31 जुलाई 2026
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पश्चिम बंगाल को मिला पहला एनआईए पुलिस स्टेशन, कोलकाता के न्यू टाउन में होगा संचालन

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पश्चिम बंगाल को मिला पहला एनआईए पुलिस स्टेशन, कोलकाता के न्यू टाउन में होगा संचालन

सारांश

12 साल की प्रतीक्षा और पिछली सरकार की रुकावट के बाद, पश्चिम बंगाल को आखिरकार अपना पहला एनआईए पुलिस स्टेशन मिल गया। नई कैबिनेट ने सत्ता संभालने के तीन महीने के भीतर यह फैसला कर दिया — जो केंद्र-राज्य सुरक्षा सहयोग की दिशा में बड़ा बदलाव है।

मुख्य बातें

राज्य सचिवालय 'नबन्ना' ने 30 जुलाई 2026 को अधिसूचना जारी कर पश्चिम बंगाल के पहले एनआईए पुलिस स्टेशन के गठन की पुष्टि की।
थाना कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एनबीसीसी बिल्डिंग की 16वीं मंजिल पर स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट ने सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर 22 जुलाई को प्रस्ताव मंजूर किया।
पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल में यह प्रस्ताव लंबित रहा था।
एनआईए ने राज्य में जांच 2014 के खगरागढ़ धमाकों से शुरू की थी — 12 वर्ष बाद स्थायी थाना मिला।
अब राज्य के सभी एनआईए मामले दिल्ली की बजाय कोलकाता के इसी थाने से दर्ज होंगे।

पश्चिम बंगाल को 30 जुलाई 2026 को अपना पहला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पुलिस स्टेशन मिल गया। राज्य सचिवालय 'नबन्ना' ने गुरुवार को एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर इस पुलिस स्टेशन के गठन की पुष्टि की, जो कोलकाता के न्यू टाउन स्थित एनबीसीसी बिल्डिंग की 16वीं मंजिल पर संचालित होगा। इससे पहले 22 जुलाई को राज्य कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

मुख्य घटनाक्रम

राज्य के गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार, न्यू टाउन एनबीसीसी बिल्डिंग में एनआईए का कार्यालय पहले से ही स्थित है। अब उसी परिसर की 16वीं मंजिल पर पुलिस स्टेशन स्थापित किया जा रहा है। पश्चिम बंगाल से जुड़े सभी एनआईए मामले अब इसी थाने से दर्ज किए जाएंगे।

गौरतलब है कि इससे पहले राज्य में कोई एनआईए पुलिस स्टेशन न होने के कारण एजेंसी को पश्चिम बंगाल के मामलों में दिल्ली से प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करानी पड़ती थी। यह व्यावहारिक बाधा अब समाप्त हो गई है।

पुरानी सरकार की रुकावट और नई सरकार का कदम

एनआईए कथित तौर पर पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल से ही कोलकाता में अपना पुलिस स्टेशन स्थापित करने की योजना बना रही थी। हालांकि, तत्कालीन राज्य सरकार के सहयोग न करने के कारण यह प्रस्ताव अमल में नहीं आ सका और कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई।

राज्य में सरकार बदलने के मात्र तीन महीने के भीतर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पश्चिम बंगाल यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर हुई बैठक को भी इस निर्णय की पृष्ठभूमि के रूप में देखा जा रहा है।

एनआईए का पश्चिम बंगाल से पुराना नाता

एनआईए ने राज्य में अपनी जांच 2014 के खगरागढ़ बम धमाकों से शुरू की थी। उस घटना के 12 वर्ष बाद एजेंसी को पश्चिम बंगाल में अपना स्थायी पुलिस स्टेशन मिला है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में कट्टरपंथ और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की जांच में केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका लगातार बढ़ती जा रही है।

देश में एनआईए थानों का विस्तार

वर्तमान में एनआईए के पुलिस स्टेशन नई दिल्ली (मुख्यालय) के अलावा मुंबई, चेन्नई, रांची, कोच्चि और इंफाल जैसे शहरों में भी हैं। ये थाने केंद्रीय जांच एजेंसी को स्थानीय स्तर पर मामले दर्ज करने और जांच संचालित करने में सहायता करते हैं। कोलकाता में इस थाने की स्थापना से पूर्वी भारत में एनआईए की परिचालन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

आगे की राह

राज्य भर में एनआईए के सभी सक्रिय और भविष्य के मामले अब न्यू टाउन स्थित इस नए थाने के माध्यम से संचालित होंगे। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इससे पश्चिम बंगाल में आतंकवाद और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की जांच में तेज़ी आएगी और केंद्र-राज्य समन्वय भी बेहतर होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि राजनीतिक संकेत भी है — यह दर्शाता है कि नई राज्य सरकार केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग को प्राथमिकता दे रही है, जो पिछले डेढ़ दशक में अपवाद था। हालांकि, असली परीक्षा यह होगी कि क्या इस थाने की स्थापना से राज्य में लंबित एनआईए मामलों की जांच वास्तव में तेज़ होती है, या यह महज़ संस्थागत उपस्थिति तक सीमित रहती है। खगरागढ़ से लेकर अब तक के मामलों में जांच की गति पर सवाल उठते रहे हैं — नया थाना उन सवालों का जवाब देने का अवसर है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल का पहला एनआईए पुलिस स्टेशन कहाँ स्थापित किया गया है?
यह थाना कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में एनबीसीसी बिल्डिंग की 16वीं मंजिल पर स्थापित किया जा रहा है, जहाँ एनआईए का कार्यालय पहले से मौजूद है। राज्य के गृह विभाग ने 30 जुलाई 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की।
पश्चिम बंगाल में एनआईए थाना बनाने में इतनी देर क्यों हुई?
कथित तौर पर पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार ने इस प्रस्ताव पर सहयोग नहीं किया, जिससे अधिसूचना कभी जारी नहीं हो सकी। नई सरकार के सत्ता में आने के तीन महीने के भीतर कैबिनेट ने 22 जुलाई को इसे मंजूरी दे दी।
इस थाने से पश्चिम बंगाल में एनआईए की जांच पर क्या असर पड़ेगा?
अब तक राज्य में एनआईए को मामले दर्ज करने के लिए दिल्ली से एफआईआर दाखिल करानी पड़ती थी। नए थाने से यह बाधा समाप्त होगी और राज्य के सभी एनआईए मामले सीधे कोलकाता से दर्ज एवं संचालित होंगे।
पश्चिम बंगाल में एनआईए की जांच कब से चल रही है?
एनआईए ने राज्य में अपनी जांच 2014 के खगरागढ़ बम धमाकों से शुरू की थी। 12 वर्षों तक बिना स्थानीय थाने के काम करने के बाद एजेंसी को अब स्थायी परिचालन आधार मिला है।
देश में और कहाँ-कहाँ एनआईए पुलिस स्टेशन हैं?
नई दिल्ली स्थित मुख्यालय के अलावा एनआईए के पुलिस स्टेशन मुंबई, चेन्नई, रांची, कोच्चि और इंफाल में हैं। कोलकाता में थाने की स्थापना से पूर्वी भारत में एजेंसी की परिचालन उपस्थिति मजबूत होगी।
राष्ट्र प्रेस
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