वर्ल्ड नोमैड गेम्स 2026: PM मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक कार में पहुंचे बिश्केक एरिना, भारत के 73 एथलीट मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त 2026 को किर्गिस्तान की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान बिश्केक एरिना में आयोजित छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शिरकत की। इस अवसर पर सबसे चर्चित क्षण वह रहा जब प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही कार में सवार होकर समारोह स्थल पहुंचे — जिसे कूटनीतिक हलकों में 'कार डिप्लोमेसी' का एक और प्रतीकात्मक संकेत माना जा रहा है।
उद्घाटन समारोह का आयोजन
उद्घाटन समारोह स्थानीय समयानुसार रात 9 बजे बिश्केक एरिना में शुरू हुआ। खेलों के मुख्य कार्यक्रम चोलपोन-अता, किर्चिन और इस्सिक-कुल क्षेत्र के आसपास के स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष के संस्करण में 110 से अधिक देश भाग ले रहे हैं, जो वर्ल्ड नोमैड गेम्स के इतिहास में एक उल्लेखनीय भागीदारी है।
भारत का प्रतिनिधिमंडल
भारत इस बार 87 सदस्यों के मज़बूत दल के साथ इन खेलों में उतरा है। इनमें 73 एथलीट, 10 सांस्कृतिक प्रतिनिधि और वैज्ञानिक कार्यक्रम में 4 प्रतिभागी शामिल हैं। उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति किर्गिस्तान के साथ भारत के गहरे सांस्कृतिक एवं जन-स्तरीय संबंधों को रेखांकित करती है।
खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस वर्ष के संस्करण में 43 खेल शामिल हैं, जिनमें पारंपरिक कुश्ती के रूप जैसे गोलेश, कुराश और मंगोल बोख के साथ-साथ कोक बोरू, केकपार, घुड़सवारी के कार्यक्रम, तोगुज कारगूल, मंगला, ओवारे, चुको, ओर्डो, रस्साकशी और स्ट्रॉन्गमैन प्रतियोगिताएं प्रमुख हैं। सांस्कृतिक पक्ष पर 'इको ऑफ नोमैड्स', नोमैड फेस्ट, 'हेरिटेज ऑफ नोमैड्स', आर्ट लैब और एथनो-बाजार जैसे आयोजन भी होंगे। इसके अतिरिक्त खानाबदोश विरासत, पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक संवाद पर केंद्रित एक विशेष वैज्ञानिक कार्यक्रम भी इन खेलों का हिस्सा है।
वर्ल्ड नोमैड गेम्स की पृष्ठभूमि
वर्ल्ड नोमैड गेम्स की परिकल्पना वर्ष 2012 में हुई थी, जब किर्गिस्तान, अजरबैजान, कजाखस्तान और तुर्किये ने तुर्किक देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन में बिश्केक घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। पहला संस्करण 2014 में किर्गिस्तान में आयोजित हुआ, इसके बाद 2016 और 2018 में भी किर्गिस्तान मेज़बान रहा। चौथा संस्करण 2022 में तुर्किये और पाँचवाँ 2024 में कजाखस्तान में हुआ। अब छठी बार किर्गिस्तान इन खेलों की मेज़बानी कर रहा है।
कूटनीतिक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-रूस संबंध वैश्विक भू-राजनीतिक दबावों के बीच भी सक्रिय कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए हैं। मोदी और पुतिन का एक ही वाहन में एक साथ आना महज़ शिष्टाचार नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत स्तर पर मज़बूत संवाद का संकेत माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह दोनों नेताओं के बीच हाल के महीनों में कई उच्च-स्तरीय संपर्कों की श्रृंखला में एक और कड़ी है।