बर्थ टूरिज्म पर अमेरिका की सख्ती: वीजा पाबंदी और फ्रॉड रिपोर्टिंग पोर्टल लॉन्च
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका ने 24 सितंबर 2026 को कमर्शियल बर्थ टूरिज्म पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इससे जुड़े नेटवर्क और व्यक्तियों पर वीजा पाबंदी लगाने का ऐलान किया। साथ ही, विदेश विभाग ने वीजा धोखाधड़ी की सूचना देने के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है, जिसके ज़रिए फर्जी नौकरी के प्रस्तावों, जाली दस्तावेज़ों और फर्जी शादियों जैसे मामलों की रिपोर्ट की जा सकेगी। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में इमिग्रेशन नीति को और कड़ा करने की दिशा में उठाया गया है।
कमर्शियल बर्थ टूरिज्म क्या है
कमर्शियल बर्थ टूरिज्म एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें विदेशी गर्भवती महिलाएं किसी दूसरे देश — विशेषकर अमेरिका — में इसलिए यात्रा करती हैं ताकि वहाँ बच्चे को जन्म देकर उसे उस देश की जन्मजात नागरिकता दिलाई जा सके। इसमें एक व्यावसायिक तंत्र काम करता है जिसमें वीजा फिक्सर, मेडिकल प्रोवाइडर और ट्रैवल एजेंट शामिल होते हैं।
यह नेटवर्क पैसों के बदले महिलाओं को रहने, इलाज और बच्चे के जन्म की सुविधाएं उपलब्ध कराता है। आलोचकों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में वीजा आवेदन में जानबूझकर झूठी जानकारी दी जाती है।
रुबियो का कड़ा रुख
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि विदेशी कमर्शियल बर्थ टूरिज्म नेटवर्क ने अमेरिकी इमिग्रेशन सिस्टम का गलत फायदा उठाकर पैसों के लिए अमेरिकी नागरिकता बेची है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेटवर्क विदेशी नागरिकों को वीजा आवेदन में झूठ बोलने की ट्रेनिंग देते हैं और सिर्फ अमेरिकी नागरिकता के लिए अमेरिकी धरती पर जन्म की व्यवस्था करने के लिए हज़ारों डॉलर वसूलते हैं।
रुबियो ने यह भी बताया कि यह नई नीति इमिग्रेशन एंड नेशनैलिटी एक्ट की धारा 212(ए)(3)(सी) के तहत लाई जा रही है। उन्होंने इस कदम को नागरिकता, सार्वजनिक लाभों, करदाताओं और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के प्रयास के रूप में वर्णित किया।
किन लोगों पर होगी कार्रवाई
रुबियो के अनुसार, वीजा पाबंदी के दायरे में कमर्शियल बर्थ टूरिज्म नेटवर्क के मालिक, संचालक और मैनेजर आएंगे। साथ ही वे बिचौलिए भी निशाने पर हैं जो आवेदकों को वीजा धोखाधड़ी करने की कोचिंग देते हैं। यह नीति उन लोगों पर भी लागू होती है जो जानबूझकर बर्थ टूरिज्म में शामिल हैं, पहले शामिल रहे हैं या इसे सुविधाजनक बनाते हैं।
विदेश विभाग ने कहा कि कुछ मामलों में परिवार के सदस्य भी इन पाबंदियों के दायरे में आ सकते हैं, हालाँकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कौन से रिश्तेदार और किन परिस्थितियों में यह लागू होगा। रुबियो ने किसी व्यक्तिगत मामले का ब्योरा भी नहीं दिया।
नया फ्रॉड रिपोर्टिंग पोर्टल
विदेश विभाग ने बर्थ टूरिज्म पाबंदी के साथ-साथ संदिग्ध वीजा धोखाधड़ी और दुरुपयोग की जानकारी देने के लिए आम जनता के लिए एक अलग ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इसमें जाली दस्तावेज़ और यात्रा योजनाएं, फर्जी शादियों की व्यवस्था करने वाले दलाल, फर्जी कंपनियाँ और मनगढ़ंत नौकरी के प्रस्तावों जैसे मामलों की रिपोर्ट की जा सकेगी।
विभाग ने बताया कि ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान वीजा धोखाधड़ी के लिए जिन हज़ारों लोगों की पहचान की गई और उन्हें जवाबदेह ठहराया गया, उनमें से कई का पता जनता की सूचना से चला। कांसुलर अफेयर्स ब्यूरो इस पोर्टल के ज़रिए मिली जानकारियों की समीक्षा करेगा और वीजा रद्द करने तथा आगे की कानूनी जाँच के लिए रेफरल सहित संभावित कार्रवाई की जाएगी।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन इमिग्रेशन पर व्यापक सख्ती की नीति लागू कर रहा है — जन्मजात नागरिकता को लेकर संवैधानिक विवाद अभी अदालतों में लंबित है। गौरतलब है कि यह कदम न केवल व्यक्तिगत यात्रियों को बल्कि पूरे व्यावसायिक नेटवर्क को निशाना बनाता है, जो पिछली नीतियों से एक बड़ा बदलाव है। विशेषज्ञों के अनुसार, पोर्टल के ज़रिए मिलने वाली जानकारियाँ भविष्य में और व्यापक प्रवर्तन कार्रवाइयों की ज़मीन तैयार कर सकती हैं।