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22 जून 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त सुबह 11:36 से 12:28 बजे तक, सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश

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22 जून 2026 पंचांग: अभिजित मुहूर्त सुबह 11:36 से 12:28 बजे तक, सूर्य का आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश

सारांश

22 जून 2026 को सूर्य मृगशिरा से आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे — यह दिन का सबसे बड़ा ज्योतिषीय घटनाक्रम है। अभिजित मुहूर्त सुबह 11:36 से 12:28 बजे तक शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम है। त्रिग्रही और लक्ष्मी योग भी इस दिन को विशेष बनाते हैं।

मुख्य बातें

22 जून 2026 (सोमवार) को ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी तिथि दोपहर 3:40 बजे तक रहेगी, इसके बाद नवमी प्रारंभ होगी।
अभिजित मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक — शुभ कार्यों के लिए सर्वश्रेष्ठ समय।
सूर्य इस दिन मृगशिरा नक्षत्र से आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे।
इस दिन 'त्रिग्रही योग' और 'लक्ष्मी योग' बन रहे हैं।
राहुकाल सुबह 7:08 से 8:53 बजे , गुलिक काल दोपहर 2:05 से 3:49 बजे और यमघण्टकाल 12:20 से 2:04 बजे तक — इन समयों में नए कार्य वर्जित।
पूर्व दिशा में दिशाशूल — इस दिशा में यात्रा से बचने की अनुशंसा।

हिंदू काल-गणना पद्धति के अनुसार 22 जून 2026 (सोमवार) का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि दोपहर 3:40 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात नवमी तिथि प्रारंभ होगी। साथ ही इस दिन एक दुर्लभ नक्षत्र परिवर्तन भी हो रहा है, जो इस तिथि को और भी उल्लेखनीय बनाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्र स्थिति

पंचांग के अनुसार 22 जून 2026 को सूर्योदय सुबह 5:46 बजे और सूर्यास्त शाम 7:11 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर 12:49 बजे और चंद्रास्त रात 12:47 बजे होगा। चंद्रमा इस दिन हस्त नक्षत्र में स्थित रहेंगे, जबकि सूर्य मिथुन राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में विराजमान हैं।

नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य का आर्द्रा में प्रवेश

इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटनाक्रम यह है कि सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र 'आर्द्रा' में प्रवेश करेंगे। यह नक्षत्र परिवर्तन वैदिक ज्योतिष में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। गौरतलब है कि आर्द्रा नक्षत्र वर्षा ऋतु के आगमन से भी जुड़ा है और इसका प्रभाव मौसमी बदलाव पर भी पड़ता है।

शुभ मुहूर्त और योग

यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं, तो अभिजित मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा। यह दिन का सर्वाधिक शुभ और शक्तिशाली समय माना जाता है — इस अवधि में नए कार्य की शुरुआत, पूजा-पाठ या महत्वपूर्ण निर्णय लेना अत्यंत फलदायी बताया जाता है। इस दिन 'त्रिग्रही योग' और 'लक्ष्मी योग' का निर्माण हो रहा है, जबकि हर्षण योग और वज्र योग इस दिन नहीं हैं।

अशुभ काल: राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार 22 जून 2026 को राहुकाल सुबह 7:08 बजे से 8:53 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 2:05 बजे से 3:49 बजे तक और यमघण्टकाल दोपहर 12:20 बजे से 2:04 बजे तक रहेगा। इन तीनों कालों में नए कार्य प्रारंभ करने से बचने की सलाह दी जाती है क्योंकि इन्हें अशुभ समय माना जाता है।

दिशाशूल और यात्रा संबंधी सावधानी

ज्योतिष और वास्तु के अनुसार 22 जून 2026 (सोमवार) को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। इस दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय उपायों का पालन करने की परंपरागत अनुशंसा है। आने वाले दिनों में पंचांग देखकर ही यात्रा और शुभ कार्यों की योजना बनाना उचित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

और Google Discover पर इनकी माँग निरंतर बनी रहती है। 22 जून का दिन सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र प्रवेश के कारण ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष है, जो वर्षा ऋतु के संकेत से भी जुड़ा है। यह पंचांग सामग्री तथ्यात्मक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है; पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय के लिए किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श करें।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

22 जून 2026 को अभिजित मुहूर्त कब से कब तक है?
22 जून 2026 को अभिजित मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक रहेगा। यह दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है, जिसमें नए कार्य, पूजा या महत्वपूर्ण निर्णय लेना फलदायी होता है।
22 जून 2026 को राहुकाल का समय क्या है?
22 जून 2026 (सोमवार) को राहुकाल सुबह 7:08 बजे से 8:53 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस समय में कोई नया या शुभ कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए।
22 जून 2026 को कौन से योग बन रहे हैं?
22 जून 2026 को 'त्रिग्रही योग' और 'लक्ष्मी योग' बन रहे हैं। इस दिन हर्षण योग और वज्र योग नहीं हैं।
22 जून 2026 को सूर्य किस नक्षत्र में प्रवेश करेंगे?
22 जून 2026 को सूर्य देव मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र 'आर्द्रा' में प्रवेश करेंगे। यह नक्षत्र परिवर्तन इस दिन का प्रमुख ज्योतिषीय घटनाक्रम है।
22 जून 2026 को किस दिशा में यात्रा से बचना चाहिए?
22 जून 2026 (सोमवार) को पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष और वास्तु के अनुसार इस दिन पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए; यदि यात्रा अनिवार्य हो तो ज्योतिषीय उपायों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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