पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने एनआईए पुलिस स्टेशन को दी मंजूरी, बढ़ते मामलों के बीच बड़ा फैसला
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल राज्य कैबिनेट ने 22 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के लिए राज्य में एक अलग पुलिस स्टेशन स्थापित करने के प्रस्ताव को औपचारिक मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक का निर्णय राज्य में एनआईए के बढ़ते कार्यभार की पृष्ठभूमि में आया है।
मुख्य घटनाक्रम
कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए राज्य के नगर निगम एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि पुलिस स्टेशन की स्थापना का कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी आवश्यक सरकारी औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। हालांकि, नए स्टेशन का सटीक स्थान अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है और शीघ्र ही इसकी घोषणा किए जाने की उम्मीद है।
एनआईए का वर्तमान ढाँचा
फिलहाल एनआईए का पूर्वी क्षेत्रीय मुख्यालय कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित साल्ट लेक में है, जहाँ से एजेंसी के समस्त परिचालन का संचालन किया जाता है। राज्य में मामलों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि के कारण एकमात्र केंद्र पर दबाव बढ़ता जा रहा था, जिसे देखते हुए एक स्वतंत्र पुलिस स्टेशन की आवश्यकता महसूस की गई।
राजनीतिक संदर्भ
राज्य मंत्रिमंडल के एक सदस्य के अनुसार, एनआईए पश्चिम बंगाल में कई संवेदनशील मामलों की जांच कर रही है — जिनमें तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार के कार्यकाल से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इसके अलावा एजेंसी कई नई जांचें भी शुरू कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में केंद्रीय एजेंसियों की सक्रियता को लेकर राजनीतिक बहस तेज है।
बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण
उसी कैबिनेट बैठक में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को बांग्लादेश के साथ लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट विभिन्न क्षेत्रों में भूमि सौंपने से संबंधित कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। गौरतलब है कि यह निर्णय सीमावर्ती सुरक्षा को मज़बूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।
आगे क्या होगा
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस स्टेशन के स्थान की घोषणा और निर्माण की समयसीमा शीघ्र ही स्पष्ट की जाएगी। नए पुलिस स्टेशन के चालू होने के बाद एनआईए की जांच क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार अपेक्षित है।