20 जुलाई 2026
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सीएम योगी बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों को देंगे भूमिधरी अधिकार पत्र

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सीएम योगी बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों को देंगे भूमिधरी अधिकार पत्र

सारांश

सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों और 50 पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार पत्र सौंपेंगे — यह उस सिलसिले की अगली कड़ी है जिसमें मार्च से अब तक हज़ारों वंचित परिवारों को ज़मीन का कानूनी हक मिल चुका है।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर के आलमपुर गांवड़ी, अफजलगढ़ और धामपुर में कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों/लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र दिए जाएंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना व मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को आवंटन पत्र व चेक वितरित होंगे।
विदुर प्रेरणा कैफे का उद्घाटन भी होगा, जो स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित है।
इससे पहले अप्रैल में लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश विस्थापित 331 परिवारों और थारू जनजाति के 4,356 परिवारों को भी भूमि अधिकार दिए जा चुके हैं।
मार्च में बहराइच में 118 लाभार्थियों को ₹21.55 करोड़ से अधिक की पुनर्वास राशि व 136 परिवारों को आवास पट्टे प्रदान किए गए थे।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को बिजनौर जिले के आलमपुर गांवड़ी, अफजलगढ़ और धामपुर क्षेत्रों में एक बड़े कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों व लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित करेंगे। यह कदम राज्य सरकार की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत शोषित, वंचित और विस्थापित समुदायों को भूमि का कानूनी अधिकार देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

कार्यक्रम में क्या होगा

मुख्यमंत्री योगी इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को आवंटन पत्र और चेक भी वितरित करेंगे। इसके अतिरिक्त वे कॉमन सर्विस सेंटर और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का उद्घाटन भी करेंगे। यह कार्यक्रम स्थानीय विकास योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर जोड़ने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।

पिछले कार्यक्रमों का संदर्भ

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब योगी सरकार ने विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार दिए हों। अप्रैल में मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित 331 परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए थे। उसी कार्यक्रम में चंदन चौकी (पलिया) में नदियों के कटाव से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2,350 परिवारों तथा थारू जनजाति के 4,356 परिवारों को भी भौमिक अधिकार पट्टे आवंटित किए गए थे।

इससे पहले मार्च में बहराइच के ग्राम पंचायत सेमरहना में आयोजित एक कार्यक्रम में भरथापुर गाँव के 118 लाभार्थियों को ₹15 लाख प्रति हितग्राही की दर से पुनर्वास धनराशि सहित कृषि भूमि व अन्य परिसंपत्तियों के समतुल्य ₹21.55 करोड़ से अधिक की राशि का अंतरण किया गया था। साथ ही 136 परिवारों को मुख्यमंत्री आवास, शौचालय और आवास हेतु भूमि पट्टे भी प्रदान किए गए थे।

आम जनता पर असर

भूमिधरी अधिकार पत्र मिलने से विस्थापित परिवारों को न केवल भूमि का कानूनी स्वामित्व प्राप्त होता है, बल्कि वे सरकारी योजनाओं — जैसे कृषि ऋण, आवास सहायता और सामाजिक सुरक्षा — का लाभ उठाने के लिए भी पात्र हो जाते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर विस्थापित और वंचित वर्गों के पुनर्वास को नीतिगत प्राथमिकता दी जा रही है।

आगे की दिशा

योगी सरकार के इस अभियान की श्रृंखला बताती है कि राज्य में भूमि अधिकार वितरण एक सतत प्रक्रिया के रूप में चल रही है। आने वाले महीनों में उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है, जिससे और अधिक विस्थापित व वंचित परिवार इस योजना का लाभ उठा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

सवाल यह भी उठता है कि दशकों से अधिकारविहीन रहे इन परिवारों को अब यह अधिकार क्यों और किस प्रक्रिया के तहत मिल रहा है — इसकी पारदर्शी जाँच ज़रूरी है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित परिवारों के बीच का अंतर नीतिगत स्पष्टता की माँग करता है। बिना दीर्घकालिक पुनर्वास ढाँचे के, ये कार्यक्रम टुकड़ों में राहत तो दे सकते हैं, लेकिन विस्थापन की मूल समस्या का स्थायी समाधान नहीं बन सकते।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी बिजनौर में किन परिवारों को भूमिधरी अधिकार पत्र देंगे?
सीएम योगी आदित्यनाथ बिजनौर में पाकिस्तान से विस्थापित 1,645 परिवारों तथा 50 पूर्व सैनिकों व लीजधारकों को भूमिधरी अधिकार पत्र प्रदान करेंगे। यह कार्यक्रम आलमपुर गांवड़ी, अफजलगढ़ और धामपुर में आयोजित होगा।
भूमिधरी अधिकार पत्र से विस्थापित परिवारों को क्या फायदा होगा?
भूमिधरी अधिकार पत्र मिलने से विस्थापित परिवारों को भूमि का कानूनी स्वामित्व प्राप्त होता है। इसके बाद वे सरकारी कृषि ऋण, आवास सहायता और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए पात्र हो जाते हैं।
योगी सरकार ने इससे पहले किन विस्थापित परिवारों को भूमि अधिकार दिए हैं?
अप्रैल में लखीमपुर खीरी में बांग्लादेश से विस्थापित 331 परिवारों और थारू जनजाति के 4,356 परिवारों को भूमि अधिकार दिए गए थे। मार्च में बहराइच में 118 लाभार्थियों को ₹21.55 करोड़ से अधिक की पुनर्वास राशि और 136 परिवारों को आवास पट्टे प्रदान किए गए थे।
बिजनौर कार्यक्रम में भूमिधरी अधिकार पत्र के अलावा और क्या होगा?
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को आवंटन पत्र व चेक वितरित किए जाएंगे। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विदुर प्रेरणा कैफे का उद्घाटन भी होगा।
उत्तर प्रदेश में विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की नीति क्या है?
योगी सरकार शोषित, वंचित और विस्थापित समुदायों को भूमिधरी अधिकार पत्र देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की नीति पर काम कर रही है। मार्च से अब तक कई जिलों में इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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