शी चिनफिंग का प्योंगयांग में भव्य स्वागत, किम जोंग उन ने किम इल सुंग स्क्वायर पर दी 21 तोपों की सलामी
सारांश
मुख्य बातें
चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के प्योंगयांग दौरे पर जनवादी कोरियाई लोकतांत्रिक गणराज्य (डीपीआरके) के राज्य मामलों के आयोग के अध्यक्ष किम जोंग उन ने किम इल सुंग स्क्वायर पर एक भव्य राजकीय स्वागत समारोह आयोजित किया। 8 जून को आयोजित इस समारोह में 21 तोपों की सलामी और सैन्य परेड के साथ दोनों देशों की गहरी मित्रता का प्रदर्शन किया गया।
स्वागत समारोह का भव्य दृश्य
किम इल सुंग स्क्वायर के केंद्र में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के विशाल चित्र स्थापित किए गए थे। चित्रों के दोनों ओर चीनी और कोरियाई भाषाओं में 'डीपीआरके-चीन मित्रता सदा अमर रहे' और 'अटूट डीपीआरके-चीन मित्रता एकजुटता अमर रहे' के नारे स्पष्ट रूप से अंकित थे। दोनों देशों के राष्ट्रीय ध्वज हवा में लहरा रहे थे और स्वागत के लिए एकत्रित नागरिक उत्साह से प्रतीक्षारत थे।
औपचारिक स्वागत और सैन्य सम्मान
जब शी चिनफिंग और उनकी पत्नी फंग लीयुआन स्क्वायर पर पहुँचे, तो घुड़सवार सेना ने कतार बनाकर उनका अभिवादन किया और सैन्य बैंड ने स्वागत धुन बजाई। किम जोंग उन और उनकी पत्नी री सोल जू ने स्वयं उनका स्वागत किया।
दोनों देशों के शीर्ष नेता संयुक्त रूप से सलामी मंच पर चढ़े, जहाँ सैन्य बैंड ने दोनों देशों के राष्ट्रगान बजाए और 21 तोपों की सलामी दी गई। इसके बाद शी चिनफिंग ने किम जोंग उन के साथ डीपीआरके सेना दल का निरीक्षण किया, जबकि सैनिकों ने कोरियाई भाषा में 'कामरेड शी चिनफिंग का स्वास्थ्य ठीक रहे' के नारे लगाए।
जनता का उत्साहपूर्ण स्वागत
प्योंगयांग के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों और बच्चों ने त्योहारी परिधान पहनकर झंडे, फूल और गुब्बारे हाथ में लिए और चीन-डीपीआरके मित्रता के नारे लगाते हुए चीनी मेहमानों का स्वागत किया। शी चिनफिंग और किम जोंग उन लाल कालीन पर चलते हुए स्वागत कर रहे नागरिकों और बच्चों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन करते रहे। स्थानीय नागरिक स्वतः सड़क किनारे खड़े होकर इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बने।
प्रमुख उपस्थिति
इस राजकीय समारोह में चेई छी और वांग यी सहित दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं और चीन-डीपीआरके संबंध रणनीतिक महत्व के केंद्र में हैं।
आगे क्या
यह राजकीय यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय वार्ता और संभावित समझौतों की पृष्ठभूमि तैयार करती है। गौरतलब है कि शी चिनफिंग की यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक जुड़ाव को और मज़बूत करने का संकेत देती है। आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठकों की संभावना है।