13 अक्टूबर 2026
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गुजरात में 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता: सीएए के तहत 126 लाभार्थी, अहमदाबाद में समारोह

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गुजरात में 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता: सीएए के तहत 126 लाभार्थी, अहमदाबाद में समारोह

सारांश

गुजरात के अहमदाबाद में मंगलवार को 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे जाएंगे — इनमें सीएए के 126 और नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत 32 लाभार्थी शामिल हैं। 2017 से 2025 के बीच अहमदाबाद में 1,200 से अधिक लोगों को नागरिकता मिल चुकी है।

मुख्य बातें

गुजरात के अहमदाबाद में 12 अक्टूबर 2026 को 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे।
126 लाभार्थी नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत और 32 आवेदक नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 और 6 के तहत पात्र हैं।
उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी सोला, अहमदाबाद स्थित एसएएल इंस्टीट्यूट में प्रमाणपत्र वितरित करेंगे।
सीएए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से 31 दिसंबर 2014 से पहले आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों को लाभ देता है।
2017 से 2025 के बीच अहमदाबाद में 1,200 से अधिक लोगों को नागरिकता प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं।

गुजरात के अहमदाबाद में 12 अक्टूबर 2026 को आयोजित एक विशेष समारोह में 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे जाएंगे। इनमें नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत पात्र ठहराए गए 126 लाभार्थी और नागरिकता अधिनियम, 1955 के प्रावधानों के तहत जिला कलेक्टर कार्यालय के माध्यम से पंजीकृत 32 आवेदक शामिल हैं। यह समारोह अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए अल्पसंख्यक समुदायों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

समारोह का आयोजन और प्रमुख उपस्थिति

यह 'भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र वितरण समारोह' सोला क्षेत्र स्थित एसएएल इंस्टीट्यूट में आयोजित किया जा रहा है। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी सभी 158 लाभार्थियों को व्यक्तिगत रूप से प्रमाणपत्र वितरित करेंगे। समारोह में शहरी विकास एवं शहरी आवास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला, अहमदाबाद के मेयर, सांसद और विधायक भी उपस्थित रहेंगे।

दो श्रेणियों में मिलेगी नागरिकता

नागरिकता प्रमाणपत्र दो अलग-अलग श्रेणियों में वितरित किए जाएंगे। पहली श्रेणी में सीएए के अंतर्गत पात्र 126 लाभार्थी हैं, जो अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों से संबंधित हैं और जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ चुके थे। दूसरी श्रेणी में 32 आवेदक शामिल हैं, जिनके आवेदन नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 और 6 के तहत जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा संसाधित किए गए हैं।

अहमदाबाद की भूमिका और ऐतिहासिक संदर्भ

जिला प्रशासन के अनुसार, अहमदाबाद पड़ोसी देशों से आए अल्पसंख्यक समुदायों को नागरिकता देने में देश के अग्रणी जिलों में गिना जाता है। 2017 से 2025 के बीच इस जिले में 1,200 से अधिक लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2016 और 2018 की अधिसूचनाओं के जरिए जिला कलेक्टरों को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 और 6 के तहत पात्र अल्पसंख्यक समुदायों के आवेदनों पर कार्रवाई करने का अधिकार दिया था।

सीएए का दायरा और शर्तें

वर्ष 2019 में लागू नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के छह अल्पसंख्यक समुदायों — हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई — के उन लोगों को नागरिकता का त्वरित और सुगम मार्ग प्रदान करता है जो 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आ चुके हों। यह प्रक्रिया सामान्य नागरिकता आवेदन प्रक्रिया की तुलना में अपेक्षाकृत सरल मानी जाती है।

आगे की दिशा

मंगलवार का यह आयोजन सीएए के क्रियान्वयन की दिशा में गुजरात की बड़ी कार्रवाइयों में से एक है। अधिकारियों के अनुसार जिले में लंबित आवेदनों की प्रक्रिया जारी रहेगी और आने वाले समय में और समारोह आयोजित किए जा सकते हैं। यह कदम उन हजारों अल्पसंख्यक शरणार्थियों के लिए उम्मीद की किरण है जो अभी भी नागरिकता की प्रतीक्षा में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बड़ा सवाल यह है कि देशभर में लाखों पात्र शरणार्थी अभी भी प्रतीक्षा में हैं — प्रशासनिक क्षमता और जिलेवार असमानता एक अनसुलझी चुनौती बनी हुई है। अहमदाबाद का आठ साल में 1,200-प्लस का आंकड़ा प्रभावशाली दिखता है, पर राष्ट्रीय स्तर पर सीएए पोर्टल पर आवेदनों की संख्या और मंजूरियों के बीच की खाई अभी भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है। जब तक पारदर्शी डेटा सामने नहीं आता, इन समारोहों को प्रतीकात्मक कदम और ज़मीनी हकीकत दोनों के रूप में देखा जाएगा।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में 158 शरणार्थियों को नागरिकता कैसे मिल रही है?
इन 158 लाभार्थियों में से 126 को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत और 32 को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 व 6 के तहत जिला कलेक्टर कार्यालय द्वारा प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं। 12 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद के एसएएल इंस्टीट्यूट में उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी इन्हें प्रमाणपत्र सौंपेंगे।
सीएए के तहत भारतीय नागरिकता के लिए क्या शर्तें हैं?
नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), 2019 के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोग पात्र हैं, बशर्ते वे 31 दिसंबर 2014 या उससे पहले भारत आए हों और अन्य निर्धारित शर्तें पूरी करते हों।
अहमदाबाद में अब तक कितने लोगों को नागरिकता मिल चुकी है?
जिला प्रशासन के अनुसार, 2017 से 2025 के बीच अहमदाबाद जिले में 1,200 से अधिक लोगों को भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं, जिससे यह देश के प्रमुख जिलों में शामिल है।
जिला कलेक्टरों को नागरिकता देने का अधिकार कब और कैसे मिला?
केंद्र सरकार ने 2016 और 2018 की अधिसूचनाओं के जरिए जिला कलेक्टरों को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 5 और 6 के तहत अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के पात्र अल्पसंख्यक समुदायों के नागरिकता आवेदनों को संसाधित करने का अधिकार दिया था।
मंगलवार के समारोह में कौन-कौन शामिल होंगे?
समारोह में उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी के अलावा शहरी विकास एवं शहरी आवास राज्य मंत्री दर्शना वाघेला, अहमदाबाद के मेयर, स्थानीय सांसद और विधायक भी उपस्थित रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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