31 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

होली 2026: रंगों के त्योहार को सेहतमंद और खुशहाल बनाने के 5 आयुर्वेदिक उपाय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
होली 2026: रंगों के त्योहार को सेहतमंद और खुशहाल बनाने के 5 आयुर्वेदिक उपाय

सारांश

4 मार्च को मनाए जाने वाले होली के त्योहार को सेहतमंद और सुखद बनाने के लिए आयुर्वेद के 5 सरल उपाय जानें। जानिए प्राकृतिक रंगों का महत्व और खानपान में सावधानी।

मुख्य बातें

प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें।
तेल लगाकर रंगों को सुरक्षा प्रदान करें।
हल्का और संतुलित भोजन करें।
आंखों की विशेष सुरक्षा करें।

नई दिल्ली, 3 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रंगों और उल्लास से भरा होली का त्योहार 4 मार्च को मनाया जाएगा, और इसके लिए तैयारियाँ तेज़ी से चल रही हैं। हालांकि, मौसम में हो रहे बदलाव, केमिकल रंगों का उपयोग और खराब खानपान के कारण रंग फीके पड़ सकते हैं। इस मौके पर आयुर्वेद कुछ सरल उपायों के माध्यम से इस 'रंगों के त्योहार' को खुशहाल और सेहतमंद बनाने का सुझाव देता है।

भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के अनुसार, केमिकल रंगों का उपयोग त्वचा में जलन, एलर्जी, आंखों में इरिटेशन और पेट में समस्याएं पैदा कर सकता है। इसी प्रकार, भारी भोजन भी अपच जैसी कई समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, प्राकृतिक उपायों को अपनाकर इस त्योहार को सुरक्षित और आनंदमय बनाया जा सकता है।

प्राकृतिक और घरेलू रंगों का चयन करें: रासायनिक रंग त्वचा को हानि पहुंचाते हैं और कई बार एलर्जी या संक्रमण का कारण बन सकते हैं। इसके स्थान पर, बेसन, हल्दी, गुलाल, फूलों के रंग (जैसे कि गुलाब, टेसू, हिबिस्कस) और हर्बल पाउडर का उपयोग करें। ये प्राकृतिक रंग न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि त्वचा को पोषण भी प्रदान करते हैं। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

शरीर और बालों पर तेल लगाएं: होली खेलने से पहले त्वचा और बालों पर नारियल या तिल का तेल अच्छी तरह लगाएं। तेल की एक पतली परत रंगों को त्वचा में गहराई तक जाने से रोकती है और रंग आसानी से धुल जाता है। इससे त्वचा रुखी नहीं होती और जलन या खुजली की समस्या भी नहीं होती। बालों पर तेल लगाने से रंग जड़ों तक नहीं पहुंच पाता।

संतुलित और हल्का आहार लें: होली पर तले-भुने, मसालेदार और भारी भोजन से बचें। अत्यधिक मीठा, तैलीय और मलाईदार भोजन पेट खराब कर सकता है। इसके बजाय मौसमी फल, नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, हर्बल जूस और हल्का सात्विक भोजन लें। इससे शरीर हल्का रहेगा और थकान नहीं होगी।

पर्याप्त पानी और स्वस्थ पेय पदार्थों का सेवन करें: रंग खेलने के दौरान शरीर से काफी पसीना निकलता है, इसलिए डिहाइड्रेशन से बचने के लिए दिनभर खूब पानी पिएं। नींबू पानी, नारियल पानी, या पुदीने का शरबत लेना सबसे अच्छा है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है, रंगों के प्रभाव को कम करता है, और त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखता है।

आंखों और त्वचा की सुरक्षा: रंग आंखों में जाने से जलन और संक्रमण हो सकता है। खेलते समय चश्मा पहनें या आंखों को अच्छे से बंद रखें। खेल खत्म होने के तुरंत बाद ठंडे पानी से चेहरा और शरीर धोएं। आंखों को साफ पानी से कई बार धोना चाहिए। अगर रंग लग जाए तो गुलाब जल या सादा पानी से साफ करें।

इन सरल उपायों के साथ-साथ होली का आनंद लें, लेकिन मिलावटी और अस्वच्छ खाने से बचें। केवल भरोसेमंद दुकानों से सामान खरीदें, और पैकेट वाली चीजों की एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। खुले, तले-भुने और कृत्रिम रंग वाले खाद्य पदार्थों से दूर रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसे आनंदमय भी बना सकते हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होली पर किस प्रकार के रंगों का उपयोग करना चाहिए?
होली पर प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना चाहिए, जैसे कि हल्दी, गुलाल और फूलों के रंग।
क्या होली खेलते समय खाना आवश्यक है?
होली खेलने से पहले हल्का और संतुलित भोजन करना चाहिए ताकि शरीर ऊर्जा से भरपूर रहे।
आंखों की सुरक्षा कैसे करें?
खेलते समय चश्मा पहनें और खेल खत्म होने पर तुरंत चेहरे और आंखों को ठंडे पानी से धोएं।
क्या होली पर तला-भुना खाना खाना चाहिए?
नहीं, होली पर तला-भुना और भारी भोजन से बचना चाहिए।
होली के दौरान हाइड्रेशन कैसे बनाए रखें?
दिनभर खूब पानी और नींबू-पानी, नारियल पानी का सेवन करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 4 महीने पहले