क्या अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस पर हमले किए?

Click to start listening
क्या अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस पर हमले किए?

सारांश

अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर हमले किए हैं। यह कार्रवाई पिछले महीने अमेरिकी कर्मियों पर हुए हमले का प्रतिशोध है। सेंट्रल कमांड ने हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि यह ऑपरेशन हॉकआई का हिस्सा है, जो आतंकवाद के खिलाफ निरंतर अभियान के रूप में चलाया जा रहा है।

Key Takeaways

  • अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर हमला किया है।
  • यह कार्रवाई दिसंबर के हमले का प्रतिशोध है।
  • ऑपरेशन हॉकआई निरंतर अभियान के रूप में चलाया जा रहा है।
  • सेंटकॉम ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
  • हमलों में नुकसान का आकलन नहीं किया गया है।

वाशिंगटन, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर हमले किए हैं। यह कार्रवाई दिसंबर में अमेरिकी कर्मियों पर हुए हमले का जवाब है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने हमलों की पुष्टि की है और बताया कि अमेरिकी सेना ने सहयोगी सेनाओं के साथ मिलकर सीरिया में आईएसआईएस के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए।

अमेरिकी सेना ने कहा कि शनिवार के हमलों में सीरिया भर में आईएसआईएस के ठिकानों को निशाना बनाया गया और इनका उद्देश्य क्षेत्र में कार्यरत अमेरिकी और सहयोगी सेनाओं पर हमलों को रोकना था। सेंटकॉम ने एक बयान में कहा, "हमलों में सीरिया भर में आईएसआईएस को निशाना बनाया गया, जो आतंकवाद को खत्म करने, भविष्य के हमलों को रोकने और क्षेत्र में अमेरिकी एवं सहयोगी सेनाओं की रक्षा करने की हमारी निरंतर प्रतिबद्धता का हिस्सा है।"

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि यह कार्रवाई शनिवार को की गई और यह 'ऑपरेशन हॉकआई' स्ट्राइक का हिस्सा है, जिसे 19 दिसंबर को शुरू किया गया था। 'ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक' को पिछले महीने एक जवाबी कार्रवाई के बजाय एक निरंतर अभियान के रूप में घोषित किया गया था। सेंटकॉम ने कहा, "ये हमले ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक का हिस्सा हैं।" उन्होंने इसे पलमायरा हमले का सीधा उत्तर बताया।

अधिकारियों ने कहा कि यह ऑपरेशन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर सीरिया के पलमायरा में अमेरिकी और सीरियाई सेनाओं पर 13 दिसंबर को हुए हमले का जवाब था। उस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों समेत तीन लोग मारे गए थे। अमेरिकी सेना ने उन हमलों के लिए आईएसआईएस को जिम्मेदार ठहराया।

कमांड ने कहा कि अमेरिकी और सहयोगी सेनाएं आईएसआईएस आतंकवादियों को खत्म करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, जो खतरा बने हुए हैं। सेंटकॉम के बयान में कहा गया है, "हमारा संदेश स्पष्ट है। अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाते हैं, तो हम आपको दुनिया में कहीं भी खोज निकालेंगे और समाप्त कर देंगे, चाहे आप न्याय से बचने की कितनी भी कोशिश क्यों न करें।"

हालांकि, सेंटकॉम ने हमलों में निशाना बनाए गए ठिकानों की संख्या, निशाना बनाए गए खास जगहों या इस्तेमाल किए गए हथियारों के बारे में जानकारी नहीं दी। सेना ने नुकसान का आकलन भी जारी नहीं किया।

इस बीच, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हमलों की घोषणा के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "हम कभी नहीं भूलेंगे और कभी हार नहीं मानेंगे।"

Point of View

बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश भी है कि अमेरिका अपने सैनिकों की सुरक्षा के प्रति गंभीर है।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिकी सेना ने सीरिया में क्यों हमला किया?
अमेरिकी सेना ने सीरिया में आईएसआईएस के ठिकानों पर हमला किया है, जो पिछले महीने अमेरिकी कर्मियों पर किए गए हमले का प्रतिशोध है।
ऑपरेशन हॉकआई क्या है?
ऑपरेशन हॉकआई एक निरंतर अभियान है, जिसे अमेरिका ने आईएसआईएस के खिलाफ चलाने के लिए शुरू किया है।
यह हमला कब किया गया?
यह हमला 11 जनवरी को किया गया था।
सेंटकॉम ने हमलों के बारे में क्या कहा?
सेंटकॉम ने कहा है कि यह हमले आतंकवाद को खत्म करने और भविष्य के हमलों को रोकने का हिस्सा हैं।
क्या हमलों में किसी प्रकार का नुकसान हुआ?
सेंटकॉम ने हमलों में नुकसान का आकलन जारी नहीं किया है।
Nation Press