पीलीभीत में CM योगी ने 2500 बंगाली परिवारों को दिए नागरिकता पत्र, सपा पर बोले — साइकिल चली तो दंगा कराएगी
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 जून 2026 को पीलीभीत में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित 2,500 बंगाली परिवारों — लगभग 15,000 लोगों — को नागरिकता एवं भूमि अधिकार पत्र सौंपे। यह वितरण नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत किया गया, जिसे केंद्र सरकार ने लागू किया है। इसी अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।
नागरिकता वितरण: मुख्य घटनाक्रम
सीएम योगी ने पीलीभीत के बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों में ₹569 करोड़ से अधिक लागत की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन परिवारों को नागरिकता पत्र, भूमि अधिकार दस्तावेज और विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा, 'अब कोई भी ताकत इन लोगों को यहां से नहीं निकाल सकती। अब कोई इन्हें पराया नहीं कह सकेगा।' उन्होंने यह भी बताया कि अब इन परिवारों को पुलिस, राजस्व, वन अथवा किसी अन्य सरकारी विभाग द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा।
सपा और कांग्रेस पर योगी का तंज
योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि 'जनता जनार्दन ने समाजवादी पार्टी की साइकिल पंचर कर दी है, क्योंकि यह साइकिल चलेगी तो दंगा कराएगी, कर्फ्यू लगाएगी और बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री दंगाइयों को सरकारी विमान से बुलाकर आवास पर सम्मानित करते थे।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि देश के विभाजन के बाद भी कांग्रेस ने विस्थापित हिंदुओं, बौद्धों, सिखों और जैनियों की कभी सुधि नहीं ली। उन्होंने कहा कि CAA का कांग्रेस और सपा ने विरोध किया, जबकि इसी कानून के तहत आज हजारों परिवारों को उनका अधिकार मिल रहा है।
CAA और विस्थापित परिवारों का पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 55,000 ऐसे विस्थापित परिवार रह रहे हैं। बाराबंकी, बहराइच, बिजनौर और अब पीलीभीत में प्रथम चरण का कार्य पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामपुर में भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को नागरिकता व भूमि अधिकार दिए जाएंगे। कुछ मामलों में वन विभाग और केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलना अभी शेष है।
गौरतलब है कि जिन परिवारों को आज नागरिकता और भूमि अधिकार पत्र दिए गए, उनमें अधिकांश दलित, वंचित और अति पिछड़ी जाति के हैं — जो लगभग 56 वर्षों से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे थे।
विकास और कानून-व्यवस्था पर दावे
सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से यूपी में 'नो कर्फ्यू, नो दंगा' की स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले माफिया सीना तानकर चलते थे, जबकि अब वे 'गले में तख्ती लटकाकर जान की भीख मांग रहे हैं।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के तहत ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है।
आगे क्या
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। वन विभाग व केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलते ही शेष पात्र परिवारों को भी उनका अधिकार दिया जाएगा। पीलीभीत से शामली, पानीपत, मुरादाबाद, गोरखपुर और सिलीगुड़ी तक बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करने की योजना भी गतिमान है।