बांकीपुर उपचुनाव: जन सुराज ने CEO को सौंपा ज्ञापन, सांप्रदायिक रंग देने और पोस्टर विवाद पर तत्काल कार्रवाई की मांग
सारांश
मुख्य बातें
जन सुराज पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की माँग को लेकर 17 जुलाई को पटना में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है और पार्टी के संस्थापक व उम्मीदवार प्रशांत किशोर के खिलाफ भ्रामक एवं आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की और चार प्रमुख मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की माँग की। भारती ने बताया कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी विपक्षी दलों की ओर से आपत्तिजनक गतिविधियाँ जारी हैं, जिन पर चुनाव आयोग को कड़ा रुख अपनाना चाहिए।
चार प्रमुख आरोप और माँगें
ज्ञापन में पहला मुद्दा भ्रामक पोस्टरों का था — पार्टी ने आरोप लगाया कि बांकीपुर क्षेत्र में जन सुराज उम्मीदवार के खिलाफ गलत एवं भ्रामक पोस्टर लगाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य मतदाताओं को भ्रमित करना है। भारती ने चुनाव आयोग से ऐसे पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की।
दूसरे मुद्दे में पार्टी ने आरोप लगाया कि जन सुराज कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय लोगों की अनुमति से लगाए गए झंडे और पोस्टर कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं द्वारा जबरन हटाए जा रहे हैं और उनकी जगह BJP के झंडे लगाए जा रहे हैं। भारती ने इसे चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया।
तीसरे बिंदु में पार्टी ने जीविका दीदियों की भूमिका पर सवाल उठाया। पार्टी ने पिछले चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि जीविका कार्यकर्ताओं का बूथ के भीतर और बाहर चुनावी प्रक्रिया में उपयोग किए जाने को लेकर पहले भी आपत्तियाँ उठी थीं। जन सुराज ने आयोग से आग्रह किया कि इस बार जीविका कार्यकर्ताओं को किसी भी चुनावी कार्य में शामिल न किया जाए।
चौथे और अंतिम बिंदु में पार्टी ने अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सुझाव दिया। मनोज भारती ने कहा कि सुरक्षा बलों को मतदान केंद्र के बाहर ही तैनात किया जाना चाहिए और बूथ के अंदर उनकी उपस्थिति आवश्यक नहीं है।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया
गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव बिहार की राजनीति में खासा महत्व रखता है, क्योंकि यह प्रशांत किशोर की राजनीतिक पार्टी जन सुराज की पहली बड़ी चुनावी परीक्षाओं में से एक है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। BJP की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
चुनाव आयोग से अपेक्षा की जा रही है कि वह ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं की जाँच कर उचित कार्रवाई करेगा। जन सुराज ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पार्टी आगे की कानूनी और संवैधानिक विकल्पों पर विचार करेगी। बांकीपुर उपचुनाव की निष्पक्षता पर सभी की नजरें टिकी हैं।