18 अगस्त 2026
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मेटा की चुनावी सुरक्षा पर 19 अमेरिकी सांसदों का हमला, डीपफेक और एआई से 2026 चुनावों को खतरा

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मेटा की चुनावी सुरक्षा पर 19 अमेरिकी सांसदों का हमला, डीपफेक और एआई से 2026 चुनावों को खतरा

सारांश

2026 के अमेरिकी चुनावों से पहले 19 सांसदों ने मेटा को घेरा — फैक्ट-चेकिंग खत्म करने और एआई पर निर्भरता को लेकर। 'एमिली हार्ट' जैसे फर्जी एआई प्रोफाइल और टेक्सास के डीपफेक विज्ञापन इस खतरे की असली तस्वीर हैं। जुकरबर्ग के पास जवाब देने की मोहलत है 18 सितंबर तक।

मुख्य बातें

19 अमेरिकी सांसदों ने 18 अगस्त 2026 को मार्क जुकरबर्ग को पत्र लिखकर मेटा की चुनावी सुरक्षा व्यवस्था को 'अपर्याप्त' बताया।
मेटा ने 90 से अधिक स्वतंत्र संगठनों वाला थर्ड-पार्टी फैक्ट-चेकिंग कार्यक्रम बंद कर कम्युनिटी नोट्स लागू किया।
भारत के एक 22 वर्षीय मेडिकल छात्र द्वारा एआई से बनाई गई फर्जी प्रोफाइल 'एमिली हार्ट' को इंस्टाग्राम पर लाखों व्यूज मिले।
टेक्सास सीनेट उम्मीदवार जेम्स तालारिको का डीपफेक वीडियो विज्ञापन चुनावी दुष्प्रचार का प्रमुख उदाहरण बना।
जुकरबर्ग को 2020, 2024 और 2026 के चुनाव-सुरक्षा बजट और कर्मचारियों की तुलना सहित 18 सितंबर 2026 तक जवाब देना है।

वाशिंगटन में 18 अगस्त 2026 को 19 अमेरिकी सांसदों के एक समूह ने मेटा के चुनावी सुरक्षा इंतजामों को 'अपर्याप्त' करार देते हुए कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग से जवाब माँगा है। सांसदों का आरोप है कि फैक्ट-चेकिंग में कटौती और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बढ़ती निर्भरता ने 2026 के अमेरिकी चुनावों से पहले मतदाताओं के सामने डीपफेक और राजनीतिक गलत सूचना का गंभीर खतरा पैदा कर दिया है।

सांसदों की मुख्य चिंताएँ

इस समूह का नेतृत्व डेमोक्रेटिक सीनेटर केविन मुलिन ने किया, जिनके जिले में मेटा का मुख्यालय स्थित है। उन्होंने जुकरबर्ग से पूछा कि क्या कंपनी फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स और व्हाट्सऐप पर तेजी से बदलते खतरों से निपटने के लिए तैयार है।

मुलिन ने कहा, 'जेनरेटिव एआई ने भरोसेमंद डीपफेक और दूसरे भ्रामक कंटेंट बनाना पहले से कहीं आसान कर दिया है। हम पहले से ही देख रहे हैं कि इन तरीकों का इस्तेमाल अमेरिका के चुनावों को प्रभावित करने के लिए हो रहा है। पिछले कुछ सालों में मेटा ने गलत जानकारी रोकने के लिए बनाए गए अहम सुरक्षा उपायों को वापस ले लिया है।'

फैक्ट-चेकिंग खत्म, कम्युनिटी नोट्स लागू

सांसदों ने मेटा के अमेरिका में थर्ड-पार्टी फैक्ट-चेकिंग कार्यक्रम बंद करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई। इस कार्यक्रम में 90 से अधिक स्वतंत्र संगठन संदिग्ध कंटेंट की समीक्षा करते थे। मेटा ने इसकी जगह कम्युनिटी नोट्स प्रणाली लागू की है, जिसमें आम यूजर्स पोस्ट पर संदर्भ जोड़ सकते हैं।

सांसदों का तर्क है कि इस बदलाव से जानकारी की जाँच का बोझ उन यूजर्स पर डाल दिया गया है जिनके पास आवश्यक समय, संसाधन या विशेषज्ञता नहीं है। पत्र में लिखा गया, 'हमारा मानना है कि मेटा का 2026 चुनाव चक्र के लिए अपनाया गया तरीका अपर्याप्त है — खासकर फैक्ट-चेकिंग में कटौती, रिस्क रिव्यू के ऑटोमेशन और एआई-जनित कंटेंट के बढ़ने को देखते हुए।'

एआई-निर्मित फर्जी प्रोफाइल का उदाहरण

सांसदों ने 'एमिली हार्ट' नामक एक फर्जी कंजर्वेटिव MAGA इन्फ्लुएंसर का उदाहरण पेश किया। रिपोर्टों के अनुसार इसे भारत के एक 22 वर्षीय मेडिकल छात्र ने एआई टूल्स की मदद से तैयार किया था। इस सिंथेटिक प्रोफाइल ने गर्भपात-विरोधी और आप्रवासन-विरोधी विचारों को बढ़ावा दिया और इंस्टाग्राम पर हटाए जाने से पहले लाखों व्यूज और हजारों सब्सक्राइबर हासिल कर लिए।

