18 जुलाई 2026
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ईरान में सातवीं रात धमाके: यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर फिर किए हमले

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ईरान में सातवीं रात धमाके: यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर फिर किए हमले

सारांश

अमेरिका-ईरान संघर्ष सातवीं रात में दाखिल हो गया — CENTCOM के हमलों के बाद बुशहर, होर्मोजगान और यज्द में धमाके गूँजे। ईरान ने जवाब में बहरीन में अमेरिकी ड्रोन डिपो और AI केंद्र को तबाह करने का दावा किया। होर्मुज स्ट्रेट पर दुनिया की नजर टिकी है।

मुख्य बातें

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 18 जुलाई 2026 की रात लगातार सातवीं बार ईरान के खिलाफ हमले किए।
बुशहर , होर्मोजगान के सिरिक-केशम और यज्द प्रांत में धमाकों की खबर; हताहतों की अभी तक पुष्टि नहीं।
निशाना बने ठिकानों में चाह बहार शाहिद कलंतरी पोर्ट का निगरानी टावर, तटीय एयर डिफेंस साइटें और समुद्री संपत्तियाँ शामिल।
IRGC ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी ड्रोन डिपो और AI केंद्र को नष्ट किया — स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
IRGC ने खुजस्तान प्रांत के रामशीर में एक अमेरिकी RQ-11 Raven ड्रोन मार गिराने का दावा किया।

यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 18 जुलाई 2026 की रात ईरान के खिलाफ हमलों का लगातार सातवाँ दौर शुरू किया, जिसके बाद तेहरान सहित कई ईरानी प्रांतों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं। ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बुशहर, होर्मोजगान और यज्द प्रांतों में विस्फोट दर्ज किए गए, हालाँकि अभी तक हताहतों या नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्य घटनाक्रम

ईरान की अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया कि धमाकों की खबर बुशहर प्रांत, होर्मोजगान प्रांत के सिरिक और केशम क्षेत्र से मिली है। वहीं, ईरान की आधिकारिक आईआरएनए न्यूज एजेंसी ने कहा कि मध्य यज्द प्रांत में पाँच धमाकों की आवाज सुनी गई। अभी तक लक्षित ठिकानों, हताहतों या नुकसान के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

CENTCOM ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की गई जानकारी में बताया कि यह हमले ईरानी सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। इससे पहले गुरुवार की देर रात अमेरिकी सेना ने दर्जनों ईरानी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए थे।

कौन-से ठिकाने बने निशाना

अमेरिकी सेना के हमलों में तटीय निगरानी साइटें, एयर डिफेंस ठिकाने, मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री संपत्तियाँ शामिल रहीं। अमेरिकी सेना में फाइटर जेट, ड्रोन और जंगी जहाज शामिल बताए गए हैं।

विशेष रूप से, चाह बहार शाहिद कलंतरी पोर्ट पर स्थित निगरानी टावर को निशाना बनाया गया। CENTCOM का आरोप है कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) इस टावर का उपयोग होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को ट्रैक करने और उन्हें निशाना बनाने के लिए करती थी।

ईरान का जवाबी दावा

IRGC ने शुक्रवार को एक बयान में दावा किया कि उसकी सेनाओं ने बहरीन में अमेरिका के मानवरहित जहाजों वाले डिपो को निशाना बनाया और उनमें से बड़ी संख्या को नष्ट कर दिया। IRGC के आधिकारिक न्यूज आउटलेट सेपा न्यूज में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने बहरीन में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केंद्र को भी निशाना बनाया, जिसके बारे में ईरान ने दावा किया कि उसे पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

इसके अलावा, IRGC ने कहा कि उसके एयर डिफेंस फोर्स ने दक्षिण-पश्चिमी खुजस्तान प्रांत के रामशीर क्षेत्र के ऊपर एक AeroVironment RQ-11 Raven ड्रोन को मार गिराया।

क्षेत्रीय संदर्भ और महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-ईरान तनाव अपने चरम पर है और होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है — की सुरक्षा को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ रही है। गौरतलब है कि यह लगातार सातवीं रात के हमले हैं, जो दर्शाते हैं कि यह संघर्ष अल्पकालिक नहीं रहा। बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले के दावे इस संघर्ष के भौगोलिक विस्तार की ओर इशारा करते हैं।

आगे क्या

फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से युद्धविराम या वार्ता के संकेत नहीं मिले हैं। हताहतों और नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी अभी सामने आनी बाकी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजरानी की स्थिति और क्षेत्र में आगे की घटनाओं पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ईरान के बहरीन में हमले के दावे — जिनकी अभी पुष्टि नहीं हुई — इस संकेत की ओर इशारा करते हैं कि संघर्ष खाड़ी के अन्य देशों तक फैल सकता है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है, वह यह है कि दोनों पक्षों के दावों और वास्तविक सत्यापित नुकसान के बीच की खाई अभी भी बहुत बड़ी है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएस सेंट्रल कमांड ने ईरान पर कितने दिनों से हमले किए हैं?
CENTCOM के अनुसार, 18 जुलाई 2026 की रात लगातार सातवीं रात ईरान के खिलाफ हमले किए गए। ये हमले ईरानी सैन्य क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
ईरान के किन प्रांतों में धमाके सुने गए?
मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार बुशहर, होर्मोजगान के सिरिक और केशम क्षेत्रों में धमाके सुने गए। आईआरएनए के अनुसार मध्य यज्द प्रांत में पाँच धमाकों की आवाज दर्ज की गई, हालाँकि हताहतों या नुकसान की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका ने ईरान के कौन-से ठिकानों को निशाना बनाया?
निशाना बने ठिकानों में चाह बहार शाहिद कलंतरी पोर्ट का निगरानी टावर, तटीय एयर डिफेंस साइटें, मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और समुद्री संपत्तियाँ शामिल हैं। CENTCOM का आरोप है कि IRGC इस टावर से होर्मुज स्ट्रेट के व्यावसायिक जहाजों को ट्रैक करती थी।
ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में क्या किया?
IRGC ने दावा किया कि उसने बहरीन में अमेरिकी मानवरहित जहाजों के डिपो और एक AI केंद्र को नष्ट किया। इसके अलावा, खुजस्तान प्रांत के रामशीर में एक अमेरिकी RQ-11 Raven ड्रोन मार गिराने का दावा भी किया गया है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
होर्मुज स्ट्रेट पर इस संघर्ष का क्या असर पड़ सकता है?
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है, और यहाँ ईरानी निगरानी ठिकानों को निशाना बनाने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर की आशंका बढ़ी है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से युद्धविराम के कोई संकेत नहीं हैं।
राष्ट्र प्रेस
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