यमन में 1 लाख से अधिक बेघर, संयुक्त राष्ट्र ने जारी किए $90 लाख की आपातकालीन सहायता
सारांश
मुख्य बातें
संयुक्त राष्ट्र के आपातकालीन राहत समन्वयक टॉम फ्लेचर ने यमन में संघर्ष से विस्थापित परिवारों और उन्हें शरण देने वाले समुदायों की सहायता के लिए 90 लाख अमेरिकी डॉलर की तत्काल राहत राशि स्वीकृत की है। संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार, यमन के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में बढ़ते संघर्ष के कारण अब तक एक लाख से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को विवश हो चुके हैं।
मुख्य घटनाक्रम
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) ने बताया कि हज़ारों विस्थापित लोग सुरक्षा की तलाश में बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पार कर जिबूती पहुँच गए हैं। पिछले चार दिनों में 2,400 से अधिक लोगों ने समुद्री मार्ग से यमन छोड़ा, जिनमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएँ, बच्चे और बुज़ुर्ग थे।
कई परिवारों को अत्यंत कम समय में घर छोड़ना पड़ा और वे अपने साथ केवल आवश्यक सामान ही ले जा सके। ओसीएचए ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन प्रभावित लोगों की मदद में जुटे हैं, लेकिन उपलब्ध संसाधन तेज़ी से घट रहे हैं।
राहत कार्यों में बाधाएँ
सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताओं के कारण राहतकर्मियों की आवाजाही और जरूरतमंदों तक पहुँचना अत्यंत कठिन बना हुआ है। कई महत्त्वपूर्ण मार्गों पर आवाजाही सीमित या पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसके अलावा, अल-मखा बंदरगाह को हुई क्षति ने राहत सामग्री की आपूर्ति को और जटिल बना दिया है।
यूएनएचसीआर के अनुसार, असुरक्षा, क्षतिग्रस्त सड़कें, दूरसंचार सेवाओं में व्यवधान और यात्रा प्रतिबंध — ये सभी कारक मिलकर राहत अभियान को बाधित कर रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कई प्रांतों में एक साथ लड़ाई जारी है।
आम जनता पर असर
यूएनएचसीआर ने कहा, 'रहने की जगह, भोजन, साफ पानी, स्वास्थ्य सेवाएँ और सुरक्षा संबंधी सहायता इस समय सबसे ज़रूरी ज़रूरतों में शामिल हैं। जिन समुदायों और शिविरों में विस्थापित लोगों को रखा जा रहा है, उन पर पहले से ही काफी दबाव है।'
गौरतलब है कि यदि संघर्ष और तेज़ होता है, तो यमन के भीतर विस्थापितों की संख्या और बढ़ सकती है तथा शरणार्थियों की संख्या में भी वृद्धि की आशंका है।
अंतरराष्ट्रीय अपील
ओसीएचए ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से अपील की है कि वे आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का सम्मान करें और राहत एजेंसियों को सुरक्षित एवं निर्बाध रूप से कार्य करने दें।
आगे की स्थिति
यूएनएचसीआर ने बताया कि वह सोमालिया की ओर संभावित विस्थापन पर नज़र रखे हुए है और वहाँ अतिरिक्त लोगों के पहुँचने की स्थिति के लिए तैयारी की जा रही है। यह संकट यमन में वर्षों से जारी मानवीय त्रासदी की एक और कड़ी है, जो अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गहरी चिंता का विषय बनी हुई है।