इसके अलावा पत्र में टेक्सास और जॉर्जिया के सीनेट चुनावों में हुए डीपफेक मामलों का भी उल्लेख है। इनमें टेक्सास सीनेट उम्मीदवार जेम्स तालारिको का एक अत्यंत यथार्थवादी नकली वीडियो विज्ञापन शामिल था जिसमें वह सीधे कैमरे से बात करते दिख रहे थे।

जुकरबर्ग से माँगे गए जवाब

सांसदों ने जुकरबर्ग से 2020, 2024 और 2026 के लिए मेटा के अमेरिकी चुनाव-सुरक्षा कर्मचारियों और बजट की तुलनात्मक जानकारी माँगी है। साथ ही डीपफेक वीडियो, सिंथेटिक ऑडियो और राजनीतिक हस्तियों की नकल करने वाले अकाउंट्स के विरुद्ध नीतियों का ब्यौरा भी माँगा गया है।

सांसदों ने यह भी जानना चाहा है कि क्या भुगतान पाने वाले राजनीतिक इन्फ्लुएंसर को अपनी कमाई और फंडिंग का खुलासा करना होगा, और क्या राजनीतिक विज्ञापनों में एआई-जनित भ्रामक सामग्री की पहचान अनिवार्य होगी। जुकरबर्ग को इन सवालों का जवाब 18 सितंबर 2026 तक देना है।

यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में चुनावी माहौल गर्म है और एआई-आधारित दुष्प्रचार को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंताएँ बढ़ रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जवाबदेही से पीछे हटना है — और 2026 के चुनावी माहौल में इसकी कीमत लोकतंत्र को चुकानी पड़ सकती है। कम्युनिटी नोट्स एक आकर्षक विचार है, लेकिन यह मानना कि आम यूजर वही करेगा जो प्रशिक्षित तथ्य-जाँचकर्ता करते थे, भोलापन है। 'एमिली हार्ट' प्रकरण यह साबित करता है कि एआई-जनित दुष्प्रचार अब किसी राज्य-प्रायोजित तंत्र की नहीं, बल्कि एक लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन की उपज हो सकती है। सांसदों की माँगें उचित हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि 18 सितंबर के बाद अगर जवाब अधूरे आए, तो क्या कांग्रेस के पास कोई वास्तविक नियामक दाँत हैं?
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी सांसदों ने मेटा पर क्या आरोप लगाए हैं?
19 अमेरिकी सांसदों ने मेटा पर आरोप लगाया है कि उसने थर्ड-पार्टी फैक्ट-चेकिंग बंद कर और एआई पर निर्भरता बढ़ाकर 2026 के चुनावों से पहले डीपफेक और गलत सूचना का खतरा बढ़ा दिया है। उन्होंने मार्क जुकरबर्ग से 18 सितंबर 2026 तक विस्तृत जवाब माँगा है।
मेटा ने फैक्ट-चेकिंग कार्यक्रम क्यों बंद किया और इसकी जगह क्या आया?
मेटा ने अमेरिका में 90 से अधिक स्वतंत्र संगठनों वाला थर्ड-पार्टी फैक्ट-चेकिंग कार्यक्रम बंद कर 'कम्युनिटी नोट्स' प्रणाली लागू की, जिसमें आम यूजर पोस्ट पर संदर्भ जोड़ सकते हैं। सांसदों का कहना है कि इससे जाँच का बोझ उन यूजर्स पर पड़ता है जिनके पास विशेषज्ञता नहीं है।
'एमिली हार्ट' का मामला क्या है और यह क्यों अहम है?
'एमिली हार्ट' एक एआई-निर्मित फर्जी कंजर्वेटिव MAGA इन्फ्लुएंसर थी, जिसे रिपोर्टों के अनुसार भारत के एक 22 वर्षीय मेडिकल छात्र ने बनाया था। इंस्टाग्राम पर हटाए जाने से पहले इसे लाखों व्यूज और हजारों सब्सक्राइबर मिल चुके थे, जो दर्शाता है कि एआई-जनित राजनीतिक दुष्प्रचार कितनी आसानी से फैल सकता है।
सांसदों ने जुकरबर्ग से किन विशेष सवालों के जवाब माँगे हैं?
सांसदों ने 2020, 2024 और 2026 के लिए मेटा के चुनाव-सुरक्षा बजट और कर्मचारियों की तुलना, डीपफेक और सिंथेटिक ऑडियो नीतियाँ, राजनीतिक इन्फ्लुएंसर की फंडिंग पारदर्शिता और भ्रामक कंटेंट हटाने में लगने वाले समय की जानकारी माँगी है। जवाब की समय-सीमा 18 सितंबर 2026 है।
टेक्सास और जॉर्जिया के डीपफेक मामले क्या थे?
सांसदों के पत्र में टेक्सास सीनेट उम्मीदवार जेम्स तालारिको का एक यथार्थवादी नकली वीडियो विज्ञापन शामिल था, जिसमें वह सीधे कैमरे से बात करते दिखते थे। जॉर्जिया के सीनेट चुनाव में भी इसी तरह के डीपफेक मामले सामने आए, जो एआई-आधारित चुनावी हस्तक्षेप के उभरते खतरे को रेखांकित करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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