लाभ मिलने की उम्मीद है।

डोभाल की सक्रिय कूटनीति — सऊदी अरब दौरे के बाद अब UK से संवाद

गौरतलब है कि इससे पहले एनएसए अजीत डोभाल ने सऊदी अरब का दौरा किया था, जहां उन्होंने रियाद में कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया था कि उस बैठक में आपसी सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं और पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा हुई थी।

यह लगातार उच्चस्तरीय कूटनीतिक गतिविधि इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में एक सक्रिय और निर्णायक भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पश्चिम एशिया से लेकर यूरोप तक, डोभाल की कूटनीति भारत के बढ़ते वैश्विक कद को रेखांकित करती है।

आगे क्या — भारत-ब्रिटेन संबंधों की दिशा

इस रणनीतिक डायलॉग के बाद अब दोनों देशों के बीच रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन, साइबर सुरक्षा सहयोग और आतंकवाद-रोधी तंत्र को और मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की संभावना है। भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लागू होने के बाद यह रक्षा-सुरक्षा साझेदारी दोनों देशों के संबंधों को एक नई धुरी प्रदान करेगी।

Point of View

ब्रेग्जिट के बाद अपनी वैश्विक साझेदारियों को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है और भारत उसकी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर है। विजन 2035 की स्वीकृति के बाद अब रक्षा और सुरक्षा के मोर्चे पर ठोस क्रियान्वयन की बारी है — और डोभाल जैसे अनुभवी रणनीतिकार के साथ यह वार्ता उस दिशा में निर्णायक हो सकती है। यह भी गौर करने योग्य है कि डोभाल पहले सऊदी अरब और अब ब्रिटेन — यानी पश्चिम एशिया और यूरोप दोनों मोर्चों पर एक साथ सक्रिय हैं, जो भारत की 'मल्टी-अलाइनमेंट' विदेश नीति की परिपक्वता को दर्शाता है। मुख्यधारा की मीडिया इसे केवल 'बैठक' बता रही है, लेकिन असल में यह भारत की उस दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है जो 2035 तक वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था में भारत को एक अपरिहार्य शक्ति के रूप में स्थापित करना चाहती है।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

ब्रिटेन के NSA जोनाथन पॉवेल भारत क्यों आए?
जोनाथन पॉवेल वार्षिक भारत-ब्रिटेन रणनीतिक डायलॉग में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए। उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात कर रक्षा सहयोग और वैश्विक सुरक्षा पर चर्चा की।
भारत-ब्रिटेन विजन 2035 क्या है?
भारत-ब्रिटेन विजन 2035 एक रणनीतिक साझेदारी दस्तावेज है जिसे दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने 24 जुलाई 2025 को लंदन में मंजूरी दी थी। इसमें 2035 तक रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग के स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
एनएसए डोभाल और पॉवेल की बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
दोनों नेताओं ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार साझा किए। भारत-ब्रिटेन व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी बातचीत हुई।
एनएसए अजीत डोभाल हाल में और किन देशों के दौरे पर गए?
एनएसए अजीत डोभाल हाल ही में सऊदी अरब के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने रियाद में वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर आपसी सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की थी।
भारत और ब्रिटेन के बीच रक्षा सहयोग का भविष्य क्या है?
विजन 2035 के तहत दोनों देश रक्षा उपकरणों के सह-उत्पादन, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी सहयोग को और गहरा करने की दिशा में काम करेंगे। भारत-ब्रिटेन FTA लागू होने के बाद यह साझेदारी और व्यापक होगी।
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