शांगहाई में विश्व एआई सहयोग संगठन की स्थापना, 29 देशों ने किए समझौते पर हस्ताक्षर
सारांश
मुख्य बातें
शांगहाई में 16 जुलाई 2026 को विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सहयोग संगठन (World AI Cooperation Organization) की स्थापना के लिए ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर समारोह आयोजित किया गया, जिसमें 29 देशों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने चीन सरकार की ओर से इस समझौते पर हस्ताक्षर किए और सभी संस्थापक सदस्य देश अंतर्राष्ट्रीय एआई शासन की इस नई संरचना का हिस्सा बन गए।
संगठन की संरचना और सिद्धांत
समझौते के अनुसार, यह संगठन एक स्वतंत्र अंतरसरकारी अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जो संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों का पालन करता है। संगठन संयुक्त परामर्श, संयुक्त निर्माण और साझा लाभ के सिद्धांत पर आधारित है तथा मानव को प्राथमिकता देने के मूल्य को केंद्र में रखता है। इसका स्थायी मुख्यालय शांगहाई, चीन में स्थापित किया गया है।
मुख्य घटनाक्रम और भागीदार देश
समारोह में कई प्रमुख देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए। कजाखस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं एआई व डिजिटल विकास मंत्री झासलान मादियेव, लाओस के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री थोंगसावन फोमविहान, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मुहम्मद इशाक डार, रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के उप प्रमुख मैक्सिम ओरेश्किन और इंडोनेशिया के आर्थिक मामला समन्वय मंत्री एयरलांग्गा हार्टार्टो समेत कुल 29 देशों के प्रतिनिधियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर कर अपने देशों को संस्थापक सदस्य के रूप में पंजीकृत कराया।
संयुक्त राष्ट्र की भागीदारी
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस सहित विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और देशों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर समारोह में भाग लिया। गुटेरेस की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि वैश्विक एआई शासन को लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में गंभीरता बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब एआई के नैतिक और सुरक्षा पहलुओं को लेकर दुनियाभर में बहस तेज़ है।
संगठन का उद्देश्य और वैश्विक महत्व
संगठन का प्रमुख लक्ष्य एआई में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक शासन को मज़बूत करना है, ताकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास लाभकारी, सुरक्षित और निष्पक्ष दिशा में हो और इसका फायदा समूची मानवजाति को मिल सके। गौरतलब है कि यह संगठन ऐसे समय में अस्तित्व में आया है जब पश्चिमी देशों के नेतृत्व वाले एआई नियामक ढाँचों के समानांतर एक वैकल्पिक बहुपक्षीय मंच की ज़रूरत महसूस की जा रही थी।
आगे की राह
संस्थापक सदस्य देशों द्वारा हस्ताक्षर के बाद अब संगठन के संचालन ढाँचे और कार्यक्रमों को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। विश्लेषकों का मानना है कि शांगहाई मुख्यालय वाला यह संगठन वैश्विक एआई नीति निर्माण में चीन की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।