स्वायत्त ड्राइविंग का पहला वैश्विक विनियमन ADS GTR मंजूर, चीन ने निभाई अग्रणी भूमिका
सारांश
मुख्य बातें
जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र के विश्व वाहन विनियमन समन्वय मंच के 199वें पूर्ण सत्र में 26 जून 2026 को दुनिया के पहले स्वायत्त ड्राइविंग सिस्टम वैश्विक तकनीकी विनियमन (ADS GTR) को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। चीन के उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक विनियमन के निर्माण में चीन ने अग्रणी और प्रेरक भूमिका निभाई।
क्या है ADS GTR और इसमें क्या शामिल है
यह विनियमन चीन, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और जापान द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है और सभी सदस्य देशों के मतदान के बाद इसे स्वीकृति मिली। ADS GTR स्वायत्त ड्राइविंग सिस्टम से जुड़े उत्पादों के प्रमुख तकनीकी मानकों को परिभाषित करता है और उत्पाद के पूरे जीवनचक्र को कवर करने वाला एक समग्र नियामक ढाँचा स्थापित करता है।
गौरतलब है कि यह अपनी तरह का पहला वैश्विक दस्तावेज़ है जो स्वायत्त ड्राइविंग तकनीक के सुरक्षित उपयोग और व्यावसायिक कार्यान्वयन के लिए एकसमान अंतर्राष्ट्रीय दिशानिर्देश उपलब्ध कराएगा। अब तक विभिन्न देश अपने-अपने राष्ट्रीय मानकों के आधार पर स्वायत्त वाहनों को नियंत्रित करते थे, जिससे वैश्विक बाज़ार में असंगति बनी रहती थी।
मुख्य घटनाक्रम: जिनेवा सत्र में क्या हुआ
22 से 26 जून 2026 तक जिनेवा में आयोजित इस पाँच दिवसीय सत्र में वाहन विनियमन से जुड़े दुनियाभर के सदस्य देशों ने भाग लिया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर स्वायत्त वाहनों का व्यावसायिक परिनियोजन तेज़ी से बढ़ रहा है और नियामक शून्यता एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी।
चीन की राष्ट्रीय मानक प्रक्रिया
चीन के उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय विनियमों के विकास में सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ देश में स्वायत्त ड्राइविंग सिस्टम के लिए अनिवार्य राष्ट्रीय मानकों को तैयार करने की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है। इन मानकों का मसौदा तैयार हो चुका है और फिलहाल अनुमोदन प्रक्रिया जारी है।
आगे क्या होगा
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि अगले चरण में वह स्मार्ट कनेक्टेड वाहन क्षेत्र से जुड़े अंतर्राष्ट्रीय मानकों और विनियमों के निर्माण एवं समन्वय में भागीदारी जारी रखेगा। साथ ही, राष्ट्रीय अनिवार्य मानकों को शीघ्र जारी कर लागू किया जाएगा और अंतर्राष्ट्रीय तथा राष्ट्रीय मानकों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम वैश्विक स्वायत्त वाहन उद्योग के लिए एक नई नियामक बुनियाद रखता है।