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शी चिनफिंग का लेख 'आपदा निवारण और राहत क्षमताओं में सुधार' पत्रिका 'छोशी' में प्रकाशित

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शी चिनफिंग का लेख 'आपदा निवारण और राहत क्षमताओं में सुधार' पत्रिका 'छोशी' में प्रकाशित

सारांश

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का नीतिगत लेख सीपीसी की शीर्ष पत्रिका 'छोशी' में 16 अगस्त को प्रकाशित होगा। लेख आपदा प्रबंधन को प्रतिक्रियात्मक से सक्रिय रोकथाम की दिशा में मोड़ने, तकनीकी सशक्तिकरण और जमीनी ढाँचे को मज़बूत करने पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

शी चिनफिंग का लेख 'आपदा निवारण, शमन और राहत क्षमताओं में सुधार' सीपीसी की पत्रिका 'छोशी' के 16वें अंक में 16 अगस्त को प्रकाशित होगा।
लेख में चीन के विशाल भूभाग, जटिल भूगोल और विविध जलवायु को प्राकृतिक आपदाओं की संवेदनशीलता का प्रमुख कारण बताया गया है।
सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से आपदा प्रबंधन को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर प्राथमिकता दी गई है।
आपदा प्रबंधन को सक्रिय रोकथाम की दिशा में मोड़ने, तकनीकी सहायता और कानूनी उपायों को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया है।
जमीनी स्तर पर आपदा तैयारी के बुनियादी ढाँचे और जिम्मेदारियों के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना लेख की मुख्य सिफारिश है।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति की आधिकारिक पत्रिका 'छोशी' के 16वें अंक में 16 अगस्त को सीपीसी केंद्रीय समिति के महासचिव, चीन के राष्ट्रपति और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष शी चिनफिंग का एक महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित होगा। इस लेख का शीर्षक है — 'आपदा निवारण, शमन और राहत क्षमताओं में सुधार'। यह लेख चीन की आपदा प्रबंधन नीति की दिशा और उसके भविष्य के रोडमैप को रेखांकित करता है।

लेख की मुख्य विषयवस्तु

लेख में शी चिनफिंग ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि चीन का विशाल भूभाग, जटिल भौगोलिक संरचना और विविध जलवायु परिस्थितियाँ उसे प्राकृतिक आपदाओं के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बनाती हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि आपदा प्रबंधन को प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर सक्रिय रोकथाम की दिशा में मोड़ना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत है।

सीपीसी की 18वीं कांग्रेस के बाद की उपलब्धियाँ

सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से केंद्रीय समिति ने आपदा निवारण, शमन और राहत को जनता की सुरक्षा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक प्राथमिक विषय माना है। इस अवधि में वैचारिक परिवर्तन, संस्थागत सुधार, व्यवस्था निर्माण और क्षमता उन्नयन के क्षेत्र में व्यापक कदम उठाए गए हैं। लेख के अनुसार, सीपीसी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और आम जनता ने कई बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का सफलतापूर्वक सामना किया, जिससे हताहतों की संख्या और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम स्तर पर रखा जा सका — और इन परिणामों को विश्व स्तर पर मान्यता मिली है।

नई चुनौतियाँ और सुधार की दिशा

लेख में स्वीकार किया गया है कि चीन में आपदा निवारण, राहत और बचाव कार्य वर्तमान में कई नई परिस्थितियों और समस्याओं से जूझ रहे हैं। इनसे निपटने के लिए निम्नलिखित प्राथमिकताएँ निर्धारित की गई हैं: बड़ी आपदाओं से निपटने की क्षमता में वृद्धि, तकनीकी सहायता और कानूनी सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करना, तथा जमीनी स्तर पर आपदा प्रबंधन के बुनियादी ढाँचे को और मज़बूत बनाना।

जिम्मेदारियों का क्रियान्वयन

शी के लेख में जिम्मेदारियों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया गया है। यह ऐसे समय में आया है जब चीन हाल के वर्षों में बाढ़, भूकंप और भूस्खलन जैसी बड़ी आपदाओं का बार-बार सामना कर चुका है। गौरतलब है कि यह लेख सीपीसी की शीर्ष नीति-निर्माण पत्रिका में प्रकाशित हो रहा है, जो इसे केवल एक अकादमिक लेख नहीं, बल्कि एक नीतिगत दिशानिर्देश का दर्जा देता है।

आगे की राह

इस लेख के प्रकाशन के बाद चीन की आपदा प्रबंधन प्रणाली में संस्थागत और तकनीकी स्तर पर नए सुधारों की अपेक्षा की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि शी चिनफिंग के इस लेख का सीधा असर चीन की स्थानीय प्रशासनिक इकाइयों की आपदा तैयारी नीतियों पर पड़ेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2023 की उत्तरी चीन बाढ़ और 2024 के गांसू भूकंप जैसी घटनाओं में सामने आई प्रशासनिक खामियाँ यह संकेत देती हैं कि ज़मीनी हकीकत अभी भी आधिकारिक आख्यान से पीछे है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह नीतिगत दिशा स्थानीय प्रशासन तक पहुँचती है या केवल केंद्रीय दस्तावेज़ों में दर्ज रहती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शी चिनफिंग का आपदा निवारण पर लेख कहाँ और कब प्रकाशित होगा?
यह लेख सीपीसी केंद्रीय समिति की आधिकारिक पत्रिका 'छोशी' के 16वें अंक में 16 अगस्त को प्रकाशित होगा। इसका शीर्षक 'आपदा निवारण, शमन और राहत क्षमताओं में सुधार' है।
इस लेख में शी चिनफिंग ने किन मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया है?
लेख में आपदा प्रबंधन को सक्रिय रोकथाम की दिशा में मोड़ने, बड़ी आपदाओं से निपटने की क्षमता बढ़ाने, तकनीकी सहायता और कानूनी उपायों को मज़बूत करने तथा जमीनी स्तर पर आपदा तैयारी के ढाँचे को सुदृढ़ करने पर बल दिया गया है।
चीन आपदाओं के प्रति इतना संवेदनशील क्यों है?
लेख के अनुसार, चीन का विशाल भूभाग, जटिल भूगोल और विविध जलवायु परिस्थितियाँ उसे प्राकृतिक आपदाओं — जैसे बाढ़, भूकंप और भूस्खलन — के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बनाती हैं।
सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद आपदा प्रबंधन में क्या बदलाव आए?
18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से सीपीसी केंद्रीय समिति ने आपदा निवारण को राष्ट्रीय सुरक्षा और जनता की सुरक्षा से जोड़ा है। वैचारिक परिवर्तन, संस्थागत सुधार और क्षमता उन्नयन के क्षेत्र में व्यापक कदम उठाए गए हैं।
'छोशी' पत्रिका का महत्व क्या है?
'छोशी' सीपीसी केंद्रीय समिति की आधिकारिक नीति-पत्रिका है और इसमें प्रकाशित लेख चीन की राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकताओं का आधिकारिक संकेत माने जाते हैं। शी चिनफिंग का इसमें लेख प्रकाशित होना नीतिगत दिशा को रेखांकित करता है।
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