अहमदाबाद में 158 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र, उपमुख्यमंत्री संघवी करेंगे वितरण
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी 13 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद के सोला स्थित SAL इंस्टीट्यूट में आयोजित 'भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र वितरण समारोह' में 158 शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपेंगे। यह समारोह अहमदाबाद जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया है और इसमें राज्य के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
किन्हें मिलेगी नागरिकता
समारोह में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के अंतर्गत 126 शरणार्थियों और जिला कलेक्ट्रेट के माध्यम से पंजीकृत 32 शरणार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित किए जाएंगे। ये सभी अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित हैं।
भारत सरकार ने 2016 और 2018 के गजट अधिसूचनाओं के ज़रिए जिला कलेक्टरों को 'नागरिकता अधिनियम 1955' की धारा-5 और धारा-6 के तहत इन तीन देशों के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का अधिकार प्रदान किया है।
अहमदाबाद जिले की उपलब्धि
2017 से 2025 के बीच 1,200 से अधिक आवेदकों को भारतीय नागरिकता प्रमाण पत्र देकर अहमदाबाद जिला इस मामले में देशभर में अग्रणी स्थान पर रहा है। आंकड़ों के अनुसार, यह लगातार बढ़ती प्रक्रिया गुजरात को नागरिकता वितरण में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करती है।
समारोह में कौन-कौन रहेंगे उपस्थित
इस अवसर पर शहरी विकास और शहरी गृह निर्माण राज्य मंत्री दर्शनाबेन वाघेला, अहमदाबाद के महापौर, स्थानीय सांसद और विधायकगण भी मौजूद रहेंगे। उपमुख्यमंत्री संघवी के साथ अन्य गणमान्य व्यक्ति संयुक्त रूप से प्रमाण पत्र सौंपेंगे।
गुजरात में औद्योगिक निवेश को भी मिली मंज़ूरी
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में हुई उच्च स्तरीय समिति की बैठक में 25 अतिरिक्त औद्योगिक इकाइयों को सहायता स्वीकृत की गई है। इस निर्णय से ₹3,903.30 करोड़ का निवेश होगा और 8,178 से अधिक नए रोज़गार के अवसर सृजित होंगे।
संघवी ने कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहित करने की यह प्रतिबद्धता गुजरात को देश के अग्रणी निवेश और उद्योग केंद्र के रूप में और मज़बूत बनाएगी। गौरतलब है कि गुजरात लंबे समय से 'वाइब्रेंट गुजरात' जैसे मंचों के ज़रिए घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित करता रहा है।
आगे क्या
नागरिकता प्रमाण पत्र मिलने के बाद ये 158 व्यक्ति भारतीय नागरिक के रूप में मतदान, संपत्ति स्वामित्व और सरकारी सेवाओं सहित सभी संवैधानिक अधिकारों के हकदार हो जाएंगे। CAA और कलेक्ट्रेट दोनों मार्गों से नागरिकता देने की यह समन्वित प्रक्रिया अन्य जिलों के लिए भी एक मिसाल पेश कर सकती है।