योगी आदित्यनाथ की कड़ी चेतावनी: गोमाता से हिमाकत पर 'कई पीढ़ियाँ याद करेंगी', बिजनौर में 1645 विस्थापित परिवारों को भूमि-अधिकार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 1 जून 2026 को बिजनौर में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान गाजियाबाद की छुरेबाजी की घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जो लोग गोमाता के साथ हिमाकत करने वाले अपने चेलों को नहीं समझाते, उन्हें ऐसी दुर्गति भुगतनी होगी कि कई पीढ़ियाँ याद करेंगी। इसी कार्यक्रम में उन्होंने पाकिस्तान से विस्थापित 1645 परिवारों एवं पूर्व सैनिकों को भूमिधरी अधिकार पत्र वितरित किए।
गाजियाबाद घटना पर मुख्यमंत्री का रुख
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, 'जो अपनी नालायक औलाद को समझा नहीं पा रहा, वह गलती कर रहा है।' उन्होंने कुछ मौलवियों-मौलानाओं द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की माँग पर पलटवार करते हुए कहा कि गाय हमारी माता है — माता-पुत्र के संबंध के लिए किसी सरकारी घोषणा की आवश्यकता नहीं होती।
गोमाता और गंगा पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोमाता राष्ट्रमाता हैं और गंगा को माँ मानने के लिए किसी बाहरी परिचय की ज़रूरत नहीं। उन्होंने कहा, 'पशुवत तुम्हारी बुद्धि व सोच है, जो हमारी गोमाता को पशु बोलते हो। यह तुम्हारा दोगलापन है, जो गोकशी को प्रश्रय देते हो।' उन्होंने बकरीद के अवसर पर सोशल मीडिया पर गोमाता का चित्र लगाकर बधाई देने की प्रवृत्ति को लेकर भी आगाह किया।
विस्थापित परिवारों को भूमि-अधिकार
कार्यक्रम का एक अहम पहलू यह रहा कि मुख्यमंत्री ने 1946, 1947 और 1948 में पाकिस्तान में हुई धार्मिक हिंसा के कारण विस्थापित हुए हिंदू और सिख परिवारों की चौथी पीढ़ी को आज भूमि पर मालिकाना हक दिया। उन्होंने कहा कि अभी 1645 विस्थापित परिवारों यानी 8 से 10 हज़ार लोगों को भूमि के कागज मिले हैं और जो शेष हैं, उनके लिए भी कार्यवाही जारी है। पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह की विरासत का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि उनके उत्तराधिकारी कुंवर सुशांत सिंह इसे आगे बढ़ा रहे हैं।
बांग्लादेश और पाकिस्तान में हिंदुओं की स्थिति पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी 22 प्रतिशत से घटकर 7 प्रतिशत और पाकिस्तान में 14 प्रतिशत से घटकर महज 2 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि मौलवी-मौलाना इन देशों में हिंदुओं पर हुए अत्याचार पर कभी नहीं बोले, जबकि वक्फ के नाम पर भारत में हिंदुओं की जमीनों पर कब्जे पर चुप्पी साधे रहे।
पश्चिमी यूपी की कानून-व्यवस्था और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले रामनवमी, जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा और कांवड़ यात्रा जैसे त्योहार मनाना सपना हो गया था, लेकिन सरकार के कदमों से अब त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में बिना मत-मजहब देखे सभी को योजनाओं का लाभ दिए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने महात्मा विदुर की पावन धरती बिजनौर को नमन करते हुए कहा कि महाभारत की यह भूमि हमें सिखाती है कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। आगे भी सरकार की नीति स्पष्ट रहेगी — नागरिकों, गरीबों और बहन-बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।