15 अगस्त तक पूरी होंगी राष्ट्रनायकों की प्रतिमाएं, UP सरकार ने दिए सख्त निर्देश

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15 अगस्त तक पूरी होंगी राष्ट्रनायकों की प्रतिमाएं, UP सरकार ने दिए सख्त निर्देश

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रनायकों की प्रतिमाएं 15 अगस्त तक पूरी करने के निर्देश दिए हैं। महाराणा प्रताप और सरदार पटेल की 12.5 फीट ऊंची प्रतिमाएं तैयार, पृथ्वीराज चौहान की निर्माणाधीन। 85 हजार विद्यार्थियों का संग्रहालय भ्रमण सांस्कृतिक जागरूकता की बढ़ती लहर का संकेत।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रनायकों की सभी निर्माणाधीन प्रतिमाएं 15 अगस्त 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए।
महाराणा प्रताप की 12.5 फीट ऊंची अश्वारोही दो प्रतिमाएं और सरदार वल्लभभाई पटेल की 12.5 फीट प्रतिमा तैयार; पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा निर्माणाधीन।
वर्ष 2022-23 से अब तक की प्रतिमाओं की वर्षवार रिपोर्ट और कार्यालय आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश।
इस वर्ष अब तक 85 हजार विद्यार्थियों ने राज्य संग्रहालय का भ्रमण किया।
छुट्टियों के दिनों में संग्रहालयों में निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था लागू।
पाश्चात्य मूर्तिकला वीथिका का लोकार्पण और पुरातत्व पत्रिका-2026 का विमोचन किया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में निर्माणाधीन राष्ट्रनायकों और महापुरुषों की प्रतिमाओं को 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में पूर्ण करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने 19 मई को अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश राज्य संग्रहालय निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम के बाद विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को यह निर्देश दिए। यह कदम राज्य सरकार की सांस्कृतिक विरासत को युवा पीढ़ी से जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

मूर्ति निर्माण की स्थिति

बैठक में बताया गया कि महाराणा प्रताप की 12.5 फीट ऊंची अश्वारोही दो प्रतिमाएं तथा सरदार वल्लभभाई पटेल की 12.5 फीट ऊंची प्रतिमाएं तैयार हो चुकी हैं। वहीं पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा अभी निर्माणाधीन है। मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वर्ष 2022-23 से अब तक निर्मित और स्वीकृत सभी प्रतिमाओं की वर्षवार रिपोर्ट तैयार की जाए और निर्माणाधीन प्रतिमाओं के संबंध में कार्यालय आदेश एक सप्ताह के भीतर जारी किए जाएं।

स्थापना के लिए जिलों से प्रस्ताव

मंत्री ने यह भी जानकारी मांगी कि तैयार प्रतिमाओं की स्थापना के लिए किन जिलों से प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब राज्य सरकार स्वतंत्रता दिवस को एक बड़े सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाने की तैयारी कर रही है। प्रतिमाओं की स्थापना से न केवल स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, बल्कि युवाओं में राष्ट्रीय गौरव की भावना भी जागृत होगी।

संग्रहालय दिवस पर विशेष आयोजन

इस अवसर पर जयवीर सिंह ने संग्रहालय परिसर में पाश्चात्य मूर्तिकला वीथिका का लोकार्पण किया और संग्रहालय पुरातत्व पत्रिका-2026 का विमोचन भी किया। प्रसिद्ध कलाकार संगीता गुप्ता ने 'आदियोगी शिव : ए जर्नी इन कॉस्मिक इंडिगो' प्रदर्शनी की जानकारी देते हुए कहा कि इंडिगो का भारतीय इतिहास और महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन से गहरा संबंध रहा है। राज्य संग्रहालय और लोक कला संग्रहालय, लखनऊ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित निबंध, प्रश्नोत्तरी और कैनवास पेंटिंग प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए।

युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता

अपर निदेशक संस्कृति सृष्टि धवन ने बताया कि इस वर्ष अब तक करीब 85 हजार विद्यार्थियों ने राज्य संग्रहालय का भ्रमण किया है, जो युवाओं में सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि संग्रहालय केवल पुरानी वस्तुओं के संरक्षण का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने 'विजिट माय स्टेट' अभियान का भी उल्लेख किया।

निशुल्क प्रवेश और आगे की राह

मंत्री ने बताया कि छुट्टियों के दिनों में संग्रहालयों में निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी संस्कृति और इतिहास को करीब से समझ सकें। संग्रहालयों को शैक्षिक और रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनाने के प्रयास जारी हैं। 15 अगस्त 2026 की समयसीमा को ध्यान में रखते हुए, अगले कुछ हफ्तों में निर्माण कार्य की गति निर्णायक रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह संख्या उत्तर प्रदेश की विशाल युवा आबादी के सामने अभी भी बेहद सीमित है। सांस्कृतिक विरासत को वास्तविक रूप से युवाओं तक पहुंचाने के लिए प्रतिमाओं और समारोहों से आगे, पाठ्यक्रम और डिजिटल माध्यमों में इसकी गहरी पैठ जरूरी है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रनायकों की कौन-कौन सी प्रतिमाएं 15 अगस्त तक तैयार होंगी?
महाराणा प्रताप की 12.5 फीट ऊंची अश्वारोही दो प्रतिमाएं और सरदार वल्लभभाई पटेल की 12.5 फीट ऊंची प्रतिमाएं पहले से तैयार हैं। पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा अभी निर्माणाधीन है और उसे 15 अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतिमाओं के निर्माण में तेजी क्यों लाने के निर्देश दिए?
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस से पहले सभी प्रतिमाएं पूरी करने की समयसीमा तय की है। यह कदम सांस्कृतिक विरासत को युवाओं से जोड़ने और राष्ट्रीय गौरव को प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की व्यापक नीति का हिस्सा है।
अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर लखनऊ में क्या-क्या हुआ?
19 मई को लखनऊ में राज्य संग्रहालय निदेशालय में पाश्चात्य मूर्तिकला वीथिका का लोकार्पण और पुरातत्व पत्रिका-2026 का विमोचन हुआ। कलाकार संगीता गुप्ता ने 'आदियोगी शिव : ए जर्नी इन कॉस्मिक इंडिगो' प्रदर्शनी की जानकारी दी और प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।
उत्तर प्रदेश के संग्रहालयों में निशुल्क प्रवेश कब मिलती है?
राज्य सरकार ने छुट्टियों के दिनों में संग्रहालयों में निशुल्क प्रवेश की व्यवस्था की है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों, विशेषकर युवाओं और बच्चों को भारतीय संस्कृति और इतिहास से परिचित कराना है।
इस वर्ष उत्तर प्रदेश के राज्य संग्रहालय में कितने विद्यार्थियों ने भ्रमण किया?
अपर निदेशक संस्कृति सृष्टि धवन के अनुसार, इस वर्ष अब तक करीब 85 हजार विद्यार्थियों ने राज्य संग्रहालय का भ्रमण किया है। यह आंकड़ा युवाओं में सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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