ट्रंप ने क्वांटम लीडरशिप के लिए साइन किए दो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर, 2028 तक उन्नत क्वांटम कंप्यूटर बनाने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 जून 2025 को व्हाइट हाउस में एक साइनिंग सेरेमनी के दौरान दो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए, जिनका उद्देश्य अमेरिका में एडवांस्ड क्वांटम कंप्यूटर के विकास में तेज़ी लाना और संघीय एजेंसियों को क्वांटम-प्रतिरोधी साइबर सुरक्षा प्रणालियों की ओर शीघ्रता से ले जाना है। सरकार का मानना है कि 2028 तक वैज्ञानिक रूप से उपयोगी क्वांटम कंप्यूटर विकसित किया जा सकता है।
दो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर: क्या है इनमें
पहला एग्जीक्यूटिव ऑर्डर, जिसका शीर्षक 'क्वांटम इनोवेशन के अगले मोर्चे की शुरुआत' है, राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित करता है। इसके तहत अगले पाँच वर्षों में आवश्यक वैज्ञानिक गणनाएँ करने में सक्षम क्वांटम कंप्यूटर बनाने और क्वांटम-सक्षम सेंसर व नेटवर्क विकसित करने के लिए एक राष्ट्रीय प्रयास शुरू किया जाएगा। ऊर्जा विभाग इस प्रणाली के लिए तकनीकी आवश्यकताएँ निर्धारित करेगा, और इसे राष्ट्रीय प्रयोगशाला या ऊर्जा विभाग की क्षमता में स्थापित किए जाने की उम्मीद है।
दूसरा एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइबर सुरक्षा पर केंद्रित है। यह संघीय सरकार के पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी में बदलाव को तेज़ करता है और इसके लिए अनिवार्य समय-सीमा को 2031 तक आगे बढ़ाता है। नेशनल साइबर डायरेक्टर सीन केयर्नक्रॉस ने कहा कि यह कदम इसलिए ज़रूरी था क्योंकि भविष्य के क्वांटम कंप्यूटर मौजूदा एन्क्रिप्शन प्रणालियों को चुनौती दे सकते हैं, जो वित्तीय लेन-देन, महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे और सरकारी नेटवर्क की सुरक्षा करती हैं।
निवेश और घरेलू क्षमता निर्माण
कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने बताया कि सरकार ने कुछ सप्ताह पहले ही क्वांटम क्षेत्र को आगे बढ़ाने के लिए 2 बिलियन डॉलर का निवेश किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका घरेलू मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में भी निवेश कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि एडवांस्ड क्वांटम तकनीक अमेरिकी धरती पर ही विकसित हो। इन ऑर्डर का एक और उद्देश्य सप्लाई चेन को मज़बूत करना, नए वर्कफोर्स डेवलपमेंट कार्यक्रम बनाना और सहयोगी देशों के साथ अनुसंधान एवं बौद्धिक संपदा संरक्षण पर सहयोग गहरा करना भी है।
गौरतलब है कि ये नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 2018 में ट्रंप द्वारा ही हस्ताक्षरित नेशनल क्वांटम इनिशिएटिव एक्ट पर आधारित हैं। उस कानून ने क्वांटम अनुसंधान के लिए संघीय समर्थन बढ़ाया था और सरकारी एजेंसियों, विश्वविद्यालयों तथा निजी उद्योगों के बीच सहयोग का एक ढाँचा तैयार किया था।
तकनीकी उद्योग की प्रतिक्रिया
साइनिंग सेरेमनी में उपस्थित तकनीकी उद्योग के नेताओं ने इस पहल का स्वागत किया। गूगल की अध्यक्ष रूथ पोराट ने क्वांटम कंप्यूटिंग को एक बड़ी और अनिवार्य तकनीक बताते हुए कहा, "अमेरिका आगे है, आगे रहेगा।" आईबीएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरविंद कृष्णा ने कहा कि सरकारी समर्थन से निजी क्षेत्र में अधिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा, "इनोवेशन और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने में सरकार की भूमिका ही इन दोनों को हासिल करेगी।"
वैश्विक प्रतिस्पर्धा का संदर्भ
क्वांटम कंप्यूटिंग दुनिया भर की सरकारों के लिए एक रणनीतिक प्राथमिकता बन चुकी है। यह तकनीक पारंपरिक कंप्यूटरों की क्षमताओं से कहीं अधिक वैज्ञानिक, औद्योगिक और सुरक्षा चुनौतियों को हल करने में सक्षम मानी जाती है। अमेरिका और चीन समेत कई बड़ी ताकतों ने पिछले एक दशक में इस क्षेत्र में भारी निवेश किया है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक तकनीकी वर्चस्व की होड़ तेज़ होती जा रही है और क्वांटम श्रेष्ठता को राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग माना जाने लगा है।
आगे क्या होगा
एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, "हमें लगता है कि यह 2028 तक हो सकता है।" अधिकारियों ने इस परियोजना को क्वांटम कंप्यूटिंग के व्यापक विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। एक अन्य अधिकारी के अनुसार, सरकार इस प्रणाली को भविष्य में आने वाली अधिक क्षमता वाली क्वांटम मशीनों की दिशा में 'अगले लक्ष्य तक पहुँचने के माध्यम' के रूप में देखती है। ट्रंप ने इस पहल को अमेरिका की 250 वर्षों की नवाचार विरासत से जोड़ते हुए कहा कि क्वांटम लीडरशिप के आज के वादे आने वाले दशकों तक उस विरासत को सुरक्षित रखेंगे।