13 अक्टूबर 2026
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H-1B वीजा विस्तार: ट्रंप प्रशासन ने पुरानी मंजूरी को प्राथमिकता देने की नीति खत्म करने का प्रस्ताव दिया

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H-1B वीजा विस्तार: ट्रंप प्रशासन ने पुरानी मंजूरी को प्राथमिकता देने की नीति खत्म करने का प्रस्ताव दिया

सारांश

ट्रंप प्रशासन ने H-1B और L-1 वीजा विस्तार में 'पुरानी मंजूरी को प्राथमिकता' देने की नीति खत्म करने का प्रस्ताव दिया है और H-4 EAD के स्वतः नवीनीकरण को अंतिम रूप से समाप्त कर दिया है। लाखों भारतीय तकनीकी पेशेवर और उनके जीवनसाथी सीधे प्रभावित होंगे।

मुख्य बातें

ट्रंप प्रशासन ने H-1B और L-1 वीजा विस्तार में पहले दी गई मंजूरी को प्राथमिकता देने की नीति ( 8 CFR 214.1(c)(5) ) हटाने का प्रस्ताव दिया है।
H-4 EAD सहित कुछ श्रेणियों के कार्य परमिट के स्वतः नवीनीकरण को 30 अक्टूबर 2025 के अंतरिम नियम की पुष्टि करते हुए अंतिम रूप से समाप्त कर दिया गया।
दोनों उपाय 13 अक्टूबर 2026 को संघीय रजिस्टर में उपलब्ध कराए गए; बुधवार को आधिकारिक प्रकाशन निर्धारित।
USCIS के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2022-25 में H-1B विस्तार मामलों में गैर-अनुपालन/धोखाधड़ी दर 22.39% रही, जो वित्त वर्ष 2018-20 की 16.77% से अधिक है।
प्रतिवर्ष औसतन 2,08,429 याचिकाएं — कुल याचिकाओं का लगभग 30% — इस प्राथमिकता नीति के दायरे में आती थीं।
प्रस्तावित नियम पर जनता को टिप्पणी के लिए 30 दिन का समय मिलेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एच-1बी सहित अन्य कुशल विदेशी कर्मचारियों के वीजा विस्तार आवेदनों में पहले दी गई मंजूरी को प्राथमिकता देने की नीति समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, कुछ श्रेणियों के विदेशी कर्मचारियों — जिनमें एच-1बी धारकों के जीवनसाथी भी शामिल हैं — के कार्य परमिट के स्वतः नवीनीकरण की व्यवस्था को अंतिम रूप से समाप्त कर दिया गया है। यह दोनों उपाय अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) और अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (USCIS) की ओर से मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को संघीय रजिस्टर में सार्वजनिक निरीक्षण के लिए उपलब्ध कराए गए और बुधवार को आधिकारिक रूप से प्रकाशित किए जाने निर्धारित हैं।

मुख्य घटनाक्रम

पहला उपाय एक प्रस्तावित नियम है, जिसके तहत DHS ने संघीय नियमावली की धारा 8 CFR 214.1(c)(5) को हटाने का प्रस्ताव दिया है। यह वह प्रावधान है जिसके अंतर्गत USCIS, एच-1बी और एल-1 जैसे वीजा श्रेणियों के विस्तार आवेदनों में — यदि मामले के तथ्य नहीं बदले हों — पहले दी गई मंजूरी को सामान्यतः प्राथमिकता देती थी। इस प्रावधान को दिसंबर 2024 में जो बाइडेन प्रशासन के अंतिम सप्ताहों में औपचारिक रूप दिया गया था।

दूसरा उपाय एक अंतिम नियम है, जो 30 अक्टूबर 2025 को जारी अंतरिम नियम की पुष्टि करता है। इसके तहत समय पर नवीनीकरण आवेदन दाखिल करने वाले कुछ श्रेणियों के लोगों के रोजगार प्राधिकरण दस्तावेजों (EAD) की वैधता स्वतः बढ़ाने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।

भारतीयों पर असर

भारतीय नागरिक एच-1बी वीजा धारकों और एच-4 श्रेणी के उन जीवनसाथियों में बड़ी संख्या में शामिल हैं जिनके पास अमेरिका में काम करने की अनुमति है। ऐसे में इन बदलावों का उन पर विशेष असर पड़ने की आशंका है। गौरतलब है कि एच-4 ईएडी धारकों में भारतीय मूल के तकनीकी पेशेवरों के जीवनसाथियों की बड़ी हिस्सेदारी है, जो प्रायः आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्रों में कार्यरत हैं।

सरकार का तर्क और आंकड़े

DHS ने तर्क दिया है कि पहले दी गई मंजूरी को प्राथमिकता देने की नीति से पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी आवेदक से हटकर USCIS अधिकारी पर आ जाती है, जो संबंधित कानून की भावना के विपरीत है। विभाग ने USCIS के स्थल निरीक्षण आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2022 से 2025 के बीच एच-1बी विस्तार मामलों में नियमों के अनुपालन में कमी और/या धोखाधड़ी की संयुक्त दर 22.39 प्रतिशत रही। तुलनात्मक रूप से, वित्त वर्ष 2018 से 2020 के बीच — जब यह नीति लागू नहीं थी — यह दर 16.77 प्रतिशत थी।

