27 अक्टूबर 2026
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किम जोंग-उन ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम को दिया संबंध मजबूत करने का वचन

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किम जोंग-उन ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम को दिया संबंध मजबूत करने का वचन

सारांश

किम जोंग-उन ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम को पत्र लिखकर द्विपक्षीय संबंधों को नए दौर में ले जाने का वादा किया। 18 वर्षों में पहली शीर्ष-स्तरीय यात्रा के बाद यह पत्र-व्यवहार संकेत देता है कि उत्तर कोरिया अंतरराष्ट्रीय अलगाव के बीच अपने कूटनीतिक दायरे को सक्रिय रूप से बढ़ा रहा है।

मुख्य बातें

किम जोंग-उन ने सोमवार 27 अक्टूबर 2026 को वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम को जवाबी पत्र भेजकर संबंध मजबूत करने का वादा किया।
तो लाम ने 9 सितंबर को उत्तर कोरिया की स्थापना की 78वीं वर्षगांठ पर किम को बधाई-पत्र भेजा था।
अक्टूबर 2025 में तो लाम की प्योंगयांग यात्रा 18 वर्षों में किसी शीर्ष वियतनामी नेता की उत्तर कोरिया की पहली यात्रा थी।
मई 2026 में वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग ने प्योंगयांग में उत्तर कोरियाई समकक्ष चो सोन-हुई से मुलाकात की थी।
दोनों देशों के सुरक्षा मंत्रियों ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सहयोग पर भी बातचीत की थी।

उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन ने वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम को एक पत्र लिखकर दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने का वादा किया है। प्योंगयांग की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (KCNA) के हवाले से यह जानकारी 27 अक्टूबर 2026 को सामने आई। यह पत्र-व्यवहार उस ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन की कड़ी में है, जब 18 वर्षों में पहली बार कोई शीर्ष वियतनामी नेता प्योंगयांग का दौरा कर चुके हैं।

किम का पत्र और मुख्य संदेश

KCNA के अनुसार, किम ने सोमवार को भेजे अपने जवाबी पत्र में लिखा, 'मैं शुभकामनाओं के लिए दिल से आपका आभार व्यक्त करता हूं। पिछले अक्टूबर में प्योंगयांग में हमारी मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच दोस्ती और सहयोग के पारंपरिक संबंध विकास के एक नए दौर में प्रवेश कर गए। मुझे उम्मीद है कि दोनों देशों की जनता के साझा हितों की खातिर ये और अधिक विस्तार लेंगे और समृद्ध होंगे।'

यह पत्र राष्ट्रपति तो लाम के उस पत्र के जवाब में था, जो उन्होंने 9 सितंबर को उत्तर कोरिया की स्थापना की 78वीं वर्षगांठ के अवसर पर भेजा था।

वियतनाम का रुख और पिछला शिखर सम्मेलन

राष्ट्रपति तो लाम ने अपने पत्र में कहा था कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की बैठक के बाद से संबंध लगातार प्रगाढ़ हुए हैं और दोनों पक्षों ने तय समझौतों पर अमल किया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि वियतनाम, क्षेत्रीय और वैश्विक शांति तथा स्थिरता के लिए उत्तर कोरिया के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में तो लाम की प्योंगयांग यात्रा 18 वर्षों में किसी शीर्ष वियतनामी नेता की उत्तर कोरिया की पहली यात्रा थी, जिसे एक कूटनीतिक सफलता माना गया।

राजनयिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि

दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में कूटनीतिक आदान-प्रदान में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। मई में, वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग ने प्योंगयांग में अपने उत्तर कोरियाई समकक्ष चो सोन-हुई से मुलाकात की थी। इसके अगले महीने, दोनों देशों के सुरक्षा मंत्रियों ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में सहयोग को लेकर विस्तृत बातचीत की थी।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर कोरिया अंतरराष्ट्रीय अलगाव के बीच अपने राजनयिक दायरे को धीरे-धीरे विस्तार दे रहा है।

आगे की संभावनाएँ

कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग व्यापार, सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में नए अध्याय खोल सकता है। दोनों देश ऐतिहासिक रूप से साम्यवादी शासन की साझा विरासत रखते हैं, और यह नई सक्रियता उस पुरानी नींव को फिर से मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जब उत्तर कोरिया पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध अभी भी लागू हैं।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किम जोंग-उन ने वियतनाम के राष्ट्रपति को पत्र क्यों लिखा?
किम जोंग-उन ने यह पत्र वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के उस बधाई-पत्र के जवाब में लिखा, जो लाम ने 9 सितंबर को उत्तर कोरिया की स्थापना की 78वीं वर्षगांठ पर भेजा था। किम ने अपने जवाब में दोनों देशों के संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई।
उत्तर कोरिया और वियतनाम के संबंधों में हाल में क्या बदलाव आया है?
अक्टूबर 2025 में राष्ट्रपति तो लाम की प्योंगयांग यात्रा के बाद से दोनों देशों के संबंधों में उल्लेखनीय सुधार आया है। यह 18 वर्षों में किसी शीर्ष वियतनामी नेता की उत्तर कोरिया की पहली यात्रा थी, जिसके बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों और सुरक्षा मंत्रियों के बीच भी बैठकें हो चुकी हैं।
किम जोंग-उन के पत्र में क्या कहा गया है?
KCNA के अनुसार, किम ने अपने पत्र में लिखा कि प्योंगयांग शिखर सम्मेलन के बाद दोनों देशों के संबंध विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों की जनता के साझा हितों की खातिर ये संबंध और अधिक विस्तार लेंगे।
दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियाँ कब-कब हुई हैं?
मई 2026 में वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई ट्रुंग ने प्योंगयांग में उत्तर कोरियाई विदेश मंत्री चो सोन-हुई से मुलाकात की। इसके अगले महीने, दोनों देशों के सुरक्षा मंत्रियों ने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून प्रवर्तन सहयोग पर वार्ता की।
वियतनाम-उत्तर कोरिया संबंधों का भविष्य कैसा दिखता है?
वियतनाम ने स्पष्ट किया है कि वह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए उत्तर कोरिया के साथ काम करने को तैयार है। कूटनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले समय में दोनों देशों के बीच व्यापार, सुरक्षा और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग और बढ़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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