17 जुलाई 2026
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बांकीपुर उपचुनाव: जन सुराज ने CEO को सौंपा ज्ञापन, सांप्रदायिक रंग देने और पोस्टर विवाद पर तत्काल कार्रवाई की मांग

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बांकीपुर उपचुनाव: जन सुराज ने CEO को सौंपा ज्ञापन, सांप्रदायिक रंग देने और पोस्टर विवाद पर तत्काल कार्रवाई की मांग

सारांश

बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर चार बड़े मुद्दे उठाए — भ्रामक पोस्टर, झंडे हटाना, जीविका दीदियों की भूमिका और अर्धसैनिक बलों की तैनाती। यह प्रशांत किशोर की पार्टी की पहली बड़ी चुनावी परीक्षा है।

मुख्य बातें

जन सुराज पार्टी ने 17 जुलाई को पटना में मुख्य निर्वाचन अधिकारी को बांकीपुर उपचुनाव को लेकर ज्ञापन सौंपा।
पार्टी ने आरोप लगाया कि उम्मीदवार प्रशांत किशोर के खिलाफ भ्रामक पोस्टर लगाए जा रहे हैं और चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हो रही है।
जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने आरोप लगाया कि BJP कार्यकर्ता पार्टी के झंडे-पोस्टर जबरन हटा रहे हैं — जो आचार संहिता का उल्लंघन है।
पार्टी ने माँग की कि जीविका दीदियों को इस बार किसी भी चुनावी कार्य में शामिल न किया जाए।
ज्ञापन में अर्धसैनिक बलों को बूथ के बाहर तैनात रखने का सुझाव भी दिया गया।

जन सुराज पार्टी ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया सुनिश्चित करने की माँग को लेकर 17 जुलाई को पटना में मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की जा रही है और पार्टी के संस्थापक व उम्मीदवार प्रशांत किशोर के खिलाफ भ्रामक एवं आपत्तिजनक पोस्टर लगाए जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय शिष्टमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात की और चार प्रमुख मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की माँग की। भारती ने बताया कि आचार संहिता लागू होने के बाद भी विपक्षी दलों की ओर से आपत्तिजनक गतिविधियाँ जारी हैं, जिन पर चुनाव आयोग को कड़ा रुख अपनाना चाहिए।

चार प्रमुख आरोप और माँगें

ज्ञापन में पहला मुद्दा भ्रामक पोस्टरों का था — पार्टी ने आरोप लगाया कि बांकीपुर क्षेत्र में जन सुराज उम्मीदवार के खिलाफ गलत एवं भ्रामक पोस्टर लगाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य मतदाताओं को भ्रमित करना है। भारती ने चुनाव आयोग से ऐसे पोस्टर लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की माँग की।

दूसरे मुद्दे में पार्टी ने आरोप लगाया कि जन सुराज कार्यकर्ताओं द्वारा स्थानीय लोगों की अनुमति से लगाए गए झंडे और पोस्टर कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं द्वारा जबरन हटाए जा रहे हैं और उनकी जगह BJP के झंडे लगाए जा रहे हैं। भारती ने इसे चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन करार दिया।

तीसरे बिंदु में पार्टी ने जीविका दीदियों की भूमिका पर सवाल उठाया। पार्टी ने पिछले चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि जीविका कार्यकर्ताओं का बूथ के भीतर और बाहर चुनावी प्रक्रिया में उपयोग किए जाने को लेकर पहले भी आपत्तियाँ उठी थीं। जन सुराज ने आयोग से आग्रह किया कि इस बार जीविका कार्यकर्ताओं को किसी भी चुनावी कार्य में शामिल न किया जाए।

चौथे और अंतिम बिंदु में पार्टी ने अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर सुझाव दिया। मनोज भारती ने कहा कि सुरक्षा बलों को मतदान केंद्र के बाहर ही तैनात किया जाना चाहिए और बूथ के अंदर उनकी उपस्थिति आवश्यक नहीं है।

सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रिया

गौरतलब है कि बांकीपुर उपचुनाव बिहार की राजनीति में खासा महत्व रखता है, क्योंकि यह प्रशांत किशोर की राजनीतिक पार्टी जन सुराज की पहली बड़ी चुनावी परीक्षाओं में से एक है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में विभिन्न दलों के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। BJP की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

चुनाव आयोग से अपेक्षा की जा रही है कि वह ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं की जाँच कर उचित कार्रवाई करेगा। जन सुराज ने स्पष्ट किया है कि यदि शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो पार्टी आगे की कानूनी और संवैधानिक विकल्पों पर विचार करेगी। बांकीपुर उपचुनाव की निष्पक्षता पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और BJP जैसी स्थापित पार्टियों के सामने टिकना आसान नहीं। गौरतलब है कि जीविका दीदियों और अर्धसैनिक बलों जैसे मुद्दे बिहार के पिछले कई उपचुनावों में भी उठे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई दुर्लभ रही है। असली परीक्षा यह है कि चुनाव आयोग इन शिकायतों पर कितनी तत्परता दिखाता है — और क्या जन सुराज इस उपचुनाव को अपनी राजनीतिक साख बनाने के अवसर में बदल पाती है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जन सुराज ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन क्यों सौंपा?
जन सुराज ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की माँग को लेकर 17 जुलाई को CEO को ज्ञापन सौंपा। पार्टी ने आरोप लगाया कि चुनाव को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है और उम्मीदवार प्रशांत किशोर के खिलाफ भ्रामक पोस्टर लगाए जा रहे हैं।
जन सुराज ने ज्ञापन में कौन-से चार मुद्दे उठाए?
ज्ञापन में चार मुद्दे उठाए गए — (1) प्रशांत किशोर के खिलाफ भ्रामक पोस्टर और एफआईआर की माँग, (2) BJP कार्यकर्ताओं द्वारा जन सुराज के झंडे-पोस्टर हटाना, (3) जीविका दीदियों को चुनावी प्रक्रिया से दूर रखने का आग्रह, और (4) अर्धसैनिक बलों को बूथ के बाहर ही तैनात रखने का सुझाव।
बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार कौन हैं?
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के उम्मीदवार पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर हैं। यह उनकी पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण चुनावी परीक्षा मानी जा रही है।
जीविका दीदियों को लेकर जन सुराज की आपत्ति क्या है?
जन सुराज ने पिछले चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि जीविका कार्यकर्ताओं का बूथ के भीतर और बाहर चुनावी प्रक्रिया में उपयोग किए जाने पर पहले भी सवाल उठे थे। पार्टी ने चुनाव आयोग से माँग की है कि इस बार उन्हें किसी भी चुनावी कार्य में शामिल न किया जाए।
चुनाव आयोग इस ज्ञापन पर क्या कार्रवाई कर सकता है?
चुनाव आयोग ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं की जाँच कर आचार संहिता उल्लंघन के मामलों में एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दे सकता है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के आदेश जारी कर सकता है। जन सुराज ने स्पष्ट किया है कि शिकायतों पर ध्यान न दिए जाने पर वह आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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