एल-1ए वीजा विस्तार के मामलों में भी यही प्रवृत्ति दिखी: वित्त वर्ष 2022-25 में दर 24.46 प्रतिशत रही, जबकि वित्त वर्ष 2018-20 में यह 18.37 प्रतिशत थी। USCIS के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2022 से 2025 के दौरान प्रतिवर्ष औसतन 2,08,429 विस्तार याचिकाएं ऐसी थीं जिन पर यह प्राथमिकता नीति लागू होती थी — यह कुल 6,88,830 वार्षिक याचिकाओं का लगभग 30 प्रतिशत है।

आगे की प्रक्रिया

प्रस्तावित नियम के संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होने के बाद आम जनता को अपनी राय और सुझाव देने के लिए 30 दिन का समय मिलेगा। आव्रजन विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रस्ताव एच-1बी विस्तार प्रक्रिया को और अधिक अनिश्चित बना सकता है, क्योंकि प्रत्येक आवेदन की पुनः शून्य से जाँच की जाएगी। यह ऐसे समय में आया है जब ट्रंप प्रशासन आव्रजन से जुड़े कई मोर्चों पर नियमों को कड़ा करने की दिशा में सक्रिय है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यवहार में यह हज़ारों ऐसे भारतीय पेशेवरों पर अनिश्चितता की एक नई परत थोपता है जो वर्षों से कानूनी तरीके से अमेरिका में काम कर रहे हैं। 22.39% गैर-अनुपालन दर का आंकड़ा प्रभावशाली लगता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इसमें वास्तविक धोखाधड़ी और तकनीकी प्रक्रियागत खामियाँ किस अनुपात में हैं — एक महत्वपूर्ण अंतर जिसे प्रस्ताव नजरअंदाज करता है। H-4 EAD समाप्ति अमेरिकी तकनीकी उद्योग के लिए भी चिंता का विषय है, जो कुशल प्रतिभा के लिए प्रायः इन्हीं परिवारों पर निर्भर करता है। असली सवाल यह है कि क्या यह नीति प्रमाणिक धोखाधड़ी को रोकेगी, या महज़ कानूनी आव्रजकों की प्रक्रिया को और जटिल बनाएगी।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

H-1B वीजा विस्तार में 'पुरानी मंजूरी को प्राथमिकता' नीति क्या थी?
यह वह व्यवस्था थी जिसके तहत यदि किसी H-1B या L-1 वीजा धारक के मामले के तथ्य नहीं बदले हों, तो USCIS उनके विस्तार आवेदन पर विचार करते समय पहले दी गई मंजूरी को आधार मानती थी। ट्रंप प्रशासन ने इसे हटाने का प्रस्ताव दिया है ताकि हर आवेदन की स्वतंत्र रूप से जाँच हो सके।
H-4 EAD स्वतः नवीनीकरण समाप्त होने से किसे नुकसान होगा?
H-4 EAD उन लोगों को कार्य करने की अनुमति देता है जो H-1B धारकों के जीवनसाथी हैं। स्वतः नवीनीकरण समाप्त होने से उन्हें समय पर आवेदन के बावजूद अपने EAD के नवीनीकरण की प्रतीक्षा में काम बंद करना पड़ सकता है। भारतीय मूल के तकनीकी पेशेवरों के जीवनसाथी इससे सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
ट्रंप प्रशासन ने यह बदलाव क्यों किया?
DHS का तर्क है कि पुरानी नीति से पात्रता साबित करने की जिम्मेदारी आवेदक से हटकर USCIS अधिकारी पर आ जाती थी, जो कानूनी प्रावधानों के विरुद्ध है। विभाग ने यह भी दावा किया है कि इस नीति के लागू रहने के दौरान H-1B विस्तार मामलों में गैर-अनुपालन और धोखाधड़ी की दर बढ़कर 22.39% हो गई।
इन नियम परिवर्तनों पर अपनी राय कब तक दे सकते हैं?
प्रस्तावित नियम के संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होने के बाद आम जनता को 30 दिन का समय मिलेगा। अंतिम नियम पहले ही लागू हो चुका है, क्योंकि यह 30 अक्टूबर 2025 के अंतरिम नियम की पुष्टि करता है।
इन बदलावों से भारतीय कर्मचारियों पर क्या असर पड़ेगा?
भारतीय नागरिक H-1B और H-4 EAD श्रेणियों में बड़ी संख्या में हैं। पुरानी मंजूरी की प्राथमिकता हटने से उनके विस्तार आवेदनों की प्रक्रिया लंबी और अनिश्चित हो सकती है। H-4 EAD के स्वतः नवीनीकरण की समाप्ति उनके जीवनसाथियों की कार्य-निरंतरता को भी प्रभावित कर सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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