2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीएए नागरिकता देता है, छीनता नहीं: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में बाँटे 300 प्रमाण पत्र

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीएए नागरिकता देता है, छीनता नहीं: मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में बाँटे 300 प्रमाण पत्र

सारांश

कोलकाता के न्यू टाउन में मतुआ समुदाय के 300 सदस्यों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपते हुए मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने साफ किया — सीएए नागरिकता देता है, छीनता नहीं। राज्य में 2,30,605 आवेदन लंबित हैं और छह महीने में निपटारे का वादा किया गया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 1 अगस्त 2026 को कोलकाता के न्यू टाउन में मतुआ समुदाय के 300 सदस्यों को सीएए के तहत नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित किए।
राज्य में अब तक कुल 23,956 नागरिकता प्रमाण पत्र जारी; भाजपा सरकार बनने के बाद 11 हफ्तों में 5,966 प्रमाण पत्र दिए गए।
राज्यभर में 2,30,605 आवेदन प्राप्त; सभी लंबित आवेदनों के निपटारे का वादा छह महीने में।
नदिया जिले में सर्वाधिक 10,191 और उत्तर 24 परगना में 8,930 प्रमाण पत्र वितरित।
जिला मजिस्ट्रेटों को प्रशासनिक शक्तियाँ सौंपने की प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद।
अधिकारी ने तृणमूल कांग्रेस पर सीएए को एनआरसी बताकर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 1 अगस्त 2026 को स्पष्ट किया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (सीएए) किसी की नागरिकता छीनने का नहीं, बल्कि पात्र शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने का कानून है। उन्होंने यह बात कोलकाता के न्यू टाउन में आयोजित एक विशेष समारोह में उत्तर 24 परगना जिले के मतुआ समुदाय के 300 सदस्यों को नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित करने के बाद कही।

मुख्यमंत्री की मुख्य घोषणाएँ

अधिकारी ने कार्यक्रम में कहा, 'सीएए का उद्देश्य नागरिकता प्रदान करना है, किसी की नागरिकता छीनना नहीं। पात्र लोगों को आगे आकर अधिनियम के तहत आवेदन करना चाहिए।' उन्होंने यह भी घोषणा की कि पश्चिम बंगाल में सीएए के तहत लंबित सभी आवेदनों का निपटारा अगले छह महीनों के भीतर कर दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव से हुई चर्चा के बाद, आवेदनों के शीघ्र निपटान के लिए जिला मजिस्ट्रेटों को कानूनी और प्रशासनिक शक्तियाँ सौंपने की प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।

अब तक के आँकड़े

मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य में अब तक कुल 23,956 नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 5,966 प्रमाण पत्र राज्य में नई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के गठन के बाद केवल पिछले 11 हफ्तों में जारी किए गए हैं। राज्यभर में कुल 2,30,605 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

जिलेवार आँकड़ों की बात करें तो नदिया जिले में सबसे अधिक 10,191 प्रमाण पत्र वितरित किए गए हैं, जबकि उत्तर 24 परगना में 8,930 प्रमाण पत्र दिए गए हैं।

सीएए के तहत कौन पात्र है

सीएए के प्रावधानों के अनुसार, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई — इन छह समुदायों के शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी।

तृणमूल कांग्रेस पर निशाना

अधिकारी ने सीएए मुद्दे पर जनता को गुमराह करने के लिए तृणमूल कांग्रेस (TMC) की पिछली सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने सीएए को राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के रूप में पेश किया और विशेष रूप से मुस्लिम समुदाय को यह झूठा भय दिखाया कि सीएए के तहत आवेदन करने से नौकरी, राशन लाभ या लक्ष्मी भंडार योजना का नुकसान होगा।

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में भाजपा सरकार के गठन के बाद सीएए कार्यान्वयन में तेज़ी आई है। गौरतलब है कि अधिकारी ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम में विपक्षी विधायक भी स्वेच्छा से शामिल हुए, जिसे उन्होंने सीएए की स्वीकार्यता का प्रमाण बताया।

आगे क्या होगा

आने वाले महीनों में और अधिक प्रमाण पत्र जारी किए जाने की उम्मीद है। जिला मजिस्ट्रेटों को अधिकार सौंपने की प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदन निपटान की गति और तेज़ होने की संभावना है। 2,30,605 में से अब तक निपटाए गए आवेदनों की संख्या को देखते हुए, अगले छह महीनों में यह प्रक्रिया निर्णायक मोड़ पर पहुँचेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीतिक पुनर्स्थापना का प्रतीक है — मतुआ समुदाय, जो राज्य के कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक मतदाता है, को सीधे संदेश दिया गया है। दिलचस्प यह है कि 2,30,605 आवेदनों में से अब तक केवल 23,956 निपटाए गए हैं — यानी लगभग 90% अभी भी लंबित हैं। छह महीने का वादा महत्वाकांक्षी है, और जिला मजिस्ट्रेटों को शक्ति हस्तांतरण की प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई है। असली कसौटी यह होगी कि प्रशासनिक क्षमता राजनीतिक घोषणा के साथ कदमताल कर पाती है या नहीं।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएए के तहत पश्चिम बंगाल में कितने नागरिकता प्रमाण पत्र जारी हुए हैं?
राज्य में अब तक कुल 23,956 नागरिकता प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इनमें से 5,966 प्रमाण पत्र नई भाजपा सरकार के गठन के बाद पिछले 11 हफ्तों में दिए गए हैं।
सीएए के तहत कौन से समुदाय नागरिकता के पात्र हैं?
सीएए के अनुसार, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के कारण 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में शरण लेने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई — इन छह समुदायों के शरणार्थी नागरिकता के पात्र हैं।
पश्चिम बंगाल में लंबित सीएए आवेदनों का निपटारा कब तक होगा?
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की है कि राज्य में सीएए के तहत लंबित सभी आवेदनों का निपटारा अगले छह महीनों के भीतर कर दिया जाएगा। जिला मजिस्ट्रेटों को प्रशासनिक शक्तियाँ सौंपने की प्रक्रिया एक महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।
सीएए और एनआरसी में क्या अंतर है?
सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) पात्र शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने का कानून है, जबकि एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) नागरिकों की पहचान सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया है। मुख्यमंत्री अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार ने दोनों को एक बताकर जनता को गुमराह किया था।
किस जिले में सबसे अधिक सीएए प्रमाण पत्र वितरित हुए हैं?
नदिया जिले में सबसे अधिक 10,191 नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित किए गए हैं। उत्तर 24 परगना जिले में 8,930 प्रमाण पत्र दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 1 साल पहले