15 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

शी चिनफिंग का बुनियादी अनुसंधान पर लेख 'छ्यूशी' में 16 सितंबर को प्रकाशित होगा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
शी चिनफिंग का बुनियादी अनुसंधान पर लेख 'छ्यूशी' में 16 सितंबर को प्रकाशित होगा

सारांश

शी चिनफिंग का 'छ्यूशी जर्नल' में प्रकाशित होने वाला यह लेख चीन की वैज्ञानिक महत्वाकांक्षा का सर्वोच्च स्तरीय खाका है — चार प्राथमिकताएँ, वैश्विक सहयोग की पुकार, और अमेरिका से तकनीकी अंतर पाटने की साफ़ स्वीकारोक्ति। यह केवल नीतिगत दस्तावेज नहीं, बल्कि बीजिंग की रणनीतिक दिशा का संकेत है।

मुख्य बातें

शी चिनफिंग का बुनियादी अनुसंधान पर लेख 16 सितंबर 2026 को 'छ्यूशी जर्नल' के 18वें अंक में प्रकाशित होगा।
लेख में बुनियादी अनुसंधान को पूरी वैज्ञानिक व्यवस्था की नींव और वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा का अहम मोर्चा बताया गया है।
सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस (नवंबर 2012) के बाद से अनुसंधान में उल्लेखनीय सुधार, लेकिन प्रमुख शक्तियों से अंतर अभी बाकी।
लेख में चार प्रमुख प्राथमिकताएँ तय — समग्र योजना, प्रतिभा विकास, स्थिर वित्त पोषण, और अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में वैश्विक बड़े विज्ञान कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान।

चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के महासचिव शी चिनफिंग का बुनियादी अनुसंधान को सुदृढ़ करने पर लिखा गया एक महत्वपूर्ण लेख 16 सितंबर 2026 (बुधवार) को सीपीसी की प्रमुख पत्रिका 'छ्यूशी जर्नल' के इस वर्ष के 18वें अंक में प्रकाशित किया जाएगा। यह लेख ऐसे समय में आया है जब चीन वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में अमेरिका को चुनौती देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारी निवेश कर रहा है।

लेख का केंद्रीय संदेश

लेख में स्पष्ट रूप से रेखांकित किया गया है कि बुनियादी अनुसंधान पूरी वैज्ञानिक व्यवस्था की नींव है और तकनीकी समस्याओं के समाधान का अनिवार्य स्रोत भी। शी चिनफिंग के अनुसार, किसी देश की वैज्ञानिक और तकनीकी ताकत को मापने का सबसे महत्वपूर्ण पैमाना उसके बुनियादी अनुसंधान का स्तर होता है। लेख में यह भी कहा गया है कि यदि चीन को विश्व में विज्ञान और प्रौद्योगिकी की अग्रणी शक्ति बनना है, तो बुनियादी अनुसंधान के स्तर को निरंतर ऊपर उठाना अनिवार्य है।

सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद की प्रगति

लेख में बताया गया है कि नवंबर 2012 में सीपीसी की 18वीं राष्ट्रीय कांग्रेस के बाद से केंद्रीय समिति ने बुनियादी अनुसंधान को उच्च प्राथमिकता दी है। बेहतर योजना, सुनिश्चित निवेश और संस्थागत नवाचार के माध्यम से चीन के इस क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। हालांकि, लेख स्वीकार करता है कि दुनिया की प्रमुख विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी शक्तियों की तुलना में अभी भी अंतर बना हुआ है और इस संकट की भावना को बनाए रखते हुए ठोस उपाय करने की जरूरत है।

चार प्रमुख प्राथमिकताएँ

लेख में चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष बल दिया गया है। पहला, बुनियादी अनुसंधान की समग्र योजना को बेहतर बनाना — राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संस्थानों और उच्च स्तरीय विश्वविद्यालयों की अग्रणी भूमिका को सुदृढ़ करना। दूसरा, शिक्षा, विज्ञान-प्रौद्योगिकी और प्रतिभा विकास को एक साथ आगे बढ़ाते हुए उच्च स्तरीय शोधकर्ताओं की टीम तैयार करना और युवा अनुसंधानकर्ताओं को अधिक समर्थन देना।

