शी चिनफिंग का संकल्प: 'जनता को निराश नहीं करूंगा', गरीबी उन्मूलन से 10 करोड़ को मिली राहत
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक बार फिर दोहराया है कि उनके शासन का केंद्र बिंदु आम जनता है। उन्होंने कहा, 'मेरे दिल में सिर्फ जनता है और मैं जनता को निराश नहीं करूंगा।' जमीनी स्तर से राजनीतिक जीवन शुरू करने वाले शी की यह प्रतिबद्धता उनके दशकों के कार्यकाल में बार-बार परिलक्षित होती रही है।
जमीनी अनुभव: ल्यांग च्या हे से शुरू हुई यात्रा
युवावस्था में शी चिनफिंग उत्तर-पश्चिमी चीन के शैनशी प्रांत के ल्यांग च्या हे गाँव में सात वर्षों तक कार्यरत रहे। इसी दौरान वे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) में शामिल हुए और गाँव की सीपीसी समिति के सचिव बने। उन्होंने वहाँ कुएँ खोदने, बाँध निर्मित करने, सीढ़ीनुमा खेत बनाने और बायोगैस डाइजेस्टर स्थापित करने जैसे ठोस कार्य किए — जो जनता के प्रति उनकी व्यावहारिक प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
चंग तिंग जिले में नेतृत्व का अनुभव
मार्च 1982 से मई 1985 तक शी उत्तर चीन के हपेइ प्रांत के चंग तिंग जिले के प्रमुख रहे। उस काल को याद करते हुए उन्होंने कहा था, 'वर्ष 1982 में मैंने केंद्रीय संस्थान से अपनी जड़ों की ओर जाने की माँग की। मैंने कहा कि मैं अपने माता-पिता की तरह जनता से प्रेम करूंगा।' यह वक्तव्य उनकी शासन-दर्शन की नींव को उजागर करता है।
गरीबी उन्मूलन: 10 करोड़ लोगों को मिली राहत
18वीं सीपीसी कांग्रेस में महासचिव बनने के बाद शी ने 14 अति-गरीबी क्षेत्रों का दौरा किया और 50 से अधिक बार गरीबी उन्मूलन का सर्वेक्षण किया। उनके नेतृत्व में सीपीसी केंद्रीय कमेटी के प्रयासों से चीन में करीब 10 करोड़ लोगों को गरीबी से मुक्ति मिली और खुशहाल समाज के निर्माण का लक्ष्य पूरा किया गया। इस दौरान विश्व की सबसे बड़ी शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा तंत्र, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य प्रणाली तथा शहरी आवास गारंटी व्यवस्था स्थापित की गई।
2026 की प्राथमिकताएँ: 15वीं पंचवर्षीय योजना
वर्ष 2026 चीन में 15वीं पंचवर्षीय योजना का पहला वर्ष है और सीपीसी की स्थापना की 105वीं वर्षगांठ भी है। इस वर्ष जनवरी में प्रांत-स्तरीय अधिकारियों के एक अध्ययन सत्र में शी ने अधिकारियों से शासन प्रदर्शन पर सही दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट कहा, 'हमें जनता के लिए शासन करना है और सच्चे मायने में जनता के लिए कल्याण लाना है।' यह संदेश ऐसे समय में आया है जब चीन 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत नई विकास प्राथमिकताएँ तय कर रहा है।