29 जून 2026
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पीलीभीत में CM योगी ने 2500 बंगाली परिवारों को दिए नागरिकता पत्र, सपा पर बोले — साइकिल चली तो दंगा कराएगी

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पीलीभीत में CM योगी ने 2500 बंगाली परिवारों को दिए नागरिकता पत्र, सपा पर बोले — साइकिल चली तो दंगा कराएगी

सारांश

पीलीभीत में CM योगी ने 56 साल बाद 2,500 विस्थापित बंगाली परिवारों को CAA के तहत नागरिकता और जमीन के दस्तावेज सौंपे — और साथ में सपा को करारा जवाब: 'साइकिल चलेगी तो दंगा कराएगी।' यह राजनीतिक तंज उतना ही तीखा था जितना यह ऐतिहासिक पल।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 29 जून 2026 को पीलीभीत में CAA के तहत 2,500 बंगाली परिवारों (लगभग 15,000 लोग ) को नागरिकता व भूमि अधिकार पत्र वितरित किए।
बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों में ₹569 करोड़ की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास भी किया गया।
लाभार्थियों में अधिकांश दलित, वंचित और अति पिछड़ी जाति के परिवार हैं जो लगभग 56 वर्षों से अधिकारों की प्रतीक्षा में थे।
प्रदेश में कुल 55,000 विस्थापित परिवार हैं; बाराबंकी, बहराइच, बिजनौर के बाद पीलीभीत में प्रथम चरण पूरा।
योगी ने सपा पर तंज कसा — 'साइकिल चलेगी तो दंगा कराएगी, कर्फ्यू लगाएगी।' रामपुर सहित अन्य जिलों में भी इसी तरह नागरिकता व भूमि अधिकार वितरण की योजना।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 29 जून 2026 को पीलीभीत में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित 2,500 बंगाली परिवारों — लगभग 15,000 लोगों — को नागरिकता एवं भूमि अधिकार पत्र सौंपे। यह वितरण नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत किया गया, जिसे केंद्र सरकार ने लागू किया है। इसी अवसर पर उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

नागरिकता वितरण: मुख्य घटनाक्रम

सीएम योगी ने पीलीभीत के बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों में ₹569 करोड़ से अधिक लागत की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसके बाद जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन परिवारों को नागरिकता पत्र, भूमि अधिकार दस्तावेज और विभिन्न योजनाओं के तहत सहायता राशि के चेक वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा, 'अब कोई भी ताकत इन लोगों को यहां से नहीं निकाल सकती। अब कोई इन्हें पराया नहीं कह सकेगा।' उन्होंने यह भी बताया कि अब इन परिवारों को पुलिस, राजस्व, वन अथवा किसी अन्य सरकारी विभाग द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा।

सपा और कांग्रेस पर योगी का तंज

योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि 'जनता जनार्दन ने समाजवादी पार्टी की साइकिल पंचर कर दी है, क्योंकि यह साइकिल चलेगी तो दंगा कराएगी, कर्फ्यू लगाएगी और बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएगी।' उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री दंगाइयों को सरकारी विमान से बुलाकर आवास पर सम्मानित करते थे।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा कि देश के विभाजन के बाद भी कांग्रेस ने विस्थापित हिंदुओं, बौद्धों, सिखों और जैनियों की कभी सुधि नहीं ली। उन्होंने कहा कि CAA का कांग्रेस और सपा ने विरोध किया, जबकि इसी कानून के तहत आज हजारों परिवारों को उनका अधिकार मिल रहा है।

CAA और विस्थापित परिवारों का पुनर्वास

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 55,000 ऐसे विस्थापित परिवार रह रहे हैं। बाराबंकी, बहराइच, बिजनौर और अब पीलीभीत में प्रथम चरण का कार्य पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामपुर में भी बड़ी संख्या में ऐसे परिवारों को नागरिकता व भूमि अधिकार दिए जाएंगे। कुछ मामलों में वन विभाग और केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलना अभी शेष है।

गौरतलब है कि जिन परिवारों को आज नागरिकता और भूमि अधिकार पत्र दिए गए, उनमें अधिकांश दलित, वंचित और अति पिछड़ी जाति के हैं — जो लगभग 56 वर्षों से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे थे।

विकास और कानून-व्यवस्था पर दावे

सीएम ने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से यूपी में 'नो कर्फ्यू, नो दंगा' की स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले माफिया सीना तानकर चलते थे, जबकि अब वे 'गले में तख्ती लटकाकर जान की भीख मांग रहे हैं।' उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यूपी में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर के तहत ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है।

आगे क्या

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। वन विभाग व केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलते ही शेष पात्र परिवारों को भी उनका अधिकार दिया जाएगा। पीलीभीत से शामली, पानीपत, मुरादाबाद, गोरखपुर और सिलीगुड़ी तक बेहतर सड़क संपर्क स्थापित करने की योजना भी गतिमान है।

संपादकीय दृष्टिकोण

500 परिवारों को नागरिकता देने का यह कदम निस्संदेह उन लोगों के लिए ऐतिहासिक है जो 56 वर्षों से दस्तावेजों के बिना जी रहे थे — लेकिन यह भी उतना ही सच है कि प्रदेश में अभी भी लगभग 55,000 ऐसे परिवार शेष हैं। राजनीतिक भाषणबाजी और विकास की घोषणाओं के बीच असली सवाल यह है कि शेष परिवारों के लिए वन विभाग और केंद्रीय स्वीकृति की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी। सपा और कांग्रेस पर योगी के तीखे हमले चुनावी संदर्भ में समझे जा सकते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि पुनर्वास की गति और पारदर्शिता ही इस योजना की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
29 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीलीभीत में CM योगी ने किन परिवारों को नागरिकता पत्र दिए?
CM योगी ने पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित हिंदू, बौद्ध, सिख और जैन समुदाय के 2,500 बंगाली परिवारों — लगभग 15,000 लोगों — को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता व भूमि अधिकार पत्र सौंपे। इनमें अधिकांश दलित, वंचित और अति पिछड़ी जाति के परिवार हैं।
CAA के तहत उत्तर प्रदेश में कितने विस्थापित परिवार हैं?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार प्रदेश में लगभग 55,000 ऐसे विस्थापित परिवार रह रहे हैं। बाराबंकी, बहराइच, बिजनौर और पीलीभीत में प्रथम चरण का कार्य पूरा किया जा रहा है; रामपुर सहित अन्य जिलों में भी यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
योगी ने सपा की साइकिल पर क्या टिप्पणी की?
CM योगी ने कहा कि जनता ने समाजवादी पार्टी की साइकिल पंचर कर दी है, क्योंकि उनके अनुसार 'यह साइकिल चलेगी तो दंगा कराएगी, कर्फ्यू लगाएगी और बेटी-व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएगी।' यह टिप्पणी उन्होंने पीलीभीत की जनसभा में की।
पीलीभीत में कितनी विकास परियोजनाओं का लोकार्पण हुआ?
CM योगी ने बरखेड़ा और बीसलपुर विधानसभा क्षेत्रों में ₹569 करोड़ से अधिक लागत की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इनमें मेडिकल कॉलेज, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढाँचा परियोजनाएं शामिल हैं।
शेष विस्थापित परिवारों को नागरिकता कब मिलेगी?
CM योगी के अनुसार कुछ मामलों में वन विभाग और केंद्र सरकार की स्वीकृति मिलना अभी शेष है। जैसे ही यह स्वीकृति प्राप्त होगी, अन्य पात्र परिवारों को भी उनका अधिकार दिया जाएगा; रामपुर में भी जल्द इसी तरह का वितरण कार्यक्रम होगा।
राष्ट्र प्रेस
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