तीसरा, बुनियादी अनुसंधान के लिए दीर्घकालिक एवं स्थिर वित्तीय निवेश सुनिश्चित करना, वित्तपोषण के नए माध्यमों का विस्तार करना और एक खुली, समावेशी तथा विफलताओं को स्वीकार करने वाली नवाचार संस्कृति विकसित करना। चौथा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, पर्यावरण तथा जीवन एवं स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मुद्दों पर वैश्विक नवाचार नेटवर्क में सक्रिय रूप से भाग लेते हुए अंतरराष्ट्रीय सहयोग का विस्तार करना।

पूरी पार्टी और समाज की भूमिका

लेख में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि बुनियादी अनुसंधान को मजबूत करना केवल वैज्ञानिक समुदाय का दायित्व नहीं, बल्कि इसके लिए पूरी पार्टी और समाज के संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं। सभी स्तरों की पार्टी समितियों और सरकारों को नीतिगत समर्थन बढ़ाना होगा और आवश्यक सेवाएं एवं सुविधाएं सुनिश्चित करनी होंगी, ताकि केंद्रीय समिति के निर्णयों को प्रभावी ढंग से जमीन पर उतारा जा सके।

वैश्विक संदर्भ में महत्व

गौरतलब है कि यह लेख ऐसे समय में प्रकाशित हो रहा है जब अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिद्वंद्विता चरम पर है और अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) क्षेत्र में पश्चिमी प्रतिबंधों के मद्देनजर चीन स्वदेशी अनुसंधान क्षमता को दोगुना करने पर जोर दे रहा है। छ्यूशी जर्नल में शी चिनफिंग के लेख का प्रकाशन नीति की सर्वोच्च स्तरीय स्वीकृति का संकेत देता है। आने वाले समय में इस दिशा में चीन की आंतरिक बजट आवंटन प्रक्रिया और अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक साझेदारियों पर नजर रखना अहम होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर अमेरिकी सेमीकंडक्टर प्रतिबंधों के बाद। चार प्राथमिकताओं में अंतरराष्ट्रीय सहयोग का उल्लेख दिलचस्प है — जब पश्चिम चीन के साथ तकनीकी जुड़ाव सीमित कर रहा है, तो यह साझेदारी व्यवहार में कैसे होगी, यह प्रश्न अनुत्तरित है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शी चिनफिंग का 'छ्यूशी जर्नल' में प्रकाशित होने वाला लेख किस विषय पर है?
यह लेख चीन में बुनियादी वैज्ञानिक अनुसंधान को मजबूत करने की रणनीति पर केंद्रित है। इसमें चार प्रमुख क्षेत्रों — समग्र योजना, प्रतिभा विकास, वित्त पोषण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग — पर विशेष बल दिया गया है।
यह लेख कब और कहाँ प्रकाशित होगा?
यह लेख 16 सितंबर 2026 (बुधवार) को सीपीसी केंद्रीय समिति की प्रमुख पत्रिका 'छ्यूशी जर्नल' के 2026 के 18वें अंक में प्रकाशित किया जाएगा।
लेख में चीन के बुनियादी अनुसंधान की वर्तमान स्थिति के बारे में क्या कहा गया है?
लेख के अनुसार, 2012 के बाद से उल्लेखनीय सुधार हुए हैं, लेकिन दुनिया की प्रमुख विज्ञान और प्रौद्योगिकी शक्तियों की तुलना में अभी भी अंतर मौजूद है। इस अंतर को पाटने के लिए संकट की भावना और ठोस उपायों की जरूरत बताई गई है।
'छ्यूशी जर्नल' क्या है और इसका महत्व क्यों है?
यह चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति की प्रमुख सैद्धांतिक पत्रिका है। इसमें प्रकाशित लेख सीपीसी की आधिकारिक नीतिगत सोच और दिशा को दर्शाते हैं, इसलिए शी चिनफिंग के लेख का यहाँ प्रकाशित होना नीति के सर्वोच्च अनुमोदन का संकेत है।
लेख में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग पर क्या कहा गया है?
लेख में वैश्विक नवाचार नेटवर्क में सक्रिय भागीदारी, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा, पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय बड़े विज्ञान कार्यक्रमों में भागीदारी का आह्वान किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले